Tuesday, May 18, 2010

garmi


सूख गयीं सूर्य पुत्री ताप्ती
बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) बडते तापमान एवम गरम हवाओं के चलते बुहारनपुर एवं उसके आस-पास के इलाकों में तापमान बडता ही जा रहा है.मंगलवार तापमान के परे ने ४७ डिग्री को छू लिया था यदपि शहर का अभी सर्वाधिक तापमान का रिकार्ड अभी नहीं टूटा है.उसको तोड़ने के लिए परे को अभी एक डिग्री उछालना होगा .इससे पहले २२ मई १९४७ को बुरहान पुर सबसे अधिक गर्म वाला दिन था.जब परे ने ४७.९२ डिग्री को छू लिया था.पता हो की बुरहानपुर समुद्र तल से २६२ मीटर की उचाई पर स्थित है.बड़ते तापमान के चलते बुरहानपुर से लग कर बहने वाली सूर्य पुत्री ताप्ती नदी पूरी तरह से सूख गयी हैं.कभी इसी नदी के किनारे मुग़ल बादशाह शाहजहाँ अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल यहीं बनवाना चाहते थे लेकिन काली मिटटी होने के कारण उन्हें अपना विचार त्यागना पड़ा था जिसे उनहोने यमुना के किनारे आगरा में बनवया.

Friday, May 14, 2010

साडी चालीस लाख की
चोंकिये मत, आप जिस मोहतरमा कों साडी का पल्लू दिखाते हुए देख रहें हैं न ,उसकी कीमत एक हजार,दो हजार ,पॉँच हजार या दस हजार नहीं है,बल्कि पूरे चालीस लाख की वह साडी पहने हुए हैं.जिसे तैयार किया है चेन्नई की एक सिल्क की साडी बनाए वाली कंपनी ने.अपनी तरह की अनोखी व महंगी साडी होने के कारणइसे गिनीज बुक ऑफ़ वर्ड्स रिकार्ड्स में दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है.
आप सोच रहे होंगे की आखिर इस साडी की खासियत क्या है?,चलिए बताये देता हूँ.इस साडी कों बनाते समय बारह बेशकीमती पत्थरों का प्रयोग किया गया है.जिनमे पन्ना,पीली नागमणि,नीलम ,रूबी के अलावा सोने,हीरे प्लेट्नियम एवम चांदी का काम इस पर किया गया है.इसके अलावा इस साडी पर कैट्स आई (बिल्ली की आँख की तरह चमकने वाला बहुमूल्य पत्थर) साथ पुखराज व मोती का भी काम किया गया है.साडी के पल्लू पर प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि वर्मा की एक लोकप्रिय पेंटिंग कों उकेरा गया है,जिसमे एक महिलाओं का समूह लोक गीत प्रस्तुत कर रहा है.बताते हैं की साडी के बनने में 4 ,680 घंटे लगे हैं .साडी के पूरे बार्डर पर कलात्मक चित्र बनाये गए हैं.