Wednesday, March 31, 2010

पैनकार्ड नहीं बनवाने पर

देना होगा ज्यादा टैक्स

निज़ामाबाद. काल यानि 1 अप्रेल के बाद से जिन लोगों के पास पैनकार्ड नहीं होंगे, उन्हें अब 20 प्रतिशत ज्यादा टैक्स देना होगा। पिछले बजट में यह प्रावधन किया गया था। इसके पीछे सरकार का मकसद लोगों को पैन कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित करना है। पैनकार्ड बनवा लेने पर वह टैक्स अथॉरिटी के दायरे में आ जाएगा। भारत का टैक्स बेस केवल 3.3 करोड़ है, इसका कारण आय की सूचना न देना और आय में छूट के कई प्रावधानों का होना है।पैन कार्ड बनवा लेने के बाद टैक्स से बच निकलने का रास्ता नहीं रह जाएगा। जहां एक ओर सरकार के लिए पैनकार्ड बनवा लेने के फायदे हैं वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार पैन कार्ड धारक वरिष्ठ नागरिकों पर इससे अनावश्यक बोझ पड़ेगा।वरिष्ठ नागरिक फॉर्म 15 एच भरकर टीडीएस में छूट पा लेते हैं, लेकिन यदि नए नियमों के लागू होने के बाद उनके पास पैनकार्ड नहीं होगा तो उन्हें 20 प्रतिशत टीडीएस भरना होगा। जो लोग टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं उन्हें भी पैनकार्ड बनवाना होगा। वहीं टैक्स दायित्व नहीं होने पर उन्हें इसके लिए रिटर्न फाइल कर क्लेम करना होगा।नए नियमों का पालन नहीं करने पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 8 करोड़ पैनकार्ड आयकर विभाग जारी कर चुका है। परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन नंबर) आयकर विभाग यूटीआईटीएसएल और एनएसडीएल की मदद से जारी करता है। इस नए नियम के अंतर्गत भारतीय नागरिक से एक बार भी ट्रांजेक्शन करने वाले एनआरआई को भी पैन कार्ड बनवाना होगा।

पंजाब विजय दिवस पर नांदेड
से निकली विशेष यात्रा

नांदेड( महाराष्ट्र ) - मंगलवार ३० मार्च की दोपहर १२ बजे नांदेड के गुरुद्वारा बंदाघाट स्थान से पंजाब विजय दिवस के त्रि -शताब्दी अवसर पर एक विशेष यात्रा निकाली गई जिसमे अकाल तख्त साहेब के जथेदार ज्ञानी गुरबचन सिंघजी, तख्त केश गढ़ साहेब आनंदपुर साहेब के जथेदार त्रिलोचन सिंह, तख्त पटना साहेब के जथेदार ज्ञानी इक़बाल सिंह जी, तख्त सचखंड साहेब नांदेड के जथेदार संतबाबा कुलवंत सिंह जी, मीत जथेदार संत बाबा ज्योतिंदरसिंह जी, पंजप्यारे साहिबान, बाबा हरनाम सिंह जी दमदमी टकसाल, संत बाबा बलविंदर सिंह जी कारसेवा वाले, संत बाबा नरिंदर सिंह जी कारसेवावाले, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष अवतारसिंह जी मकड़, डी. पी. सिंह, और पुंजाब से आये हुए पधाधिकारी उपस्थित थे।यह यात्रा नांदेड के बंदाघाट से निकलकर नगीना घाट, लंगर साहेब ,होते हुवे तख्त सचखंडहुजुर साहेब पहुंचीजहाँ से आगे के लिए निकल कर गुरद्वारा मॉल टेकडी साहेब से होते हुवे बसमत के दमदमा साहेब पहुंची. रस्ते मेंइस यात्रा का जगह -जगह पर भव्य स्वागत किया गया. यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे .

रविंदर सिंह मोदी.

