Tuesday, March 23, 2010


सन्दर्भ / श्री रामनवमी
भगवान
श्री राम पर एक ,ईसा मसीह

पर
अस्सी से अधिक डाक - टिकट

विदेशों
में अधिक लोकप्रिय हैं

हिन्दू
देवी - देवता,इंडोनेशिया
,
चीन
,थाईलेंड में भी उन

पर
डाक टिकट

प्रदीप श्रीवासतव
निज़ामाबाद (आंध्र प्रदेश). भारतीय डाक विभाग के एक सौ पचास साल के इतिहास कों पलट कर देखें तो आप कों जानकर ताज्जुब होगा कि डाक विभाग ने मर्यादा पुरुषोत्तम" भगवान श्री राम " पर अब तक केवल एक ही डाक टिकट निकला है,जो एकल होकर उसमे माता सीता ,भाई लक्ष्मण एवम महाऋषि वाल्मीकि जी भी अंकित हैं.लेकिन प्रभ ईशा मसीह पर डाक विभाग वालों ने इस दौरान अस्सी से अधिक डाक टिकट टिकट जारी कर चुका है.यह इस देश कि विडम्बना ही है कि अपने अराध्य देव कों भुला कर डाक विभाग दना-दन ईशा मसीह पर डाक टिकटें जारी करता जा रहा है. विभाग ने इसी वर्ष 21 फरबरी (2010 ) कों बाइबिल सोसाईटी आफ इंडिया पर पॉँच रुपये मूल्य का एक टिकट जारी किया है.भगवान राम पर एक भी डाक टिकट जारी करने का जहमत डाक विभाग नहीं उठा रहा है.श्री राम के सन्दर्भ में देखें तो भारत से कहीं अच्छा छोटा सा देश इंडोनेशिया है जहाँ पर केवल श्री राम ही नहीं बल्कि माता सीता,हनुमान,श्री कृष्ण ,बलराम ,भीम और यहाँ तक कि रावण पर भी टिकट जारी किये हैं.पूर्वी एशियाई देश ताओस में भी भारतीय देवी-देवताओं पर डाक टिकट जारी हो चुके हैं.जिनमें भगवान गणेश,हनुमान,ब्रह्मा ,सरस्वती,इन्द्र,गरुण दुर्गा,शिव पार्वती ,बुद्ध आदि शामिल हैं.आश्चर्य तो तब होता है जब यमन जैसे मुस्लिम देश में भी भगवान श्री राम,लक्ष्मण ,माता सीता पर सन 1967 में जारी किया था.वहीँ अरब के अजमान जैसे छोटे से मुस्लिम देश ने अपने यहाँ श्री राधा-कृष्ण पर डाकटिकट निकलने में नहीं हिचका.हिन्दू देवी देवताओं पर डाक टिकट निकलने वाले अन्य देशो का उल्लेख करना यहाँ अप्रासंगिक नहीं होगा, जहाँ हिन्दू देवी-देवताओं पर डाक टिकट निकले जा चुके हैं निकले जा रहे हैं.

पूर्वी
जर्मनी ने अपने यहाँ दुर्गा एवम भगवान महावीर पर डाक टिकट निकला है वही चीन ,मलेशिया ,थाईलैंड ,एवम वियतनाम जैसे देशों में हिन्दू-देवीदेवताओं पर डाक टिकट जारी किये जा चुके हैं .लेकिन भारत में अपने देवी-देवताओं पर के बराबर टिकट जारी हुए हैं.इसे विडम्बना नहीं तो क्या कहेंगे कि श्री रामचरित मानस एवम उसके रचियता गोस्वामी तुलसी दास तथा श्रीमद भागवत गीता पर भी डाक टिकट निकल चुका है ,लेकिन गोस्वामी तुलसी दास के इष्टदेव भगवान श्री राम पर आज तक भारत सरकार एवम डाक विभाग ने एक भी एकल डाक टिकट निकलने कि जरुरत ही नहीं समझी.
डाक टिकटों के संग्रह करता एवं अवकाश प्राप्त पोस्ट मास्टर (डाक पाल) जे. सुब्रह्मण्यम के मुताबिक भारत में भगवान राम पर आज तक केवल एक ही डाक टिकट जारी हुआ है,वह भी एकल नहीं बल्कि माता सीता,लक्ष्मण एवम वाल्मीकि जी के चित्र भी शामिल हैं उनके मुताबिक भारत कि तुलना में अन्य देशों जैसे इंडोनेशिया,चीन ,थाईलैंड आदि देशों में हिन्दू देवी देवताओं पर तमाम डाक टिकट जारी किये जा चुके हैं.इंडोनेशिया के डाक टिकटों मे राम,सीता कृष्ण,बलराम के अलावा सूर्पनखा ,रावण के चित्र भी शामिल हैं .वहीँ लाओस द्वारा जारी डाक टिकटों में भी आप कों हिन्दू देवी-देवताओं के चित्र मिलेंगें.पडोसी देश श्रीलंका ने विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी पर एक आकर्षक डाक टिकट निकला है.
डाक-टिकट का अवलोकन करें तो इस बात का पता चलता है कि भारतीय संस्कृति कितनी महान व समृद्ध है,तभी तो सैट समंदर पर के देश हमारे देवी-देवताओं पर डाक टिकट निकालते रहतें हैं.पर भारत तो पश्चिमी सभ्यता के आवरण में अपने कों समाहित करने में लगा हुआ है.तभी तो भारत ने अब तक प्रभु ईसा मसीह पर अस्सी से अधिक डाक टिकट निकल चुका है,जबकि मिले आंकड़ों के मुताबिक पूरे विश्व मे प्रभु ईसा मसीह पर लगभग तेरह सौ प्रकार के डाक टिकट निकल चुके हैं.लेकिन भारत ने ही अपने अराध्य देव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम पर एकल डाक टिकट निकलने कि जहमत नहीं उठाना चाहता है डाक विभाग.

1 comment:

  1. डाक टिकटों पर काफी जानकारी दे दी इस बहाने आपने..शायद हमारा डाक विभाग सुने.

    --

    हिन्दी में विशिष्ट लेखन का आपका योगदान सराहनीय है. आपको साधुवाद!!

    लेखन के साथ साथ प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु टिप्पणी करना आपका कर्तव्य है एवं भाषा के प्रचार प्रसार हेतु अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. यह एक निवेदन मात्र है.

    अनेक शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete