Saturday, October 31, 2009

गंगाराम कांग्रेस से निकले गए

निजामाबाद ,निजामाबाद के जुक्कल विधान सभा क्षेत्र से दो बार कांग्रेस से विधायक रहे सौदागर गंगाराम को आन्ध्र प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष धरमपुरी श्रीनिवास ने शनिवार को पार्टी के खिलाफ बोलने के आरोप में पार्टी से निकल दिया है.पता हो की मुख्यमंत्री डॉ.राज शेखर रेड्डी के निधन के बाद निजामाबाद की एक सभा में बोले हुवे श्री गंगा राम ने कहा था की पार्टी है कमान यदि डी.श्रीनिवास को मुख्या मंत्री बनती है तो में आत्महत्या करलूँगा.उनके इस बयां की प्रदेश में काफी चर्चा भी हुई थी ,जिसके चलते प्रदेश कांग्रेस के मुखिया डी.श्रीनिवास ने शनिवार को उन्हें पार्टी से ही बहार कर दिया .उल्लेखनीय है की डी.श्रीनिवास तिन पहले ही दिल्ली में पार्टी प्रमुख श्रीमती सोनिया गाँधी से मिल कर लौटे हैं.उधर राज शेखर के बेटे जगन मोहन भी सोनिया गाँधी से मिलकर वापस आयें हैं.गंगाराम जगन को मुख्या मंत्री के पद पर देखना चाहते थे. जिस पर पार्टी है कमान ने अपनी मुहर नहीं लगे.बटन उचित होगा की गंगा राम निजामाबाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इन लाइनों के लिखे जाने तक गंगाराम से सेल पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने फोन लिफ्ट नहीं किया.

Friday, October 30, 2009


अब नांदेड के रेलवे स्टेसन पर लगी आग





अब नांदेड के रेलवे स्टेसन पर लगी आग
नांदेड ! जयपुर के आग की लों अभी ठंडी भी नहीं पड़ी की अब नांदेड के रेलवे गोदाम मे आग लगाने की खबर आ रही है .खबरों के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर बाद रेलवे के गोदाम में रखे यूरिया के गोदाम में अचानक आग लग गई ,जिसमें लाखों का यूरिया जल कर खाक हो गया है. नादेड रेलवे के डी.आर .एम् के मुताबिक चार सदस्यों की एक जाच कमिटी बना दी गई है,जिसकी रिपोर्ट आते ही करवाई सुरु की जाएगी.खबर लिखने तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था.दो दमकल की गाडियां आग बुझाने का प्रयास कर रही थी.साथ में स्थानीय लोग भी अपना सहयोग दे रहे थे.विस्तृत जानकारी मिलते ही समाचार को अपडेट किया जायेगा ,यह प्रारम्भिक जानकारी के लिए दिया जा रहा है.
संपादक,
आप की न्यूज


Sunday, October 25, 2009

हिंसा नहीं, विकास मुद्दा है:

