Saturday, October 30, 2010

मोरारी बापू की रामकथा 13 नवम्बर

मोरारी बापू की रामकथा 13 नवम्बर से एलोरा में

निज़ामाबाद . रामयुगीन संस्कृति एवं आदर्शों के अनुपम उदगाता श्री मुरारी बापू की" राम कथा" शनिवार 13 नवम्बर से रविवार 21 नवम्बर तक महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित एलोर के निकट घर्नेश्वर पुण्य क्षेत्र में आयोजित की जा रही है.यह कथा 13 नवम्बर को सायं 4 :00 बजे से 6 :00 बजे तक तथा शेष दिनों सुबह 9 :30 बजे से दोपहर 1 :00 बजे तक होगी .कथा स्थल का नाम जनार्दन स्वामी आश्रम परिसर रखा गया है.कथा के यजमान हैं औरंगाबाद के प्रतिष्ठित व्यवसायी रामविलास हीरालाल जाजू परिवार .यह जानकारी देते हुए निज़ामाबाद के बाल रोग चिकित्सक डॉ सुरेश जाजू ने बताया कि इस अवसर पर महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री राजेन्द्र दर्डा ,राधा कृष्ण विखे पाटिल,सांसद चन्द्रकान्त खैरे,वीडियोकान के मालिक एवम सांसद राजकुमार धुत,महापौर श्रीमती अनीता घोडले,विधायक प्रदीप जैसवाल ,संजय सिरसाद,प्रशांत बंब,किशन चाँद तनवानी,सतीश चव्हाण ,डॉ कल्याण काले एवं सुरेश जेथालिया भी पहले दिन उपस्थित रहेंगे.इस अवसर पर राम भक्तों के इए हर दिन कथा के बाद प्रभु प्रसाद (भोजन)कि भी व्यवस्था की गई है.डॉ जाजू कहते हैं कि "श्री मुरारी बापू एक परिव्राजक कि भांति देश-विदेश में श्री राम कथा कि जयोति लिए हुए साल के बारहों महीने कथा का प्रकाश फैलाते रहते हैं.उनका विश्वास है कि बार-बार राम कथा के सुनाने से लोगों के ह्रदय में कथा का ज्योतिर्मय दीपक जल उठेगा और धीरे-धीरे वह भारत के ही नहीं पूरे विश्व के जन-मानस को प्रकाशित करेगा".इस कथा का भी यही उद्देश्य है. अगर आप भी श्री राम कथा का श्रवण करना चाहते हैं तो डॉ जाजू से इस नंबर+91 9396400039 पर संपर्क कर सकते हैं.

Thursday, October 28, 2010

भाजपा की तेलंगाना आंदोलन

समिति का सत्याग्रह ९ नवंबर को

हैदराबाद। केंद्र सरकार से तेलंगाना क्षेत्र आग का गोला बनने से पहले ही आगामी संसद के शीतकालीन सत्र में तेलंगाना पर विधेयक पेश करने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तेलंगाना आंदोलन समिति ने ९ नवंबर को तेलंगाना क्षेत्र के सभी मंडल मुख्यालयों व नगरपालिकाआें की परिधि में एक लाख लोगों की मौजूदगी में सत्याग्रह आयोजित करने का निर्णय लिया है।
आंदोलन समिति के चेयरमैन डॉ टीराजेश्वर राव की अध्यक्षता में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में तेलंगाना क्षेत्र के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सभी विषयों पर चर्चा कर कुछ प्रस्ताव भी पारित किये।बैठक में उपस्थित नेताआें ने कहा कि श्रीकृष्णा समिति तेलंगाना राज्य के गठन के अनुकूल अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, इसका हमें विश्वास नहीं है और ३१ दिसंबर के बाद तेलंगाना क्षेत्र में पूरे तेलंगाना में तनाव पैदा होने की संभावनाएं नजर आ रही हैं। भाजपा नेताआें ने तेलंगाना क्षेत्र के तेदेपा नेताआें से पार्टी प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायुडू के हाथों विधानसभा में प्रस्ताव पेश कराने की मांग की। नवंबर के अंत में भाजपा के तत्वावधान में दिल्ली में संसद में तेलंगाना विधेयक के नाम पर एक जनसभा आयोजित करने का फैसला किया गया। बैठक में नेताआें ने १५ दिनों के भीतर टैंकबंड पर कोमुरम भीम की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की और ऐसा नहीं हुआ, तो गिरिजनों के सहयोग से भाजपा के तत्वावधान में प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की।