Sunday, March 28, 2010


अंतर्राष्ट्रीय
पर्यटकों को आकर्षित

करने हेतु हरसंभव प्रयास : रोशय्या

निजामसागर में वृंदावन गार्डन की

तर्ज पर पार्क बनेगा :गीता रेड्डी

निज़ामाबाद । मुख्यमंत्री केरोशय्या ने राज्य के पर्यटन विभाग तथा आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम से ऐसी परियोजनाएं तैयार करने को कहा है कि जिनसे पर्यटन को प्रोत्साहन तथा ब़डे पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होसके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन एक उद्योग है, जिसमें कुशल व्यवसायियों, अकुशल मजदूरों तथा निरक्षर लोगों के रोजगार की ब़डी संभावनाएं हैं। हमें राज्य में पर्यटन क्षेत्र का विकास प्राथमिक क्षेत्र के रूप में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि पर्यटन में मात्र १० लाख के निवेश से ७८ लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है, जबकि अन्य उद्योगों में मात्र १८ को। इस बात का फायदा उठाते हुए हमें जहां पर भी संभव है रोजगारोन्मुखी पर्यटन परियोजनाआें को विकसित करना चाहिए।उन्होंने बताया कि पर्यटकों को अकर्षित करने के लिए पूरे देश में तथा विश्व के प्रमुख शहरों में पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए रोड शो आयोजित करने की सरकार की योजना है। उन्होंने इस प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी है। मुख्यमंत्री ने एक अन्य प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत अगले वर्ष ‘विजिट आंध्र प्रदेश’ बनाना है। इस वर्ष के दौरान विदेशी तथा घरेलू पर्यटकों पर केंद्रित आकर्षक पर्यटन पैकेज दिये जायेंगे तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हैलीपर्यटन, तीर्थ पर्यटन, समुद्र तट पर्यटन को शीर्ष प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में आंध्र प्रदेश प्रथम स्थान पर है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के मामले में हम पिछ़डे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन मंत्री डॉजेगीता रेड्डी से कहा कि वे १,००० किलोमीटर लंबी तटीय रेखा (देश में सबसे ब़डी) को विकसित करने का प्रयास करें। इसके साथ ही वे अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों जैसे तिरुपति, श्रीशैलम, भद्राचलम, अन्नावरम, सिम्हाचलम आदि को भी और अधिक विकसित करें।मुख्यमंत्री कृष्णा जिला के दाैेरे से लौटने के बाद पर्यटन विभाग के नये प्रस्तावों तथा पैकेजों के मुद्दे पर अपने आवास पर पर्यटन मंत्री तथा पर्यटन सचिव जयेश रंजन से बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम तथा पर्यटन विभाग केंद्र तथा राज्य सरकार से मिली २६९ कऱोड रुपये की राशि से ३५ परियोजनाआें को मूर्त रूप दे रहे हैं। इनमें से मुख्य परियोजनाएं नागार्जुनसागर पर बुद्धिस्ट थीम पार्क, निजामाबाद में वजट होटल, शिल्पारामम में स्टार होटल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट में चार सितारा होटल, चारमीनार क्षेत्र का विकास, शिल्पारामम में रैन बाजार तथा तिरुपति, विजयनगरम एवं श्रीकाकुलम सर्किट में होटल प्रबंधन संस्थान, कोल्लेरु झील विकास, इदुपुलापायाकडपा तीर्थ सर्किट में गोल्फ कोर्स तथा रिसोर्ट, तिरुपति में तीर्थ सर्किट आदि हैं।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि निजी क्षेत्र के निवेशक तथा संचालक इस बात की आशा सरकार से लगाये बैठे हैं कि उन्हें भूमि उपलब्ध करायी जाये तथा पांच कऱोड तक के निवेश पर २० लाख व ५ कऱोड से अधिक के निवेश पर ३० लाख तथा ५० कऱोड से अधिक की परियोजनाआें जैसे हैरिटेज होटल व प्राथमिक क्षेत्र जैसे तटीय, जल क्षेत्र, ग्रामीण, पर्यावरण, साहसिक पर्यटन परियोजना पर अतिरिक्त ५ प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करायी जाये। इसके अतिरिक्त वे परियोजनाआें की स्वीकृति के लिए एकल ख़िडकी व्यवस्था भी चाहते हैं। मंदी के दौर के मद्देनजर निवेशकों तथा संचालकों ने स्टांप ड्यूटी व बिजली दर में छूट को जारी रखने का अनुरोध भी किया है.मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालयों स्थित आर एंड बी गेस्ट हाउसों को बजट होटल श्रृंखला में परिवर्तित करने तथा हैदराबाद को देश की सम्मेलन एवं चिकित्सा पर्यटन राजधानी बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी है। इन प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य १५०० कऱोड रुपये का निवेश हासिल करने में सक्षम होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अमीरी और विविधता के बारे में जागरूकता वांछित स्तर तक नहीं है। अत: इसके लिए कम से कम दो वर्ष तक सतत अभियान चलाया जाना चाहिए तथाविजिट एपी/हैदराबाद इयरमनाया जाना चाहिए तथाइयरली मीडिया प्लानको भी लागू किया जाना चाहिए।

