Tuesday, July 20, 2010


बाबू को जबरन हैदराबाद भेजा गया
  • निज़ामाबाद (आन्ध्र प्रदेश) महाराष्ट्र सरकार ने बाबली बांध के विरोध के सिलसिले में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायुडू और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज मामले आज वापस ले लिए और उन्हें विशेष विमान से जबरन हैदराबाद भेज दिया। महाराष्ट्र सरकार ने चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की थी और उससे श्री नायुडू तथा अन्य नेताआें को जबरन विमान में सवार कराया गया। अधिकारियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कुछ नेताआें ने भारी विरोध किया, जबकि कुछ नेता बिना किसी विरोध के विमान में सवार हो गए। विरोध कर रहे नेता रनवे पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।इसके पहले श्री नायुडू और अन्य नेताआें को धर्माबाद से औरंगाबाद जेल स्थानांतरित किए जाने की योजना थी। औरंगाबाद जेल अधीक्षक भरत भोंसले ने कहा कि उन लोगों के लिए दो बैरक खाली रखे गए थे, लेकिन श्री नायुडू द्वारा जमानत स्वीकार करने से मना करने पर राज्य सरकार अजीब स्थिति का सामना कर रही थी और आखिरी समय में उसने आरोप वापस लेते हुए नेताआें को वापस भेजने का फैसला किया। महाराष्ट्र गृह विभाग ने नांद़ेड के जिलाधिकारी को एक पत्र फैक्स कर उन्हें लोक अभियोजक के जरिए धर्माबाद अदालत को सूचित करने को कहा कि श्री नायुडू और अन्य के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन किए जाने संबंधी आरोपों को सरकार ने वापस ले लिया है। श्री नायुडू अन्य तेदेपा नेताआें के उन्हें जबरन विमान में बिठाये जाने का विरोध करने पर पुलिस द्वारा उनकी पिटाई करने की भी खबर है। इससे पूर्व, श्री नायुडू ने आंध्र प्रदेश के पत्रकारों से फोन पर बात करते हुए कहा, ‘मैं मेरे विधायक, सांसद और एमएलसी बिना बाबली बांध देखे आंध्र प्रदेश वापस नहीं जायेंगे। इसके लिए मुझे कुछ भी सहना पडे, हम सब सहेंगे।हैरानी की बात है कि गिरफ्तार तेदेपा नेताआें को मंगलवार की शाम महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गुपचुप तरीके से औरंगाबाद के हरसुल जेल ले जाने के बजाय पिछले गेट से औरंगाबाद हवाई अड्डे पर क्यों लाया गया। श्री नायुडू ने आगे कहा कि पहले इस बात का जवाब दिया जाये कि महाराष्ट्र पुलिस ने किस आधार पर हमारे विधायकों, सांसदों को पीटा?उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र की सरकार भ्रष्ट सरकार है, जिसके पास शिष्टाचार नाम की चीज नहीं है। श्री नायुडू ने आगे कहा कि हम लोगों को धर्माबाद से औरंगाबाद जेल ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन महाराष्ट्र की पुलिस धोखे से हमें हवाई अड्डे क्यों लेकर आई है? उन्होंने आगे कहा कि हम लोग यहां से बाबली बांध देखे बिना वापस नहीं जायेंगे। इस दौरान एक बार फिर महाराष्ट्र पुलिस ने बाबू सहित सभी तेदेपाइयों को जबरन विशेष विमान आईसी००१ में च़ढाने का प्रयास किया, तो सभी नेता वहीं पर धरने पर बैठ गए। बाद में सभी को जबरन विमान में बिठाकर हैदराबाद रवाना कर दिया गया। इधर, हैदराबाद में शमशाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद श्री नायुडू और पार्टी के विधायकों, सांसदों विधान परिषद सदस्यों का स्थानीय पार्टी नेताआें कार्यकर्ताआें ने भव्य स्वागत किया। चंद्रबाबू नायुडू की धर्मपत्नी भुवनेश्वरी, बेटा लोकेश भी हवाई अड्डा पहुंचे थे। तेदेपा प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायुडू सहित पार्टी के नेताआें के विमान से नगर पहुंचने की खबर मिलने परतेदेपा के नेता कार्यकर्ता हजारों की संख्या में शाम सात जे ही शमशाबाद हवाई अड्डा पहुंच ये। रात्रि बजे चंद्रबाबू नायुडू के विमान से उतरते ही कार्यकर्ताआें नेताआें की नारेबाजी से पूरा हवाई अड्डा गूंज उठा। श्री नायुडू पत्रकारों से बातचीत करना चाहते थेे, लेकिन नेताआें कार्यकर्ताआें के हंगामे के कारण ऐसा नहीं कर सके और ओपन टॉप जीप में देवेंदर ग़ौड, प्रकाश ग़ौड, गणेश गुप्ता के साथ मिलकर रैली के रूप में नगर के लिए रवाना हो गये। कुछ महिला विधायकों ने पत्रकारों से बातचीत के दाेैरान महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की क़डी निंदा की। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनके स्वर्णाभूषण छीन लिये और वे इस बारे में प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह से शिकायत करेंगी। शमशाबाद हवाई अड्डे पर शमशाबाद मंडल के पार्टी नेता बुक्का गोपाल, गणेश गुप्ता, इंद्रा रेड्डी, राजेंद्रनगर के कारपोरेटर प्रेमदास ने चंद्रबाबू नायुडू का स्वागत किया। इसके बाद श्री नायुडू समेत सभी नेताआें को हवाई अड्डे से सीधे नगर के बंजारा हिल्स स्थित केयर अस्पताल ले जाया गया।उधर, प्रदेश के मुख्यमंत्री केरोशय्या ने एक बयान जारी कर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने घोषणा की कि उनकी अगुवाई में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से भेंट करेगा।

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