Friday, July 30, 2010

आन्ध्र प्रदेश उप चुनाव 2010
हाथ पर भारी पड़ा कमल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी श्रीनिवास पराजित
भाजपा के वाई लक्ष्मी नारायण 1121 मतों से विजयी

निज़ामाबाद(आन्ध्र प्रदेश ),पृथक तेलंगाना की मांग कों ले कर पिछले दिनों तेलंगाना के बारह विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद कराये गए उप-चुनाव में जहा कांग्रेस कों मुह की खानी पड़ी ,वहीँ ते दे पा के लिए बभाली बांध का मुद्दा उसे ले डूबा.मजे की बात यह है कि इस उपचुनाव में कांग्रेस व तेदेपा का सूपड़ा ही साफ हो गया .सभी 12 सीटों में से 11 पर तेरास ने पुनः अपना कब्ज़ा कर लिया वहीँ भाजपा ने निज़ामाबाद कि सीट पर विजय हासिल कर यह सिद्ध कर दिया कि पैसे से इन्सान के इंसानियत कों नहीं खरीदा जा सकता है.कहते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी डी.श्रीनिवास ने पानी कि तरह पैसा बहाया .एक अनुमान के मुताबिक उन्हों ने लगभग पचास से साठ करोंड़ खर्च किये हैं.पता हो कि 267293 मतदाता वाले निज़ामाबाद शहर के लिए उप चुनाव में इस बार 120636 मतदाताओं ने ही अपने मत का प्रयोग किया,जिसका कुल प्रतिशत 45 था. जब कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार 6 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ ,इसके बावजूद डी श्रीनिवास का पराजित होना लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है. उन्हें कुल 52195 मत मिले जब कि वाई लक्ष्मीनारायण कों 64176 . वहीँ तेदेपा के नरसा रेड्डी कि जमानत जब्त हो गई.जिन्हें १७९३ मत प्राप्त हुए .बीस राउण्ड में हुई मतगणना में भाजपा ही सबसे आगे रही.उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के प्रत्याशी डी श्रीनिवास ने इस चुनाव में पैसा पानी की तरह बहाया .पचास वार्डों वाले निज़ामाबाद शहर विधान सभा क्षेत्र के हर वार्ड्स पर लगभग एक करोड़ खर्च किये.डी.श्रीनिवास की हर के पीछे उन्हीं के नजदीकि बताये जा रहे हैं.जिन्हों ने उन्हें गुमराह किया.बताते हैं की उनका हर पार्षद व नजदीकी कार्यकर्त्ता ने लाखों रूपये बताने के लिए लीये,लेकिन बताने की बजाय अपने पास रख लिया.फिर भी कांग्रेस ने जिन इलाकों में पैसा बांटा वहाँ पर लगभग हर घर हजार से पॉँच हजार दिए गए.इसके बावजूद मतदाताओं ने उन्हें नकार दिया.लक्ष्मी नारायण कों जो वोट मिले उसे भाजपा का ना कहकर जे.ई.सी.(तेलंगाना के लिये बनी ज्वाइंट एक्सन कमेटी) के लिये कहा जाये तो उचित होगा.फिर भी लक्ष्मी नारायण के मृदभाषी व्यव्हार ने भी मतदाताओं के मन कों जितने में काफी सफलता पाई है.इस्तीफा देने से पहले व बाद में भी वे बराबर लोगों के सुख-दुःख में शामिल होते रहे.इसबार उन्हें अल्पसंख्यकों का भ पॉँच से दस प्रतिशत वोट मिला.कुल मिलकर इतना कहा जा सकता हैकि निज़ामाबाद से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया .क्यों क़ि डी श्रीनिवास जैसा कोई कद्दावर नेता नहीं है जो कांग्रेस क़ि नैय्या कों पर लगा सके. उनके बाद दूसरी श्रेणी के नेताओं में वह बात नहीं हैकि वे कांग्रेस कों पहचान दे सकेंगे .सभी अपने-अपने स्वार्थ सिद्ध में लगें है. इस चुनाव का असर अगले दो माह में होने वाले महा नगर पालिका के चुनाव पर काफी पड़ेगा .जिसमे भाजपा एवम तेरास अपना झंडा फहरा सकेंगे।

video

Tuesday, July 27, 2010

आन्ध्र प्रदेश की 12सीटों पर

उपचुनाव में64फीसदी मतदान,

मतगणना 30 जुलाई को

निज़ामाबाद । तेलगाना क्षेत्र के 12 विधानसभा निवाचन क्षेत्रों के लिए मंगलवार को हुए उपचुनाव में छिटपुट घटनाओं को छोडकर आमतार पर शातिपूण ढग से संपन हुआ तथा 64 . प्रतिशत मतदान हआ।राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी डा आइवीसुबाराव ने बताया कि मतदान के दारान किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उहोंने कहा कि कुछ जगहों पर छिटपुट घटनाओं पर पुलिस ने तवरित कारवाइ करते हए स्थिति पर काबू पा लिया। राव ने बताया कि निजामाबाद में दो तथा सिरसिला में एक थान पर कुछ देर के लिए तनाव की थिति देखी गयी, लेकिन सबधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों व जिलाधीशों ने स्थिति की समीक्षा कर हालात पर काबू पा लिया। मुय चुनाव अधिकारी ने बताया कि रात आठ बजे तक मिली सूचना के अनुसार कहीं भी पुनमतदान कराये जाने की सभावना नहीं ह आर मतदान के दारान धाधली होने के बारे में खबरों में साइ नहीं है।उहोंने कहा कि बटरियों में आयी तकनीकी गडबडियों के कारण दोतीन जगहों पर इलेटानिक वोटिंग मशीनें (इवीएम) १० मिनट तक काम नहीं सकी, लेकिन उहें तुरत ठीक कर दिया गया। उहोंने बताया कि कुल १२ विधानसभा क्षेत्रों में ६४२२ प्रतिशत मतदान हआ। उहोंने बताया कि इवीएम द्वारा सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदान से पहले कराये गये छ मतदान में सभी पाटियों के एजेंटों ने भाग लिया।डा सुबा राव ने बताया कि सिरपुर में ७०, चेूर में ७४, मचियाल में ७१, योरेी मे ७०, निजामाबाद अबन में ५१७२, कोटला में ७२, धमपुरी में ६३, वेमुलवाडा में ५५, सिरिसाि में ६०, हजुराबाद में ६०, सीिपेट में ७११ तथा वरगल (पचिम) में ५३८३ तिशत मतदान हआ। मचियाल के एक मतदान कें पर कागेस पार्टी के चुनाव चि वाली चियाि बाटने की शिकायत करते हए तेलगाना रा समिति (टीआरएस) व भाजपा नेताआें तथा कायकताआें ने विरोध जताया, जिस पर सबधित चुनाव अधिकारी ने थिति का जायजा लिया। कइ केाेंं पर मतदाता सूची में अपने नाम नहीं होने को लेकर मतदाताआें ारा विरोध य करने पर उहें नियति करने के लिए वहा तनात पुलिसकमियों की मदद ली गयी। उहोंने बताया कि मतदाता सूची सभी मतदान केाेंं की परिधि में पाच बार जाचपडताल के लिए भेजी गयी थी आर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं व् उनके एजंटों के सामने उनकी जाच के बाद ही अतिम सूची सापी गयी। उहोंने कहा कि ऐसी थिति में मतदाता सूची में अपना नाम न होने की शिकायत करना जायज नहीं है।डा सुबा राव ने बताया कि मतदान के समय कानूनयवथा को लेकर कोइ समया नहीं हइ आर विभि केाेंं पर तनात १५ हजार कमचारियों व पुलिस ने निपक्ष प से काम किया। उहोंने कहा कि मतदान शातिपूण ढग से सप कराने में सभी राजनीतिक दलों ने भी सहयोग दिया।उपचुनाव में महिला मतदातंओं को लबी कतारो में घटों खडे होकर अपने मताधिकार का योग किया। मतदान में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने अधिक संख्या में भाग लेकर राजनीतिक विलेषकों को भी आश्चर्यचकित कर दिया है। बडी संख्या में महिलाओं द्वारा मतदान किये जाने से किस पार्टी को लाभ या नुकसान होगा, यह तो ३० जुलाइ को मतगणना के बाद ही पता चलेगा।मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्वीकार किया कि दोतीन जगहों पर तकनीकी गडबडियों के कारण १०१५ मिनट तक मतदान देर से शुरू हआ। उहोंने बताया कि हालाकि मतप के जरिये मतदान करने की किया धीमी होती है, फिर भी एक मतदान करने में ३०६० सेकेंड का ही व लगा। डा सुबा राव ने बताया कि वेमुलवाडा निवाचन क्षे के एक मतदान कें पर मतदान एजेंटों के देर से पहचने के कारण मतदान १० मिनट देर से शुरू हआ।