पर्यटन मंत्री जेगीता रेड्डी ने मुख्यमंत्री को निजाम सागर में वृंदावन गार्डन जैसे गार्डन विकसित करने, नये शिल्पारामम स्थापित करने, रंगारेड्डी जिला के अनंतपुर में साहसिक पर्यटन अकादमी स्थापित करने तथा राजमार्र्गों पर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने ग्रामीण पर्यटन आदि को प्रोत्साहन देने संबंधी प्रस्तावों के बारे में जानकारी भी दी। मंत्री ने मुख्यमंत्री को हैदराबाद स्थित कुतुबशाही इमारतों तथा वरंगल जिला स्थित काकतीया वंश के स्मारकों को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने संबंधी मांगों के बारे में भी अवगत कराया। रोशय्या पर्यटन विभाग से चाहते थे कि एक गिरिजन संग्रहालय की स्थापना भी की जाए, जिसके लिए उन्होंने मेदारम में शिलान्यास किया।

Friday, March 26, 2010


शेयर बाजार पर दुनिया का पहला हिंदी पोर्टल

मोलतोल डॉट इन
नए रंग रुप में

मुंबई, मोलतोल डॉट इन www.moltol.in शेयर बाजार और कारोबार जगत पर दुनिया की पहली हिंदी वेबसाइट आज 26 मार्च 2010 को नए रंग रुप और अनेक नई खासियत के साथ लांच की गई। दो साल से भी कम के सफर में इस वेबसाइट ने शेयर बाजार के हिंदी भाषी निवेशकों के बीच खास जगह बनाई है एवं यह प्रगति जारी है।मोलतोल के कार्यकारी शुभम शर्मा का कहना है कि मोलतोल डॉट इन आम आदमी को ऐसी सूचनाएं देने का प्रयास है जिससे वह वित्तीय रुप से मजबूत बनने के साथ देश को भी आर्थिक महासत्ता बनाने में अपना योगदान दे सकता है। असल में इस वेबसाइट का उद्देश्य आम आदमी की आर्थिक ताकत को बढ़ाना है।मोलतोल डॉट इन के नए संस्करण की जानकारी देते हुए शुभम शर्मा ने बताया कि ई साइट नए फ्रेमवर्क पर आधारित है वर्तमान साइट पुरानी साइट से अधिक तेज है और उपयोग में आसान है यह अधिक सुरक्षित भी है इस साइट के एकदम ऊपर दायी तरफ दो बटन हैं। बायां बटन दबाकर आप मोलतोल का रंगरूप अपनी पसंद के हिसाब से बना सकते हैं यदि आपको मोलतोल के वर्तमान रंग पसंद नहीं हैं तो चाहे उसे बदल दें. दाया बटन मोलतोल की फीड का है।इसी तरह नया शेयर बाज़ार मोड्यूल लगाया गया है जहां एशिया, अमरीका और यूरोप के सभी प्रमुख बाज़ार एक साथ हैं। साथ में आकर्षक ग्राफ और सभी जरूरी कड़े किसी भी इंडेक्स पर माउस कर्ज़र को ले जाकर और विस्तृत जानकारी पाई जा सकती है। मौसम मोड्यूल. में सेटिंग दबाकर अपने शहर का नाम डालिए और मौसम की जानकारी पाई जा सकती है। नया ऑल इन वन मोड्यूल. जिसमें हैं मार्केट गैनर/लूजर, एनएसई/बीएसई तथा म्युचुअल फंड की समस्त जानकारी एक ही स्थान पर है। सबस्क्राइब मोड्यूल. बाएं से - फीड सबस्क्राइब करें, ट्विटर पर फोलो करें, फेसबुक फैन बनें, ईमेल में प्राप्त करें, यूट्यूब चैनल देखेंनया चर्चास्थल. यहा डिबेट कीजिए, राय मांगिए, बातचीत कीजिए... विकल्प अनेक हैं।शर्मा ने बताया कि मोलतोल डॉट इन जल्दी ही देश के कुछ मुख्य मीडिया घरानों से रणनीतिक गठबंधन कर सकता है। रणनीतिक गठबंधन के लिए बातचीत चल रही है। मोलतोल डॉट इन को देश की कुछ क्षेत्रीय भाषाओं में भी जल्दी ही लाया जाएगा। गुजराती भाषा में इस साइट को तैयार करने का कार्य शुरु हो गया है। इसके अलावा शेयर बाजार में किन शेयरों में तकनीकी एवं फंडामेंटल के आधार पर निवेश किया जाए की जानकारी, मुफ्त में मोबाइल पर एसएमएस के रुप में शुरु की जाएगी। इस सेवा के तहत शेयर बाजार की खबरें अमरीकी शेयर बाजार, यूरोपीयन शेयर बाजार, एशियाई शेयर बाजार, सिंगापुर निफ्टी का हाल। भारतीय शेयर बाजार की भावी चाल और प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों की निवेश राय मोबाइल पर रजिस्टर्ड यूजर को मुफ्त भेजी जाएगी।

