Monday, August 2, 2010

नाऊ अमृतसर डाट काम का
शुभारम्भ किया यशवंत ने

हिंदी पट्टी के युवाओं - पत्रकारों में न्यू मीडिया के साथ जुड़ने की ललक तेज हुई है. आए दिन हिंदी वेबसाइटें लांच हो रही हैं. इसी कड़ी में रविवार को अमृतसर में नई न्यूज वेबसाइट नाऊअमृतसर डॉट कॉम को वरिष्ठ पत्रकार व भड़ास4मीडिया के संस्थापक-संपादक यशवंत ने लांच किया. अमृतसर के पत्रकार रघु राजा के निर्देशन में दानिश गौर ने यह साइट शुरू की है.इस वेबसाइट नाऊअमृतसर.कॉम पर अमृतसर की खबरों के अलावा पंजाब के मुद्दों-सवालों को भी उठाया जाएगा. अमृतसर के युवाओं को खासतौर पर इस वेबसाइट से जोड़ने की योजना है. अमृतसर के पत्रकारों, फोटोग्राफरों, गणमान्य लोगों की मौजूदगी में इस वेबसाइट की लांचिंग हुई.मुख्य अतिथि यशवंत सिंह ने नाऊअमृतसर के कार्यालय का उदघाटन फीता काटकर किया. इसके बाद नाऊअमृतसर डॉट कॉम की वेबसाइट के कंटेंट को अपलोड कर न्यूज पोर्टल की लांचिंग की. उन्होंने नाऊअमृतसर की टीम को वेबसाइट की गुणवत्ता और लेआउट के बारे में कई टिप्स दिए.

नाऊअमृतसर की टीम में दानिश गौर के अलावा हरमीत, मनदीप, कौशल और सोनिका हैं. इस टीम को पत्रकार रघु राजा, फोटोग्राफर धीरज शर्मा समेत कई वरिष्ठ जनों ने बधाई दी. इस मौके पर एडवोकेट गुरजीत सिंह नागरा भी मौजूद थे.


नाऊअमृतसर.कॉम तक आप इस लिंक पर क्लिक करके पहुंच सकते हैं- अमृतसर से नई वेबसाइट लांच


इस मौके पर अपने संबोधन में यशवंत ने कहा कि कारपोरेट हाउस में तब्दील हो चुके मीडिया हाउसों से जनपक्षधरता की उम्मीद करना अब बेकार है. उनके पतन पर सिर पीटना भी समय बर्बाद करना है. बजाय अपनी ऊर्जा किसी को सुधारने में लगाने के, हमें ऐसी लकीर खींचनी चाहिए जिससे कारपोरेट मीडिया हाउसों को भी बाद में अपने पतन के बारे में सोचने को मजबूर होना पड़े.यशवंत ने कहा कि अगर वेब माध्यमों के जरिए हम बेहतर कंटेंट, जनपक्षधर कंटेंट, सच्चाई से लबरेज कंटेंट प्रकाशित करते हैं, निर्भीक पत्रकारिता करते हैं तो इसे चहुंओर स्वीकृति मिलेगी. आज दिक्कत यह है कि सच कहने वालों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि सच कहीं खो गया लगता है, दुबक गया लगता है. सच्चाई यह है कि सच कहने के नाम पर आज हर कोई समझौते करने में लगा है.यशवंत ने बताया कि जो परंपरागत माध्यम हैं, उन्होंने अपने को इतना खर्चीला बना लिया है, इतना बिजनेस ओरियेंटेड कर लिया है कि उन्हें कीचड़ में धंसे अपने पैर को निकाल पाना मुश्किल है. उनका अंत ही उनकी नियति है. आज के युवा पत्रकारों को न्यू मीडिया माध्यमों को अपनाकर आने वाले कल के चौथे खंभे की नींव मजबूत करनी चाहिए. इस समय जो चौथा खंभा है, उसकी नींव में पानी भर चुका है और जल्द ही वह गिरने वाला है. ऐसे में आज के चौथे खंभे का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, इसके आसपास भी नहीं खड़ा होना चाहिए क्योंकि जब खंभा गिरेगा तो आसपास के सभी लोग मारे जाएंगे. सबके दामन दागदार होंगे.यशवंत ने आह्वान किया कि अभी वक्त है, सच्चे और ईमानदार लोगों को न्यू मीडिया को अपनाकर चौथे खंभे के दागदार दामन को उजला करने का प्रयास करना चाहिए, समस्याओं में घिरी जनता की असली समस्याओं को उजागर करना चाहिए, व्यवस्था के पाखंडों-बेइमानियों का पर्दाफाश करना चाहिए।

साभार :भड़ास 4मीडिया डाट काम

www.bhadas4media.com


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