video

उहोंने बताया कि पूरीप्रक्रिया के दारान पारदशिता बरतने के लिए मतदान एजेंटों के समक्ष छ मतदान भी कराये गये। उहोंने बताया कि मतदान किया की आनलाइन मानिटरिग भी की गयी। डा सुबा राव ने बताया कि मतगणना ३० जुलाई को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। मतगणना के लिए १२ क्षेत्रों में १५ केन्द्रों की स्थापना की जाएगी उहोंने कहा कि मतगणना की तयारियों पर कल से विभि क्षेत्रों के चुनाव अधिकारियों के साथ समीक्षा बठक की जायेगी। उहोंने बताया कि इवीएम आर मतपेटिया टाग म में रखी गयी ह, जहा कडी सुरक्षा यवथा है। उहोंने बताया कि टाग म से मतपेटिया व इवीएम मतगणना कें ले जाने के दारान केवल अनुमति ात एजेंट ही साथ आ सकते ह। उहोंने बताया कि टाग म के पास सीसी टीवी कमरे भी लगाये गये है।

निजामाबाद में न्यूज चनलों के प्रसारण पर रोक

श्री सुबा राव ने कहा कि अगर न्यूज चनल केबल कानून का उघन करते है, तो जिलाधीश व उप जिला मजिटेट (आरडीओ) उन चनलों का प्रसारण रोक सकते है। उहोंने निजामाबाद के आरडीओ द्वारा निजामाबाद में न्यूज चनलों के सारण रोकने सबधी फसले का समथन किया।इस बीच इलेक्ट्रानिक मिडिया के अध्यक्ष इन डिजिटल नेट वर्क के संचालक कुलदीप सहनी इसका विरोध करते हुए सभी समाचार चेनलों का प्रसारण बंद कर दिया था.बाद में राज्य मानवधिकार आयोग की अनुमति पर पुनः शुरू किया गया .सचिवालय थित अपने चबर में पत्रकारों से बातचीत करते हए डा सुबा राव ने कहा कि निजामाबाद में न्यूज चनलों के सारण पर रोक जिलाधीश व आरडीओ के आदेश पर लगायी गयी ह। मुय चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदान के दारान उमीदवारों को टीवी चनलों पर बयानबाजी या इटरयू देने का अधिकार नहीं ह। उहोंने चेतावनी दी कि इस कानून का उघन करने वाले उमीदवारों व चनलों के खिलाफ कारवाइ की जायेगी।

Wednesday, July 21, 2010


राजधानी की एक शाम
भोजपुरी के नाम

दिल्ली, बंबई, कलकत्ता,

चाहें रहिह मसूरी में…
पढिह-लिखिह कवनो भाषा,
बतिअइह भोजपुरी में….”