Tuesday, March 23, 2010


सन्दर्भ / श्री रामनवमी
भगवान
श्री राम पर एक ,ईसा मसीह

पर
अस्सी से अधिक डाक - टिकट

विदेशों
में अधिक लोकप्रिय हैं

हिन्दू
देवी - देवता,इंडोनेशिया
,
चीन
,थाईलेंड में भी उन

पर
डाक टिकट

प्रदीप श्रीवासतव
निज़ामाबाद (आंध्र प्रदेश). भारतीय डाक विभाग के एक सौ पचास साल के इतिहास कों पलट कर देखें तो आप कों जानकर ताज्जुब होगा कि डाक विभाग ने मर्यादा पुरुषोत्तम" भगवान श्री राम " पर अब तक केवल एक ही डाक टिकट निकला है,जो एकल होकर उसमे माता सीता ,भाई लक्ष्मण एवम महाऋषि वाल्मीकि जी भी अंकित हैं.लेकिन प्रभ ईशा मसीह पर डाक विभाग वालों ने इस दौरान अस्सी से अधिक डाक टिकट टिकट जारी कर चुका है.यह इस देश कि विडम्बना ही है कि अपने अराध्य देव कों भुला कर डाक विभाग दना-दन ईशा मसीह पर डाक टिकटें जारी करता जा रहा है. विभाग ने इसी वर्ष 21 फरबरी (2010 ) कों बाइबिल सोसाईटी आफ इंडिया पर पॉँच रुपये मूल्य का एक टिकट जारी किया है.भगवान राम पर एक भी डाक टिकट जारी करने का जहमत डाक विभाग नहीं उठा रहा है.श्री राम के सन्दर्भ में देखें तो भारत से कहीं अच्छा छोटा सा देश इंडोनेशिया है जहाँ पर केवल श्री राम ही नहीं बल्कि माता सीता,हनुमान,श्री कृष्ण ,बलराम ,भीम और यहाँ तक कि रावण पर भी टिकट जारी किये हैं.पूर्वी एशियाई देश ताओस में भी भारतीय देवी-देवताओं पर डाक टिकट जारी हो चुके हैं.जिनमें भगवान गणेश,हनुमान,ब्रह्मा ,सरस्वती,इन्द्र,गरुण दुर्गा,शिव पार्वती ,बुद्ध आदि शामिल हैं.आश्चर्य तो तब होता है जब यमन जैसे मुस्लिम देश में भी भगवान श्री राम,लक्ष्मण ,माता सीता पर सन 1967 में जारी किया था.वहीँ अरब के अजमान जैसे छोटे से मुस्लिम देश ने अपने यहाँ श्री राधा-कृष्ण पर डाकटिकट निकलने में नहीं हिचका.हिन्दू देवी देवताओं पर डाक टिकट निकलने वाले अन्य देशो का उल्लेख करना यहाँ अप्रासंगिक नहीं होगा, जहाँ हिन्दू देवी-देवताओं पर डाक टिकट निकले जा चुके हैं निकले जा रहे हैं.

पूर्वी