माओवादी कवि वरवर राव


वरवर राव को भारतीय माओवादियों के संघर्ष का प्रवक्ता कहा जाता है, सरकारी दावा है कि वे सशस्त्र माओवादियों के नीतिकार हैं। लेकिन वरवर राव इन सब विशेषणों से अलग अपने को क्रांतिकारी कवि कहलाना पसंद करते हैं. 1940 में आंध्र-प्रदेश के वारंगल में जन्मे वरवर राव ने कोई 40 सालों तक कॉलेजों में तेलुगू साहित्य पढ़ाया है और लगभग इतने ही सालों से वे भारत के सशस्त्र माओवादी आंदोलन से भी जुड़े हुए हैं. सत्ता के खिलाफ लिखने-पढ़ने, संगठन बनाने और पत्र-पत्रिकायें प्रकाशित करने वाले वरवर राव टाडा समेत देशद्रोह के आरोप में लगभग 8 साल तक जेल में रहे हैं. 2001-02 में तेलुगू देशम और 2004 में कांग्रेस पार्टी ने जब माओवादियों से शांति वार्ता की पेशकश की तो वरवर राव को मध्यस्थ बनाया गया था. इस लंबी बातचीत में वरवर राव ने बस्तर और विनायक सेन से लेकर आंध्र के माओवादी विद्रोह तक के अपने रिश्तों पर विस्तार से चर्चा की है, जिसे यहां हम अविकल रुप से प्रस्तुत कर रहे हैं.
• छत्तीसगढ़ का बस्तर आज युद्द क्षेत्र में बदल गया है. लाखों आदिवासी बंदूक के निशाने पर हैं. बस्तर और छत्तीसगढ़ से आपका कैसा रिश्ता रहा है ? बहुत सारी यादें हैं. एक बार की यात्रा मुझे अभी याद आ रही है. हम लोग बस्तर और रायपुर की यात्रा पर थे एक बस में सांस्कृतिक दल के साथ. हमारे साथ बहुत सारे साथी थे. हमें किसी ने बुलाया नहीं था, हम खुद आये थे. कार्यक्रम करते-करते हम कांकेर पहुंचे और वहां प्रोग्राम करने के बाद रात को एक स्कूल में सो गये. तो रात शायद दो बजे पुलिस आके उठा के मुझे और गदर को फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में ले गई. तो फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में एसपी और कलेक्टर दोनों ही बैठे थे. तो पूछते हैं कि आप यहां क्यों आए हैं ? कहा- कल्चरल टीम है, ऐसे ही प्रोग्राम देते हुए आए हैं. आदिवासी इलाका है, आदिवासी के बारे में तो हमको दिलचस्पी है. उनके बारे में ही हम लिखते हैं, भाषण देते हैं. तो हम, क्योंकि हमारी समझ है कि जल, जंगल, ज़मीन उनको ही होना चाहिए. तो एक बहुत लंबा discussion, तीन घंटे लंबा discussion किया है. बार-बार उनका कहना एक ही है कि आपका जो लीडर है कोंडापल्ली सीतारमैय्या है. वो आंध्रा के कृष्णा जिले का है. वहां वो बहुत ज़मीन है उसके पास. वो तो बहुत हिफाज़त किया है और यहां आके आपके आंध्रा लोग, यहां आकर आदिवासी लोगों की ज़मीन छीनना चाहते हैं. वो आदिवासी का बहाना लेकर लोगों की ज़मीन छीनना चाहते हैं. और ये मध्य प्रदेश को आप बांटना चाहते हैं. मध्य प्रदेश और दंडकारण्य में बांटना चाहते हैं. ये जो है, हम यह नहीं कह रहे है. हम ये कह रहे हैं कि जो आदिवासी, वैसे तो संविधान ही sixth schedule में रखा है उनको. आदिवासी की independent councils बना सकते हैं. और चाहें तो अलग राज्य दे सकते हैं. बाद में जो हुआ है छत्तीसगढ़ में, देखा जाए तो. ये कहा हमने, ये कह कर फिर... खैर वो तो जेएनयू बैकग्राउंड वाले थे लोग. इसीलिए बहुत सी बातें करके भेज दिए. वहां से निकले और आए हैं भिलाई में ठहरे. भिलाई में, भिलाई स्टील प्लांट में हो या कहीं बाहर भी हो, आंध्रा से आए हुए लोग बहुत होते हैं. खासकर ये नार्थ कांगरा से सीतापुरम में लोग आकर काम करने वाले मज़दूरी करने वाले होते हैं. तो उनके क्वाटर्स में रहे हैं और प्रोग्राम दे रहे थे. तो भिलाई के स्टील प्लांट के सामने प्रोग्राम देने के लिए ऐसे ही एक समय में निकले थे