Sunday, March 28, 2010


अंतर्राष्ट्रीय
पर्यटकों को आकर्षित

करने हेतु हरसंभव प्रयास : रोशय्या

निजामसागर में वृंदावन गार्डन की

तर्ज पर पार्क बनेगा :गीता रेड्डी

निज़ामाबाद । मुख्यमंत्री केरोशय्या ने राज्य के पर्यटन विभाग तथा आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम से ऐसी परियोजनाएं तैयार करने को कहा है कि जिनसे पर्यटन को प्रोत्साहन तथा ब़डे पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होसके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन एक उद्योग है, जिसमें कुशल व्यवसायियों, अकुशल मजदूरों तथा निरक्षर लोगों के रोजगार की ब़डी संभावनाएं हैं। हमें राज्य में पर्यटन क्षेत्र का विकास प्राथमिक क्षेत्र के रूप में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि पर्यटन में मात्र १० लाख के निवेश से ७८ लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है, जबकि अन्य उद्योगों में मात्र १८ को। इस बात का फायदा उठाते हुए हमें जहां पर भी संभव है रोजगारोन्मुखी पर्यटन परियोजनाआें को विकसित करना चाहिए।उन्होंने बताया कि पर्यटकों को अकर्षित करने के लिए पूरे देश में तथा विश्व के प्रमुख शहरों में पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए रोड शो आयोजित करने की सरकार की योजना है। उन्होंने इस प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी है। मुख्यमंत्री ने एक अन्य प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत अगले वर्ष ‘विजिट आंध्र प्रदेश’ बनाना है। इस वर्ष के दौरान विदेशी तथा घरेलू पर्यटकों पर केंद्रित आकर्षक पर्यटन पैकेज दिये जायेंगे तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हैलीपर्यटन, तीर्थ पर्यटन, समुद्र तट पर्यटन को शीर्ष प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में आंध्र प्रदेश प्रथम स्थान पर है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के मामले में हम पिछ़डे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन मंत्री डॉजेगीता रेड्डी से कहा कि वे १,००० किलोमीटर लंबी तटीय रेखा (देश में सबसे ब़डी) को विकसित करने का प्रयास करें। इसके साथ ही वे अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों जैसे तिरुपति, श्रीशैलम, भद्राचलम, अन्नावरम, सिम्हाचलम आदि को भी और अधिक विकसित करें।मुख्यमंत्री कृष्णा जिला के दाैेरे से लौटने के बाद पर्यटन विभाग के नये प्रस्तावों तथा पैकेजों के मुद्दे पर अपने आवास पर पर्यटन मंत्री तथा पर्यटन सचिव जयेश रंजन से बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम तथा पर्यटन विभाग केंद्र तथा राज्य सरकार से मिली २६९ कऱोड रुपये की राशि से ३५ परियोजनाआें को मूर्त रूप दे रहे हैं। इनमें से मुख्य परियोजनाएं नागार्जुनसागर पर बुद्धिस्ट थीम पार्क, निजामाबाद में वजट होटल, शिल्पारामम में स्टार होटल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट में चार सितारा होटल, चारमीनार क्षेत्र का विकास, शिल्पारामम में रैन बाजार तथा तिरुपति, विजयनगरम एवं श्रीकाकुलम सर्किट में होटल प्रबंधन संस्थान, कोल्लेरु झील विकास, इदुपुलापायाकडपा तीर्थ सर्किट में गोल्फ कोर्स तथा रिसोर्ट, तिरुपति में तीर्थ सर्किट आदि हैं।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि निजी क्षेत्र के निवेशक तथा संचालक इस बात की आशा सरकार से लगाये बैठे हैं कि उन्हें भूमि उपलब्ध करायी जाये तथा पांच कऱोड तक के निवेश पर २० लाख व ५ कऱोड से अधिक के निवेश पर ३० लाख तथा ५० कऱोड से अधिक की परियोजनाआें जैसे हैरिटेज होटल व प्राथमिक क्षेत्र जैसे तटीय, जल क्षेत्र, ग्रामीण, पर्यावरण, साहसिक पर्यटन परियोजना पर अतिरिक्त ५ प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करायी जाये। इसके अतिरिक्त वे परियोजनाआें की स्वीकृति के लिए एकल ख़िडकी व्यवस्था भी चाहते हैं। मंदी के दौर के मद्देनजर निवेशकों तथा संचालकों ने स्टांप ड्यूटी व बिजली दर में छूट को जारी रखने का अनुरोध भी किया है.मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालयों स्थित आर एंड बी गेस्ट हाउसों को बजट होटल श्रृंखला में परिवर्तित करने तथा हैदराबाद को देश की सम्मेलन एवं चिकित्सा पर्यटन राजधानी बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी है। इन प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य १५०० कऱोड रुपये का निवेश हासिल करने में सक्षम होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अमीरी और विविधता के बारे में जागरूकता वांछित स्तर तक नहीं है। अत: इसके लिए कम से कम दो वर्ष तक सतत अभियान चलाया जाना चाहिए तथाविजिट एपी/हैदराबाद इयरमनाया जाना चाहिए तथाइयरली मीडिया प्लानको भी लागू किया जाना चाहिए।

पर्यटन मंत्री जेगीता रेड्डी ने मुख्यमंत्री को निजाम सागर में वृंदावन गार्डन जैसे गार्डन विकसित करने, नये शिल्पारामम स्थापित करने, रंगारेड्डी जिला के अनंतपुर में साहसिक पर्यटन अकादमी स्थापित करने तथा राजमार्र्गों पर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने ग्रामीण पर्यटन आदि को प्रोत्साहन देने संबंधी प्रस्तावों के बारे में जानकारी भी दी। मंत्री ने मुख्यमंत्री को हैदराबाद स्थित कुतुबशाही इमारतों तथा वरंगल जिला स्थित काकतीया वंश के स्मारकों को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने संबंधी मांगों के बारे में भी अवगत कराया। रोशय्या पर्यटन विभाग से चाहते थे कि एक गिरिजन संग्रहालय की स्थापना भी की जाए, जिसके लिए उन्होंने मेदारम में शिलान्यास किया।

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