Tuesday, January 19, 2010

महिला के पेट से निकला
25किलो का अंडाशय
निज़ामाबाद (आंध्र प्रदेश )चिकित्सा के क्षेत्र में मंगलवार कों निज़ामाबाद के इतिहास में अजूबा देखने कों मिला ,जब एक महिला के पेट से डाक्टरों ने शल्यक्रिया के बाद उसके पेट से २५ किलो का मांस का एक गोला निकला . जिसे डाक्टरी भाषा में ओवरियन किस्ट अर्थात अंडाशय कहा जाता है.निज़ामाबाद के वरिष्ठ शल्य चिकिस्तक डॉ . संजीव सिंह यादव ने बताया कि उन्हों ने अपने सहयोगी डाक्टरों कि एक टीम के साथ लगभग एक घंटे के आपरेशन का बाद महिला के पेट से एक मांस का लोथड़ा निकला जिसका वजन पच्चीस किलो से अधिक है. डॉ यादव के साथ डॉ मोती लाल (सहायक )एवम डॉ सूर्य नारायण भी आपरेशन में शामिल थे.आपरेशन के बाद मरीज श्रीमती सुजाता पूरी तरह से स्वस्थ हैं.४७ वर्षीय सुजाता ने बताया कि उन्हें पेट में कई सालों से दर्द उठता रहा ,लेकिन उन्होंने उसे सामान्य तरह से लिया. बीते एक साल से जब जयादा होने लगा तो उन्हों ने कई डाक्टरों कों दिखाया ,जिन्होंने कैंसर होने कि बात बताई. हल ही में एक डाक्टर नें कैंसर कि बात बता कर हैदराबाद के एक बड़े अस्पताल कों रिफर कर दिया.इस बीच सुजाता कि एक परचित ने डॉ संजीव सिंह यादव कों इसकी जानकारी,डॉ यादव ने सुजाता का चेकआप करने के बाद उसे आपरेशन करवाने कि सलाह दी.जिस पर सुजाता व उसके परिवार वाले तैयार हो गए.आपरेशन के लिए मंगल वार का दिन निश्चित किया गया .डॉ सिंह बताते हैं कि उनहोने आज सुबह पूरे एक घंटे कि मशकत के बाद सुजाता के पेट से वह गांठ निकली
उनहोने बताया कि ताजुब इसबात का है कि वह इतने दिनों से इतना भरी बोझ लेकर घुमती रही,और उसे अधिक तकलीफ भी नहीं हुई.नहों ने बताया कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि उसे कैंसर नहीं है,जिसके लिए हैदराबाद जाँच के लिए भेजा गया है.डॉ सिंह ने बाते कि सुजात का दाहिना अंडाशय निकल दिया गया है, अब बायाँ अंडाशय बचा है यह पूछे जाने पर कि क्या सुजात माँ बन सकती है? इस पर डॉ यादव का कहना था कि वह बाल बच्चे वाली महिला है,इस लिए इसकी कोई जरुरत भी नहीं है,उम्र भी हो चुकी है.फिर भी गर्भाशय के साथ -साथ उसा बायाँ अंडाशय बिलकुल ठीक है.आश्चर्य कि बात यह है कि आम तुर पर एक गर्भवती महिला के पेट में तीन से चार किलो वजन का विकसित शिशु होता है ,जिसके लिए वह कितना तकलीफ उठती है,वहीँ सुजाता के पेट में २५ किलो वजन का भार होते हुए भी वह आराम से काम निपटाती रही .यह खबर फैलते ही निज़ामाबाद के जिला अस्पताल में लोंगों कि भीड़ लाग गई।
प्रदीप श्रीवास्तव

2 comments:

  1. बाप रे बाप आश्चर्य......

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  2. बहुत अजीब है यह भारत की महिलाआे की सहन शक्ति काबिले तारीफ है पर मर्ज बढाना समझदारी नही।

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