Friday, July 30, 2010

आन्ध्र प्रदेश उप चुनाव 2010
हाथ पर भारी पड़ा कमल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी श्रीनिवास पराजित
भाजपा के वाई लक्ष्मी नारायण 1121 मतों से विजयी

निज़ामाबाद(आन्ध्र प्रदेश ),पृथक तेलंगाना की मांग कों ले कर पिछले दिनों तेलंगाना के बारह विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद कराये गए उप-चुनाव में जहा कांग्रेस कों मुह की खानी पड़ी ,वहीँ ते दे पा के लिए बभाली बांध का मुद्दा उसे ले डूबा.मजे की बात यह है कि इस उपचुनाव में कांग्रेस व तेदेपा का सूपड़ा ही साफ हो गया .सभी 12 सीटों में से 11 पर तेरास ने पुनः अपना कब्ज़ा कर लिया वहीँ भाजपा ने निज़ामाबाद कि सीट पर विजय हासिल कर यह सिद्ध कर दिया कि पैसे से इन्सान के इंसानियत कों नहीं खरीदा जा सकता है.कहते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी डी.श्रीनिवास ने पानी कि तरह पैसा बहाया .एक अनुमान के मुताबिक उन्हों ने लगभग पचास से साठ करोंड़ खर्च किये हैं.पता हो कि 267293 मतदाता वाले निज़ामाबाद शहर के लिए उप चुनाव में इस बार 120636 मतदाताओं ने ही अपने मत का प्रयोग किया,जिसका कुल प्रतिशत 45 था. जब कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार 6 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ ,इसके बावजूद डी श्रीनिवास का पराजित होना लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है. उन्हें कुल 52195 मत मिले जब कि वाई लक्ष्मीनारायण कों 64176 . वहीँ तेदेपा के नरसा रेड्डी कि जमानत जब्त हो गई.जिन्हें १७९३ मत प्राप्त हुए .बीस राउण्ड में हुई मतगणना में भाजपा ही सबसे आगे रही.उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के प्रत्याशी डी श्रीनिवास ने इस चुनाव में पैसा पानी की तरह बहाया .पचास वार्डों वाले निज़ामाबाद शहर विधान सभा क्षेत्र के हर वार्ड्स पर लगभग एक करोड़ खर्च किये.डी.श्रीनिवास की हर के पीछे उन्हीं के नजदीकि बताये जा रहे हैं.जिन्हों ने उन्हें गुमराह किया.बताते हैं की उनका हर पार्षद व नजदीकी कार्यकर्त्ता ने लाखों रूपये बताने के लिए लीये,लेकिन बताने की बजाय अपने पास रख लिया.फिर भी कांग्रेस ने जिन इलाकों में पैसा बांटा वहाँ पर लगभग हर घर हजार से पॉँच हजार दिए गए.इसके बावजूद मतदाताओं ने उन्हें नकार दिया.लक्ष्मी नारायण कों जो वोट मिले उसे भाजपा का ना कहकर जे.ई.सी.(तेलंगाना के लिये बनी ज्वाइंट एक्सन कमेटी) के लिये कहा जाये तो उचित होगा.फिर भी लक्ष्मी नारायण के मृदभाषी व्यव्हार ने भी मतदाताओं के मन कों जितने में काफी सफलता पाई है.इस्तीफा देने से पहले व बाद में भी वे बराबर लोगों के सुख-दुःख में शामिल होते रहे.इसबार उन्हें अल्पसंख्यकों का भ पॉँच से दस प्रतिशत वोट मिला.कुल मिलकर इतना कहा जा सकता हैकि निज़ामाबाद से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया .क्यों क़ि डी श्रीनिवास जैसा कोई कद्दावर नेता नहीं है जो कांग्रेस क़ि नैय्या कों पर लगा सके. उनके बाद दूसरी श्रेणी के नेताओं में वह बात नहीं हैकि वे कांग्रेस कों पहचान दे सकेंगे .सभी अपने-अपने स्वार्थ सिद्ध में लगें है. इस चुनाव का असर अगले दो माह में होने वाले महा नगर पालिका के चुनाव पर काफी पड़ेगा .जिसमे भाजपा एवम तेरास अपना झंडा फहरा सकेंगे।

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