भोजपुरी
की प्रसिद्ध गायिका भानुश्री ने मंच पर आकर जब यह गीत शुरु किया, तो एक प के लिये ऐसा लगा मानो देश-विदेश में फैले करोडों भोजपुरी भाषियों को एक संदेश दिया जा रहा हो, कि आप कहीं भी रहें, कोई भी भाषा पढें, लेकिन जब भी आपस में मिलें, तो भोजपुरी में ही बात करें। कुछ इसी तरह का संदेश दिल्ली को देकर गई 17 जुलाई की शाम, जब भोजपुरिया समाज के सबसे बडे ऑनलाइन सोशल नेटवर्क जय भोजपुरी डॉट कॉम का प्रथम स्थापना दिवस समारोह नई दिल्ली के राजेन्द्र भवन में संपन्न हुआ।भोजपुरी टीवी चैनल मैजिक टीवी के चेयरमैन श्री अशोक गुप्ता व भोजपुरिया समाज के अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में जब जय भोजपुरी परिवार के सदस्य आपस में एक-दूसरे से मिले, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी, अपने उन मित्रों से आमने-सामने मिलने की, जिनको आज से पहले वो लोग सिर्फ ऑनलाइन ही मिल पाये थे। यह वक्त उन लोगों से बातचीत करने का था, जिनसे आज तक लोग सिर्फ “ऑनलाइन चैट” ही करते थे। इस खुशनुमा माहौल में बहुत लोग अपनी भावनाओं पर काबु नहीं रख पाये, और परिचय के दौरान ही कई लोगों की आँखे छलक पडीं। और छलकें भी क्यों ना, यह मौका था इस महानगर में “अपने लोगों” से मिलने का, अपनी भाषा (भोजपुरी) में बात करने ना, वह भाषा जिसे शायद इस महानगर के सुनने को कान तरस जाते थे।कार्यक्रम की शुरुआत में परिचय के दौरान ही वेबसाइट के वरिष्ठ सदस्य श्री अनूप श्रीवास्तव, श्री शशिरंजन मिश्र व कई अन्य सदस्यों ने भोजपुरी को उसका सम्मान दिलाने की बात पुरजोर तरीके से उठाई। इन वक्ताओं का मानना था कि जब तक हमारे समाज के युवा वर्ग में भोजपुरी बोलने को लेकर झिझक खत्म नहीं होगी, तब तक इस भाषा को बाकी लोग भी सम्मान नहीं देंगे। “शुरुआत अपने घर से करनी होगी, और वह शुरुआत हो चुकी है… आईये हम सभी प्रण लें कि अपने लोगों से जब भी मिलें, तो भोजपुरी में ही बात करें,” श्री अनूप श्रीवास्तव के इस आह्वान का सभागार में मौजुद लोगों ने तालियों की गडगडाहट से स्वागत किया। जय भोजपुरी परिवार के प्रथम स्थापना दिवस का केक संयुक्त रुप से सुश्री भानुश्री व श्री पंकज प्रवीण ने काटा, और इस से अपनी संस्कृति को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आधुनिकता से भी परहेज नहीं करने का संदेश दिया गया।भोजपुरी की बाकी संस्थाओं के कार्यक्रमों से इतर इस कार्यक्रम में भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने को लेकर कोई नारेबाजी नहीं हुई, बल्कि यह फैसला लिया गया कि पहले हमें खुद को मजबूत करना होगा।