जर्मनी ने अपने यहाँ दुर्गा एवम भगवान महावीर पर डाक टिकट निकला है वही चीन ,मलेशिया ,थाईलैंड ,एवम वियतनाम जैसे देशों में हिन्दू-देवीदेवताओं पर डाक टिकट जारी किये जा चुके हैं .लेकिन भारत में अपने देवी-देवताओं पर के बराबर टिकट जारी हुए हैं.इसे विडम्बना नहीं तो क्या कहेंगे कि श्री रामचरित मानस एवम उसके रचियता गोस्वामी तुलसी दास तथा श्रीमद भागवत गीता पर भी डाक टिकट निकल चुका है ,लेकिन गोस्वामी तुलसी दास के इष्टदेव भगवान श्री राम पर आज तक भारत सरकार एवम डाक विभाग ने एक भी एकल डाक टिकट निकलने कि जरुरत ही नहीं समझी.
डाक टिकटों के संग्रह करता एवं अवकाश प्राप्त पोस्ट मास्टर (डाक पाल) जे. सुब्रह्मण्यम के मुताबिक भारत में भगवान राम पर आज तक केवल एक ही डाक टिकट जारी हुआ है,वह भी एकल नहीं बल्कि माता सीता,लक्ष्मण एवम वाल्मीकि जी के चित्र भी शामिल हैं उनके मुताबिक भारत कि तुलना में अन्य देशों जैसे इंडोनेशिया,चीन ,थाईलैंड आदि देशों में हिन्दू देवी देवताओं पर तमाम डाक टिकट जारी किये जा चुके हैं.इंडोनेशिया के डाक टिकटों मे राम,सीता कृष्ण,बलराम के अलावा सूर्पनखा ,रावण के चित्र भी शामिल हैं .वहीँ लाओस द्वारा जारी डाक टिकटों में भी आप कों हिन्दू देवी-देवताओं के चित्र मिलेंगें.पडोसी देश श्रीलंका ने विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी पर एक आकर्षक डाक टिकट निकला है.
डाक-टिकट का अवलोकन करें तो इस बात का पता चलता है कि भारतीय संस्कृति कितनी महान व समृद्ध है,तभी तो सैट समंदर पर के देश हमारे देवी-देवताओं पर डाक टिकट निकालते रहतें हैं.पर भारत तो पश्चिमी सभ्यता के आवरण में अपने कों समाहित करने में लगा हुआ है.तभी तो भारत ने अब तक प्रभु ईसा मसीह पर अस्सी से अधिक डाक टिकट निकल चुका है,जबकि मिले आंकड़ों के मुताबिक पूरे विश्व मे प्रभु ईसा मसीह पर लगभग तेरह सौ प्रकार के डाक टिकट निकल चुके हैं.लेकिन भारत ने ही अपने अराध्य देव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम पर एकल डाक टिकट निकलने कि जहमत नहीं उठाना चाहता है डाक विभाग.