कुछ लोग. मैं press conference करने के लिए दुर्ग गया था. जब press conference कर रहे थे तो मुझे फौरन दुर्ग में information आई कि हमारे टीम के सदस्यों को arrest किए हैं. मैं वहीं press conference करके मैं वापस आया हूं, तब तक एक बस तैयार किए हैं पुलिस वाले, अपना एक वैन. दो बसें, हम जो बस लेकर आए वो बस बीच में रखे. पीछे एक पुलिस वैन, सामने एक पुलिस वैन रखे. हमको extermination orders दे कर कोंटा के रास्ते से लाकर वहीं भद्राचलम में छोड़ दिए. ये 1990 का experience है आपके रायपुर का. • ये यात्रा किस तरह की रही ?बहुत अच्छा रास्ता जंगल का. और लौटते समय में हम घने जंगल में. तब तो घने जंगल थे (1990 की बात बोल रहा हूं. 19 साल पहले.) तो वहां एक Red Flag रख कर हमने लिखा कि हम इस जंगल से गुज़रे हैं और इस जंगल से आ रहे हैं, कोई यहां फिरने वाले लोग ये देखें तो हमारी ये इच्छा है कि लाल झंडा जंगल में नहीं लाल किले पर भी लहराएगा एक दिन. ये लिखकर वहां, पत्थर पर लिख के वो झंडा रखकर चले गए. वो पहली, पहली नहीं वो एक बहुत खास याद है जो रायपुर आने की. वैसे तो रायपुर में intellectual level पर और लेखक होने के कारण से और भी लोग हमारे पास भी आए थे. Seminars में आए थे विनायक सेन हो या इलीना सेन हो. इलीना सेन Feminist Movement में रह कर हैदराबाद आती थीं, वारंगल में आती थीं. और जो किशोर भारती ग्रुप था पहले आपका, अनिल सदगोपाल, ये सब लोगों से हमारा बहुत संबंध था. हम “सृजना” बोल कर एक literary magazine निकालते थे 1966 से लेकर 1992 तक. 26 साल हमने ये मैगज़ीन निकाली. उसमें सीवी सुब्बाराव नाम के हमारे मैगज़ीन में काम करने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक लेक्चरर थे और पीयूडीआर में काम कर रहे थे. उन्होंने हमको दिल्ली में हो, रायपुर में हो, कलकत्ता में हो, बहुत से literary interests रखने वाले बुद्धिजीवियों के नंबर दिए थे. तो ये किशोर भारती ग्रुप के वजह से भी हमारे कई संबंध आए थे. तो उससे परिचय था. और वैसे ही सुरेंद्र परिहार, Anthropology के professor जो retire हुआ शायद. वो बहुत ही debate करता था, उनसे भी मिले. और झा, जो अभी arrest हो गए प्रफुल्ल झा, उनसे भी परिचय था. तो वो लोग मिलते थे. वो लोग Press Conference करते थे. तो वो एक हुआ. दूसरी बार हुआ कि हमारा All India League for Revolutionary Culture (AILRC) बोलकर एक Association है. जैसा कि आंध्रा में Viplava Rachayitala Sangham (VIRASAM – Revolutionary Writers’ Association) है, उसको हम 1983 में बनाया, 1981 से कोशिश कर रहे थे, 1983 में बना है. तो यहां का जो सांस्कृतिक मंच था, हमारा उसमें एक constant unit था. तो उसमें एक समय क्या नाम क्या है लक्ष्मण देशमुख था, कोई आदिवासी गायक और सुशांत कुमार साहा था. नहीं रहा शायद वो. भिलाई का रहने वाले था. वैसी एक टीम थी यहां हमारी. वैसे ही वो सुशांत कुमार साहा को arrest किया था और एक पुलिस स्टेशन के उपर हमला होकर हथियार ले गए थे. मानपुर पुलिस स्टेशन के हमले में उसको रखा था, accused किया था. तो वो तो इतना भी नहीं था. तो मैंने आकर उसको लिए bail डलवाई. तो राजेंद्र सायल से भी परिचय था तो उनके पास, विनायक सेन के पास, सुरेंद्र परिहार के पास रहकर, 15 दिन रहा मैं रायपुर में. रायपुर, दुर्ग, भिलाई. वो कोर्ट जो दुर्ग कोर्ट था, वो तो रोज़ाना रायपुर में रहना, रोज़ाना दुर्ग जाना. मुझे ये बहुत याद है।
साभार:रविवार डाट कम
http://www.raviwar.com/