सभागार में मौजूद लोगों का मानना था कि जब हमारे समाज में एकता आ गई, तब भोजपुरी को मान्यता देने के लिये सरकार व संसद मजबूर होगी। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में “इंटरनेट पर भोजपुरी का दखल” विषय पर एक परिचर्चा भी हुई, जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रमोद कुमार तिवारी व श्री शशि रंजन मिश्रा समेत अन्य वक्ताओं ने भोजपुरी के विकास में इंटरनेट के योगदान पर प्रकाश डाला। इस परिचर्चा में एक बात उभर कर आई कि आज के जमाने में इंटरनेट एक वैश्विक मंच का रुप ले चुका है, और भोजपुरिया डॉट कॉम तथा जय भोजपुरी डॉट कॉम जैसी वेबसाइटों की वजह से भोजपुरी को भी इंटरनेट पर एक अलग पहचान मिली है। इन वेबसाइटों पर लोग ना सिर्फ अपनी भाषा में अपनी रचनायें लिख रहे हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के लोगों से जुडकर अपने दिल की बात भी आपस में बाँट रहे हैं।कार्यक्रम के अंतिम सत्र में भोजपुरी गीतों का एक रंगारंग कार्यक्रम हुआ, जिसमें कई दिग्गज कलाकारों ने अपने गीतों से लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया। इस सत्र की शुरुआत प्रसिद्ध गायिका सुश्री भानुश्री के भक्ति गीत से हुई, जिसके तुरंत बाद उन्होंने “जय भोजपुरिया, जय यूपी-बिहार…” गीत गाकर युवाओं में जोश भर दिया। अपने अंतिम गीत के रुप में “पढिह-लिखिह कवनो भाषा, बतिअइह भोजपुरी में…” गाकर भानुश्री जी ने कार्यक्रम को एक नई दिशा दी। उसके बाद कोलकाता से आये श्री बिमलेश तिवारी कौशल ने प्रसिद्ध भोजपुरी कवि महेन्द्र मिश्र द्वारा रचित गीत “पटना से बैधा बुलाई द…” से समां बाँध दिया। तत्पश्चात श्री शशि सागर ने मनोज तिवारी के प्रसिद्ध गीतों को अपनी आवाज में गाकर पूरे सभागार को झूमने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में श्री पंकज प्रवीण ने आकर अपनी नई एलबम “चाहत में सनम” से कुछ नगमे सुनाये, तो पूरे सभागार में जान आ गई। इसके अलावा उन्होंने “दिल दिवाना भइल…” पर भी खुब तालियाँ बटोरीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय ने की, व इसका संयोजन श्री मोंटू सिंह ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री नवीन भोजपुरिया, श्री एस. चौहान, श्री शरत निखिल, व संचालक श्री अखिलेश कुमार का विशेष योगदान रहा। इस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यही रही कि इसके आयोजक, श्रोता व कलाकार सभी जय भोजपुरी डॉट कॉम के सदस्य थे। जय भोजपुरी डॉट कॉम के सदस्यों के लिये यह एक ऐतिहासिक पल था, और उनमें अपनी भाषा व संस्कृति को संजोये रखने की ललक स्पष्ट दिखाई दी।