Thursday, March 11, 2010

२०१० का जन जागृति सेवा सदभावना सम्मान

प्रदीप श्रीवास्तव कों सन २०१० का जन जागृति सेवा सदभावना सम्मान से सम्मानित करते हुए कर्णाटक उच्च नायालय के पूर्व न्यायधीश श्री वाई भास्कर राव एवम मानवाधिकार आयोग के सदस्य ई स्माइल तथा डॉ अर्चना सिंह

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प्रदीप श्रीवास्तव कों सन 2010 का

जन जागृति सेवा सदभावना सम्मान

हैदराबाद ,२१ फरवरी की रात हैदराबाद के पोट्टी श्रीरामलू तेलगु विश्व विधालय के सभागार में भारतीय संस्कृति परिषद् ,हैदराबाद एवम राष्ट्रिय एकता लेखक व पत्रकार संघ के तत्वावधान में हर वर्ष दिया जाने वाला जन जागृति सेवा सदभावना सम्मान इस वर्ष का निज़ामाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक स्वतंत्र वार्ता के स्थानीय संपादक प्रदीप श्रीवास्तव कों सन २००९-१० के लिए दिया गया. यह सम्मान उन्हें कर्णाटक उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति वाई भाष्कर राव , मानव अधिकार कमीशन आंध्र प्रदेश के सदस्य ई. इस्माइल एवम अंतराष्ट्रिय मानवाधिकार संघ के आंध्र प्रदेश की अध्यक्ष डॉ अर्चना सिंह ने शाल ,सम्मानपत्र ,हैदराबादी मोतियों की माला एवम स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया. अवसर था राष्ट्रिय एकता एवम आचार्य चाणक्य तथा जनजागृति सेवा सदभावना पुरस्कार समारोह,व वन्देमातरम और राष्ट्रीय एकता पर संगोष्ठी का. पता हो की बीते १८ सालों से जन जागृति सेवा सदभावना सम्मान दिया जा रहा है. यह सम्मान समाचार,सूचना ,मिडिया एवम जनसंपर्क से जुड़े लोंगों कों दिया जाता है.जबकि राष्ट्रिय एकता सदभावना सम्मान समाज सेवा से जुड़े तथा आचार्य चाणक्य सदभावना सम्मान न्याय क्षेत्र से सम्बंधित लोगों कों प्रदान किया जाता है.इस अवसर पर "वन्दे मातरम और राष्ट्रिय एकता "विषय पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गए ,जिसकी अध्यक्षता प्रदीप श्रीवास्तव ने की.जिनका कहना था कि अगर सही मायने में देखा जाये तो हिंदी भाषा ही पूरे देश कों एक सूत्र में बांधती है.चाहे वह पूरब से पश्चिम हो या उत्तर से दखिन हो ,हिंदी ही राष्ट्रिय एकता का प्रतीक है,इसे मानना होगा. वही डॉ अर्चना सिंह का कहना था कि राष्ट्रिय एकता कि बात पर हमें अपनी सेना ,पुलिस व अन्य सुरक्षा कर्मियों पर गर्व होता है.जिनके कारण हम खुली हवा में साँस ले पाते हैं .अन्य वक्ताओं मे संदीप अग्रवाल,अमृत कुमार जैन,पंडित गणेश देव आर्य ,पंडित बालकृष्ण पाठक ,प्रमोद जैन,डॉ हरीश चन्द्र विद्यार्थी ,आर.बी. सिंह,डॉ वसुधा शास्त्री आदि ने भी अपने विचार रखे.