Friday, May 14, 2010

साडी चालीस लाख की
चोंकिये मत, आप जिस मोहतरमा कों साडी का पल्लू दिखाते हुए देख रहें हैं न ,उसकी कीमत एक हजार,दो हजार ,पॉँच हजार या दस हजार नहीं है,बल्कि पूरे चालीस लाख की वह साडी पहने हुए हैं.जिसे तैयार किया है चेन्नई की एक सिल्क की साडी बनाए वाली कंपनी ने.अपनी तरह की अनोखी व महंगी साडी होने के कारणइसे गिनीज बुक ऑफ़ वर्ड्स रिकार्ड्स में दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है.
आप सोच रहे होंगे की आखिर इस साडी की खासियत क्या है?,चलिए बताये देता हूँ.इस साडी कों बनाते समय बारह बेशकीमती पत्थरों का प्रयोग किया गया है.जिनमे पन्ना,पीली नागमणि,नीलम ,रूबी के अलावा सोने,हीरे प्लेट्नियम एवम चांदी का काम इस पर किया गया है.इसके अलावा इस साडी पर कैट्स आई (बिल्ली की आँख की तरह चमकने वाला बहुमूल्य पत्थर) साथ पुखराज व मोती का भी काम किया गया है.साडी के पल्लू पर प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि वर्मा की एक लोकप्रिय पेंटिंग कों उकेरा गया है,जिसमे एक महिलाओं का समूह लोक गीत प्रस्तुत कर रहा है.बताते हैं की साडी के बनने में 4 ,680 घंटे लगे हैं .साडी के पूरे बार्डर पर कलात्मक चित्र बनाये गए हैं.

1 comment:

  1. saari sundar hai...lekin mere bacchon ki degreeon se kam ...
    aabhaar...

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