साभार :प्रवक्ता डाट काम www.pravakta.com

Tuesday, July 20, 2010


बाबू को जबरन हैदराबाद भेजा गया
  • निज़ामाबाद (आन्ध्र प्रदेश) महाराष्ट्र सरकार ने बाबली बांध के विरोध के सिलसिले में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायुडू और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज मामले आज वापस ले लिए और उन्हें विशेष विमान से जबरन हैदराबाद भेज दिया। महाराष्ट्र सरकार ने चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की थी और उससे श्री नायुडू तथा अन्य नेताआें को जबरन विमान में सवार कराया गया। अधिकारियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कुछ नेताआें ने भारी विरोध किया, जबकि कुछ नेता बिना किसी विरोध के विमान में सवार हो गए। विरोध कर रहे नेता रनवे पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।इसके पहले श्री नायुडू और अन्य नेताआें को धर्माबाद से औरंगाबाद जेल स्थानांतरित किए जाने की योजना थी। औरंगाबाद जेल अधीक्षक भरत भोंसले ने कहा कि उन लोगों के लिए दो बैरक खाली रखे गए थे, लेकिन श्री नायुडू द्वारा जमानत स्वीकार करने से मना करने पर राज्य सरकार अजीब स्थिति का सामना कर रही थी और आखिरी समय में उसने आरोप वापस लेते हुए नेताआें को वापस भेजने का फैसला किया। महाराष्ट्र गृह विभाग ने नांद़ेड के जिलाधिकारी को एक पत्र फैक्स कर उन्हें लोक अभियोजक के जरिए धर्माबाद अदालत को सूचित करने को कहा कि श्री नायुडू और अन्य के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन किए जाने संबंधी आरोपों को सरकार ने वापस ले लिया है। श्री नायुडू अन्य तेदेपा नेताआें के उन्हें जबरन विमान में बिठाये जाने का विरोध करने पर पुलिस द्वारा उनकी पिटाई करने की भी खबर है। इससे पूर्व, श्री नायुडू ने आंध्र प्रदेश के पत्रकारों से फोन पर बात करते हुए कहा, ‘मैं मेरे विधायक, सांसद और एमएलसी बिना बाबली बांध देखे आंध्र प्रदेश वापस नहीं जायेंगे। इसके लिए मुझे कुछ भी सहना पडे, हम सब सहेंगे।हैरानी की बात है कि गिरफ्तार तेदेपा नेताआें को मंगलवार की शाम महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गुपचुप तरीके से औरंगाबाद के हरसुल जेल ले जाने के बजाय पिछले गेट से औरंगाबाद हवाई अड्डे पर क्यों लाया गया। श्री नायुडू ने आगे कहा कि पहले इस बात का जवाब दिया जाये कि महाराष्ट्र पुलिस ने किस आधार पर हमारे विधायकों, सांसदों को पीटा?उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र की सरकार भ्रष्ट सरकार है, जिसके पास शिष्टाचार नाम की चीज नहीं है। श्री नायुडू ने आगे कहा कि हम लोगों को धर्माबाद से औरंगाबाद जेल ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन महाराष्ट्र की पुलिस धोखे से हमें हवाई अड्डे क्यों लेकर आई है? उन्होंने आगे कहा कि हम लोग यहां से बाबली बांध देखे बिना वापस नहीं जायेंगे। इस दौरान एक बार फिर महाराष्ट्र पुलिस ने बाबू सहित सभी तेदेपाइयों को जबरन विशेष विमान आईसी००१ में च़ढाने का प्रयास किया, तो सभी नेता वहीं पर धरने पर बैठ गए। बाद में सभी को जबरन विमान में बिठाकर हैदराबाद रवाना कर दिया गया। इधर, हैदराबाद में शमशाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद श्री नायुडू और पार्टी के विधायकों, सांसदों विधान परिषद सदस्यों का स्थानीय पार्टी नेताआें कार्यकर्ताआें ने भव्य स्वागत किया। चंद्रबाबू नायुडू की धर्मपत्नी भुवनेश्वरी, बेटा लोकेश भी हवाई अड्डा पहुंचे थे। तेदेपा प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायुडू सहित पार्टी के नेताआें के विमान से नगर पहुंचने की खबर मिलने परतेदेपा के नेता कार्यकर्ता हजारों की संख्या में शाम सात जे ही शमशाबाद हवाई अड्डा पहुंच ये। रात्रि बजे चंद्रबाबू नायुडू के विमान से उतरते ही कार्यकर्ताआें नेताआें की नारेबाजी से पूरा हवाई अड्डा गूंज उठा। श्री नायुडू पत्रकारों से बातचीत करना चाहते थेे, लेकिन नेताआें कार्यकर्ताआें के हंगामे के कारण ऐसा नहीं कर सके और ओपन टॉप जीप में देवेंदर ग़ौड, प्रकाश ग़ौड, गणेश गुप्ता के साथ मिलकर रैली के रूप में नगर के लिए रवाना हो गये। कुछ महिला विधायकों ने पत्रकारों से बातचीत के दाेैरान महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की क़डी निंदा की। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनके स्वर्णाभूषण छीन लिये और वे इस बारे में प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह से शिकायत करेंगी। शमशाबाद हवाई अड्डे पर शमशाबाद मंडल के पार्टी नेता बुक्का गोपाल, गणेश गुप्ता, इंद्रा रेड्डी, राजेंद्रनगर के कारपोरेटर प्रेमदास ने चंद्रबाबू नायुडू का स्वागत किया। इसके बाद श्री नायुडू समेत सभी नेताआें को हवाई अड्डे से सीधे नगर के बंजारा हिल्स स्थित केयर अस्पताल ले जाया गया।उधर, प्रदेश के मुख्यमंत्री केरोशय्या ने एक बयान जारी कर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने घोषणा की कि उनकी अगुवाई में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से भेंट करेगा।

video
बभाली बांध,जिसे देखने बाबू जा रहे थे.
-------------------------------------
बाबू सहित सभी तेदेपाई औरंगाबाद जेल भेजे गए
महाराष्ट्र पुलिस ने किया उनके साथ अभद्र व्यवहार