Wednesday, October 21, 2009

महाराष्ट्र का मुख्य मंत्री


महाराष्ट्र का मुख्य मंत्री कांग्रेस

का ही होगा :सांसद मधु यास्की

निजामाबाद: निजामाबाद के सांसद मधु यास्की का दावा है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्य मंत्री कांग्रेस का ही होगा ,उन्हों ने इस बात से भी इंकार नहीं किया कि अशोक राव अगले मुख्य मंत्री नहीं होंगे।उनका कहना था कि वह युवा हैं , उन्हों ने अपने कार्यकाल में जितने भी काम किये हैं ,उसकी सभी ने सरहाना कि है. बुधवार कि देर रात "आप कि न्यूज " से बात करते हुवे उन्हों ने कहा कि सन ००४ कि अपेक्क्षा इस बार महाराष्ट्र में कांग्रेस को और अधिक सीटें मिलेंगी .
श्री यास्की ने आगे कहा कि पार्टी हाई कमान पर निर्भर करता है कि वह किसे वहाँ का मुखिया बनती हैं.उनका कहना था कि इस बार वहाँ के चुनाव में कि को मुख्य मंत्री के लिए प्रोजेक्ट नहीं किया गया.इससे आप समझ सकते हैं कि मुख्य मंत्री कोन हो सकता है .बस थोडा सा इंतजार कीजिये ,परिणाम कल (गुरुवार) दपहर तक तो आ ही जायेगा.जब उनसे आंध्र प्रदेश के सन्दर्भ में यह पूछा गया कि मुख्य मंत्री के लिए वाई यस के बेटे जगन के नाम के बारे ने पूछा गया तो श्री यास्कीने कहा कि पार्टी हाई कमान ने तो अभी तक इसी कोई बात नहीं कही है,देखिये पार्टी हाई कमान ही इस पर अपना कोई बयां डे सकता है.हम लोग कुछ नहीं कह सकते हें ।
वाई यस के निधन के बारे में उनका कहना था कि इसके लिए काफी हद तक राज्य सरकार भी दोषी है,इसी लिए में ने कल हैदराबाद में यह बात कही है कि प्रदेश कि गृह मंत्री को नैतिकता के अधर पर अपना पद छोड़ देना चाहिए .क्योंकि उनका दायित्व बनता है कि उडान से पहले संबंधित विभाग हेलीकाप्टर कि जाँच क्यों नहीं की ।

आप कि न्यूज संवाददाता

Sunday, October 18, 2009

खबरें अभी -अभी

एशिया का सबसे लंबा

फ्लाई ओवर ब्रिज
जी हाँ चोकियें नही ,यह सच है कि एशिया का सबसे लंबा ओवर ब्रिज हैदराबाद में बनाया गया है.जिसका नाम दिया गया है स्वर्गीय प्रधान मंत्री पी .वी.नर्सिहमाराव एलिवेटेड एक्सप्रेस हाई-वे .जिसकी लम्बाई ११.६३३ किलोमीटर है.इस पुल के निर्माण पर ६०० करोड़ कि लगत आई है.यह पुल मेहँदीपट्टनम से शुरू हो कर आराम घर तक जाता है.इस पुल पर केवल कार ,बस व वेन अदि के ही चलने कि अनुमति आंध्र प्रदेश सरकार ने दी है.जिससे शमसाबाद हवाई अड्डे जाने वालों को कोई तकलीफ न हो.इस पुल पर पैदल ,साईकिल व ऑटो से नही जाया जा सकेगा .अति ४० किलोमीटर से ले कर ६० किलोमीटर तक कि ही निर्धारित कीगई है.जिसका शुभारम्भ सोमवार १९ अक्तूबर को आन्ध्र की मुख्या मंत्री के.रोश्य्या के कर कमलों से हुआ ।
आपकी न्यूज सवांददाता
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सड़क दुर्घटना में आठ लोंगो

