Thursday, April 8, 2010

54 सेकेंड में 85 सुमो के नीचे से निकली वैष्णवी
"लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड " में नाम दर्ज
निज़ामाबाद , महाराष्ट्र के मराठवाडा के उस्मानाबाद के एक छोटे से गावं भूम की रहने वाले सात वर्षीय कु . वैष्णवी ने 54 सेकेण्ड में 85 सुमो गाड़ियों के नीचे से स्केटिंग करते हुवे निकल कर एक नया विश्व रिकार्ड बनाया है. जिसका नाम "लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड "में दर्ज कर लिया गया है.पता हो की इसके पहले यह रिकार्ड कर्नाटक के बेलगावं के रहने वाले अनिकेत ने बनाया था.जिसने 57 सेकेण्ड में 82 सुमो गाड़ी के नीचे निकल कर इतिहास रचा था.उसके रिकार्ड कों तोड़ने वाली कक्षा दो की छात्रा वैष्णवी की इच्छा है की वह अगले ओलम्पिक खेलों मे भाग लेकर भारत का नाम रोशन करे. वैष्णवी के पिता एक बरफ बनने वाली फेक्ट्री में मजदूरी करते हैं.जिन्होंने अपनी बेटी की इस प्रतिभा कों देखते हुवे उसे सांगली जिले के तासगावं के आर.आर.पाटिल स्पोर्ट्स कलब में भारती करा दिया.जहाँ वह निरंतर प्रेक्टिस कर रही है.उसकी प्रतिभा कों देखते हुवे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर.पाटिल,राज्य मंत्री राणा जगजीत सिंह ,स्थानीय विधायक राहुल मोटे,सुगर मील के चेयरमेन शंकर राव बोरकर आदि ने उसकी हौसला अफजाई की है.
संतोष जाधव,उस्मानाबाद से

Thursday, April 1, 2010

बासर के पास पचपन जानवर


बासर के पास पचपन जानवर इंटर सिटी से
कटे,तीन घं
टे गावों वालों ने ट्रेन रोके रखी

बासर (आदिलाबाद) ,गुरुवार की सुबह काचिगुडा (हैदराबाद) नांदेड इंटर सिटी एक्सप्रेस से कट कर ५५ जानवरों की मौत हो गई .यह हादसा यहाँ से ४५ किलो मीटर दूर बसर रेलवे स्टेसन के निकट उस समय घटी जब इटर सिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह १०:४५ बजे बासर पहुंची थी,जहाँ से वह नांदेड के लिए रवाना हुई ही थी कि अचानक रेलवे पटरी पर गए व भेसों का एक झुण्ड आ गया .जिसके रेल कि चपेट में आने के करण वे सभी कट गयीं.इस हादसे के बाद गाँव वालों ने लगभग तीन घंटे तक इंटर सिटी एक्सप्रेस कों रोके रखा.जब निज़ामाबाद से रेल अधिकारियो का एक दल वहाँ पहुँच कर गावं कों समझा बुझा कर ट्रेन कों आगे के लिए रवाना करवाया.गावों वालों


के मुताबिक इस हादसे में काम से काम बीस से पच्चीस लाख का नुकसान हुआ है.एक प्रतक्ष्यदर्शी के मुताबिक एक भैंस ने हादसे के समय जैसे ही ट्रेन कि चपेट में आई ,उसी समय एक भेंस कों जन्मा जो तुरंत ट्रेन कि चपेट में आ कर मौत कि नींद सो गया.खबर लिखे जाने तक रेल की पटरी के दोनों ओर कटे जानवरों के शव बिखरे पड़े हुए थे ,जिन्हें हटाने का काम जारी था.इस हादसे में पचास भैंसे एवम पॉँच गएँ कटी हैं.
रिपोर्ट :डी शंकर