दो विधायक घाय ,कई बीमार ,मीडिया कों दूर रखा
निज़ामाबाद(आन्ध्र प्रदेश),नांदेड जिले के धर्माबाद में गोदावरी नदी पर बने बभाली बांध देखने जा रहे प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री एवम तेलगु देशम पार्टी के मुखिया नारा चन्द्र बाबू एवम उनके 74 विधायकों,सांसदों तथा एम.एल.सी.(जिनमें महिलाएं भी शामिल हें) कों शुक्रवार की दोपहर आन्ध्र -महाराष्ट्र की सीमा बिद्रेली पर महाराष्ट्र पुलिस ने सीमा उलंघन एवम धारा 144 तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर धर्माबाद के आई.टी आई. में वैकल्पिक जेल बनाकर खा गया था . जिन्होंने सोमवार कों आग्रिम जमानत लेने से साफ मना कर दिया था कि पहले बांध

दिखाओ ,लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी, जिसके कारण सभी तेदेपा नेताओं कों 26 जुलाई तक न्यायधीश दीपक माथा ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया ,जिन्हे मंगलवार (आज) की सुबह औरंगाबाद जेल भेज दिया गया.इस बीच खबर है की बाबू उनके सांसदों विधायकों के साथ महाराष्ट्र पुलिस ने बहुत बदसलूकी भी की है,जिसमे दो विधायकों कों चोटें भी आई हैं,जबकि पुलिस ने महिला नेताओं से भी अभद्र व्यव्हार किया है.सूत्रों से मिली जानकर की मुताबिक एक सामान्य पुलिस कर्मी ने बाबू पर पीक्षे से हाथ भी उठाया. मजे की बात तो यह है की उस समय नादेड के पुलिस अधीक्षक संदीप कार्निक भी वहीँ मोजूद थे,उनहोने भी कोई करवाई नहीं की.बताते हैं कि बीती रात एक पुलिस अधिकारी ने बाबू के साथ भी बदतमीजी कि थी,जिस पर बाबू भड़क उठे थे,इस घटना से उनके आँखों से आंसूं भी निकल पड़े .आई टीमें रखे गए सभी राजनैतिक कैदियों कि साथ जिस तरह का व्यव्हार वहाँ कि पुलिस कर रही है उसे सुन कर शर्म से आख्ने झुक जाती है. गिरफ्तारी के दोरान वहाँ कि बिजली काट दी जाती, तो पीने के लिए साफ पानी नहीं दिया गया.जिसके चलते दो एम.एल..डायरिया के शिकार हो गए जिंनका इलाज डाक्टरों के एक दल ने किया.उल्लेखनीय है कि इस घटना कर्म के दौरान आन्ध्र कि मीडिया कों वहाँ से दूर रखा गया .कई चेनलों के कैमरे तोड़ दिए पुलिस वालों ने,कई पत्रकारों कों पीटा भी .यह सब कुछ नादेड के वरिस्थ अधिकारियों के अलावा वहाँ के सांसद भास्कर राव पाटि कि मोजुदगी में हुआ.लेकी उनहोने ने भी अभी तक कोई करवाई के देश नहीं दिए.यह जो कोच हुआ वह भी महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री अशोक राव चौव्हान के रह नगर में.दूसरी अहम् बात यह है कि आंध्र प्रदेश कि सरकार भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं .बाबू कि गिरफ्तारी कों लेकर तेद्पाई अब सडकों पर उतर आये हैं आन्ध्र क्षेत्र से मिल रही खबरों के मुताबिक ते.दे.पा.कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पर तोड़ फोड़ शुरु कर दिए हैं।
प्रदीप श्रीवास्तव


Monday, July 19, 2010

आन्ध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री
चन्द्र बाबू कों 26 तक की जेल