की मौत ,सभी नांदेड के
निजामाबाद (आप की न्यूज )19 अक्तूबर :जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर करीमनगर जिले के जग्तायल तहसील के पास हुई एक सड़क दुर्घटना में महाराष्ट्र के नांदेड जिले के आठ लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई,जब नादेड के लोग टाटा सूमो में गोदावरी के तट पर स्थित भगवन लक्ष्मी नरसिंहमाँ स्वामी के मंदिर जा रहे थे. तभी करीम नगर के जगत्यल तहसील के पास विपरीत दिशा से आ रही सीमेंट से भरी लारी से आमने-सामने की टक्कर हो गई.
घटना स्थल से हिंदी दैनिक स्वतंत्र वार्ता के संवाददाता के.नरेश के मुताबिक ड्राइवर सहित आठ लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई.जब की दो की हालत गंभीर बनी है. हादसा इतना भयानक था की लोगो के शव दूर-दूर तक जा गिरे थे. मृतकों में अलका राव(१२).माधुरी(४०) ,रेणुका तानेकर(२०) ,शांति बाई(७५),आनंद राव(२२),एल.राव (५०),प्रह्लाद राव(८०) एवं ड्राइवर (जिसका नाम का पता नहीं चल सका है) शामिल हैं.इस हादसे मे. पॉँच लोग गम्भीर घायल हुवे हैं जिनमे दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है,जिनके नाम हैं सविता(५०),भले राव ,सुमिता गजानंद एवम सुनीता. सविता को हेदराबाद भेज दिया गया है,जबकि सुमिता का इलाज जगत्यल के सरकारी अस्पताल में किया जा रहा है.

Saturday, October 17, 2009

दीपावली की शुभ कामनायें

दीपावली की रात नांदेड (महाराष्ट्र )स्थित गुरुद्वारा सचखंड हुजुर साहेब के परिसर में अरदास करने आए भक्त मोमबत्ती जला कर दीपावली मानते हुवे.पार्श्व में रंगीन प्रकाश से जगमाता गुरुद्वारा भवन.
फोटो : नरेन्द्र गदाप्पा
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दीपक की शुभ रोशनी में ,
तम का अँधेरा मिट जाये I
सुख समृद्ध के अलोक तले ,
शुभ लाभ चारों ओ़र छा जाये II
दीपावली की शुभ कामनायें
प्रिय पाठकों ,
प्रणाम
आज हम सबों ने असत्य पर सत्य की विजय का पावन पर्व " दीपावली " उल्लास के साथ मना लिया ,केवल हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में खरबों के पटाखे जला कर एक बार और पर्यावरण को प्रदूषित कर दिए,केवल अपने कुछ देर के सुख के लिए. एक ओर हम पथके जला रहे थे वहीँ दूसरी ओर हिंद महा सागर में स्थित केवल 278वर्ग किलो मीटर में फैला एक छोटे से देश " मालदीव " ने अपने कैबिनेट की एक बैठक ग्लोबल वार्मिंग के खतरों को रेखांकित करने के लिए समुन्द्र के नीले पानी के बीच आयोजित की.जिसकी अगुवाई वहां के राष्ट्रपति मोहमद नशीद ने की .जो सफल रहा.इस बैठक का केवल इतना उद्देश्य था की सन २१०० तक समुद्र का जल स्टार 18से 60 सेंटीमीटर तक बड जायेगा,और उस समय तक मालदीव समुद्र में डूब जायेगा.उन्हें चिंता अपने देश की,पर्यावरण की,ओंर हम मनोरंजन के लिए वातावरण को दूषित कर तली पीट रहें हैं. अगर पटाखों पर खर्च की जाने वाली राशिः को गरीबों के उत्थान व शिक्षा पर लगाई जाये तो हम देश की गरीबी में कुछ हाथ बटा सकते हैं. ख़ैर यह तो अपने -अपने सोचने की बात है.पर मॉलदिव सरकार से हमें सबक लेनी चाहिए .
मित्रों,
"आप की न्यूज " में हमारा प्रयास है की हम अपने पाठको को स्थानीय खबरों को पहुचाएं,शुरु में समय लगेगा ,लेकिन आप को विश्वास दिलाते हैं की आप को नियमित खबरें मिलती रहेंगी. में आभारी हूँ भिलाई के भाई बी.एस .पाबला ,कोच्ची के चन्दन कुमार झा ,दरभंगा के हितेंद्र कुमार गुप्ता कोलकत्ता के मनोज कुमार सोनी ,अमनपुर के ललित शर्मा व नईदिल्ली के अमित के. सागर जी का ,जिन्होंने मेरा होसला अफजाई किया है.
आप का अपना
आप की न्यूज
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Friday, October 2, 2009

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