Monday, August 30, 2010



बरसात के चलते
चारमीनार को नुकसान

हैदराबाद। लगातार हो रही तूफ़ानी बारिश के कारण नवाबों के शहर हैदराबाद की पहचान मानी जाने वाली ऐतिहासिक चारमीनार को नुक़सान पहुँचा है। इसे देखकर स्‍थानीय लोगों में बेचैनी है। रविवार रात लगातार कई घंटों की भारी बारिश के कारण चारमीनार की एक मीनार की दूसरी मंजिल से कुछ मलबा टूट कर नीचे गिर गया जिसके बाद इलाक़े में दहशत फैल गई और चार सौ वर्ष पुराने इस भवन की सुरक्षा को लेकर अफ़वाहें चल निकलीं।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पूर्व छोर की मीनार के कुछ कंगूरे अचानक टूट गए। मलबे का कुछ हिस्सा वहां से गुजरती हुई एक कार पर भी गिरा और लोग डरकर भाग खड़े हुए।इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उस जगह को घेर लिया और व्यस्त सड़क का ट्रैफिक रोक दिया। लेकिन बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चारमीनार को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा है और उसका ढांचा सुरक्षित है।राज्य के पुरातत्व विभाग के निदेशक चन्ना रेड्डी ने कहा कि केवल ऊपरी नुक़सान पहुँचा है जिसकी मरम्मत की जा सकती है। इससे पहले पश्चिमी छोर की मीनार का एक बड़ा टुकड़ा भी इसी तरह टूट कर गिर पड़ा था।इन घटनाओं ने चारमीनार की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं और स्थानीय लोग सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगा रहे हैं कि वो इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं।हर रोज़ हजारों पर्यटक चारमीनार को देखने आते हैं और उन्हें केवल पहली मंजिल पर चढ़ने की अनुमति दी जाती है। ये ऐतिहासिक इमारत 1591 में मोहम्मद क़ुतुब शाह ने बनवाई थी और ये विश्व में अपनी तरह का एक अलग स्मारक माना जाता है।

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