निज़ामाबाद(आन्ध्र प्रदेश),आन्ध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री नारा चन्द्र बाबू सहित सभी 75 विधायकों, सांसदों एवम एम.एल.सी कों महाराष्ट्र के नादेड जिले की एक सब न्यालय धर्माबाद के मुंसिफ मजिस्ट्रेट दीपक माथा ने सोमवार कों धर्माबाद के ओधोगिक प्रशिक्षण केंद्र में अस्थाई बनाये गए अदालत मे अपना निर्णय सुनाया.
पता
हो के बाबु बीते शुक्रवार कों अपने सभी विधायकों,सांसदों एवम एम.एल.सी (जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं.) के साथ महाराष्ट्र -आन्ध्र प्रदेश की सीमा से लाग कर बहने वाली गोदावरी नदी पर धर्माबाद के निकट बभाली बांध देखने जा रहे थे,जिन्हें दोनों प्रदेशों की सीमा बिद्रेली पर झूट बोलकर महाराष्ट्र पुलिस ने गिरिफ्तर कर वहीँ के आई.टी आई.में बंद कर रखा है.उल्लेखनीय है कि बाबु का कहना है कि वे केवल बांध देखना चाहतें हैं,लेकिन महाराष्ट्र सरकार एवम नादेड जिला प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी. जिसके कारण बाबु ने कहा कि वे बिना बांध देखे नहीं जाएँ गे.और वे लोग वहीँ सीमा पर धरने पर बैठ गए.बाद में महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गिरिफ्तर कर वैकल्पिक न्यालय में प्रस्तुत किया,जहाँ पर मजिस्ट्रेट दीपक माथा ने पहले सभी कों सोमवार 19 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा था.जिसके लिए वहीँ के आई.टी.आई.कों ही एक जेल का रूप दे कर बाबु सहित सभी कों रखा.सोमवार कों बाबु समेत सभी गिरिफ्तर तेदपा नेतायों जमानत लेने से इंकार कर दिया.इस लिए अब सभी कों जेल भेजा जा रहा है.सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बाबु,देवेंदर गौड़ ,सांसद रमेश राठोड समेत कुछ कों नासिक जेल में तथा अन्य कों औरंगाबाद के जेल में भेजा जा रहा है.इस बीच बाबू कि गिरफ़्तारी विरोध में आज प्रदेश बंद का आह्वान तेदेपा ने किया था.जिसे सफल बताया जा रहा है.
प्रदीप श्रीवास्तव

Saturday, July 3, 2010

नांदेड में भी है छत पर बना जहाज
निज़ामाबाद/ पाठकों अभी हाल ही में अखबारों में पंजाब प्रान्त के जालंधर की पढ़ी व देखी होगी कि वहाँ के एक गाँव मे एक अप्रवासीय भारतीय ने अपने घर कि छत पर विशाल हवाई जहाज बनवा रखा है.ठीक इसी तरह महाराष्ट्र के नादेड शहर में बने बाबा दीप सिंह जी यात्री निवास कि छत पर भी एक विशाल जहाज बना हुआ है.जिसका उपयोग पानी की टंकी के रूप मे नहीं किया जाता है.बल्कि उसके अन्दर हाल बना हुआ है जिसमें लोग बैठ सकते हैं.उसकी खिड़कियाँ व सामने का भाग भी ठीक हवाई जहाज की भांति है. सामने की ओर पंखा भी लगा है,जो हवा चलने पर तेज गति से चलता है.जिसे बनवाया है पंजाब के संत बाबा नरेंद्र सिंह एवम संत बाबा बलविंदर सिंह जी ने.जिनकी योजना है कि आगे चल कर यात्री निवास के निकट कि जमीन पर विशाल भवन बनवाया जाय और उसकी छत पर हेलीकाप्टर उतर सके । इस रपट कों नादेड से भेजी है पत्रकार रविंदर सिंह मोदी ने।फोटो हैं नरेंदर गढ़ाप्पा के.

------------------------------------------------------------------------------------------