तेलंगाना विद्रोह दिवस एक नवंबर को

हैदराबाद। एक नवंबर को तेलंगाना विद्रोह दिवस के रूप में मनाते हुए ‘जनदंडोरा’ कार्यक्रम के आयोजन के अलावा लोगों के साथ मिलकर सभी स़डक मागा] पर चक्काजाम किया जायेगा।
तेलंगाना राजनीतिक जेएसी के चेयरमैन प्रो कोदंडराम ने आज यहां जेएसी के उपाध्यक्ष देवी प्रसाद, कत्ती वेंकट स्वामी, प्रवक्ता सी विट्ठल, वी श्रीनिवास ग़ौड, अद्दंकी दयाकर राव के साथ मिलकर वालपोस्टरों का विमोचन किया। कोदंडराम ने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि १ नवंबर को तेलंगाना के सभी लोग अपने मकानों के पास काला झंडा फहराये और काले बैज लगाये। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक चलने वाला विरोध सप्ताह शुरू हो गया है। उन्होंने विद्रोह दिवस को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि कल २८ अक्टूबर को हस्ताक्षर अभियान, २९ को विद्रोह दिन पर जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखने का कार्यक्रम, ३१ अक्टूबर को साइकिल मोटर रैली निकाली जायेगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में उत्पन्न विशेष परिस्थितियों में सरकार द्वारा एक नवंबर को आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन किया जाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट आने वाली है और ऐसे में आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन कर तेलंगाना के लोगों को भ़डकाना अनुचित होगा। उन्होंने सवाल किया कि तेलंगाना मुक्ति दिवस का आधिकारिक आयोजन नहीं करने वाली प्रदेश सरकार अब १ नवंबर को आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन कैसे कर सकती है?



रचना प्रस्तुत करते हुए शायर राजीव दुआ .
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निज़ामाबाद की एक
रात कविताओं के नाम

निज़ामाबाद,रविवार 24 अक्टूबर की रात निज़ामाबाद के राजस्थान भवन के प्रांगण मे गीत पूर्णिमा एवम निज़ामाबाद जिला माहेश्वरी सभा के सयुंक्त तत्वधान में शरद पूर्णिमा के अवसर कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया .जिसका शुभारंम्भ शहर के व्यवसायी गिरिवर लाल अग्रवाल एवम हिंदी दैनिक स्वतंत्र वार्ता के स्थानीय संपादक प्रदीप श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वल्लन के साथ हुआ .इस अवसर पार बोलते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कविता हर भाषाओं को अपने आगोश में बांधती है.आप इसे अलग कर के नहीं देख सकते हैं.यही कारण है कि आज पुरे विश्व में हिंदी अपने यहाँ कि अपेक्षा कहीं अधिक फल-फूल रही है.आज से पच्चीस साल पहले इसी शहर में हिंदी प्रेमियों ने "इंदूर हिंदी समिति "की स्थापना की थी.जिसका उद्देश्य था की आहिंदी भाषी क्षेत्र में हिंदी भाषा के प्रोत्साहन के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करना .कई कार्यक्रम हुए भी .लेकिन कुछ समय बाद यह संस्था शिथिल पढ़ गई थी,जिसे पुनः सक्रीय किया गया है.जिसके पोर्टल www.indurhindisamitinzb.blogspot.comपार जा कर देखा जा सकता है कि केवल भारत में ही नहीं विदेशो में किस तरह लोग हिंदी के दीवाने हैं.वहीँ श्री अग्रवाल ने कवि सम्मलेन के आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया.कवि सम्मलेन कि शुरुआत श्रीमती हरबंस कौर के गीत "आज"से हुई ,जिसमे उनहोने इंसानों के बिच इन्सान खोजने का प्रयास किया.शहर के कवि घनश्याम पाण्डे ने "चांदनी रात .."में प्रेयसी को खोजने कि बात कही.श्रीमती सुषमा बोधनकर ने लोक प्रिय देश भक्ति गीत "-मेरे वतन के लोंगों " की तर्ज पर एक पैरोडी सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी.रियाज तनहा एवम रहीम कमर ने अपनी गजलों से समां बांध दिया.नांदेड(महाराष्ट्र) से आये हास्य कवि बजरंग पारीक ने अपनी हास्य रचनाओं से काव्य रसिकों को लोट-पोट कर दिया.गीत पूर्णिमा के एक संयोजक एवम कवि विजय कुमार मोदानी ने हास्य श्रंगार रस की रचनाओं से सभी को प्रभावित कर दिया.उन्हों ने कहा कि "भावनाओं की कलम जब प्रेम रस में डूब जाती है तो वह कविता बन जाती है.देश के प्रसिद्ध शायर एवम इंदूर हिंदी समिति के अध्यक्ष राजीव दुआ ने श्रृगार रस से ओत-प्रोत एक गजल "गरीबों के एक आँगन में था ईद का चाँद ,कभी मुस्कराता तो क्या बात होती..." पर तालियों की गडगडाहट से परिसर गुन्ज्मय हो उठा.बल कवि कर्मवीर सिंह की कविताओं को श्रोताओं ने काफी पसंद किया.नांदेड से आये कवि खटपट भेंसवी की रचना "हर बहु बेटी घर की शान होती है ,बहु भी तो बेटी के समान होती है"को लोंगों ने काफी पसंद किया.युवा कवि पवन पाण्डे ने माँ को अर्पित अपनी कविता से लोगों का मनमोह लिया .गीत पूर्णिमा के मुखिया एवम कवि समेलन के संयोजक सीताराम पाण्डे ने जहाँ कवि सम्मलेन का सुन्दर संचालन किया वहीँ उनकी कवित "में हूँ हिंदुस्तान" ने लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया.इस अवसर पर हैदराबाद से आये कवि एवम मुख्य अतिथि वेणु गोपाल भट्टल ने अपनी रचना "चिराग ऐसे जले कि बेमिसाल रहे ,किसी का घर जले यह ख्याल रहे"ने सभी को आकर्षित कर दिया.उनके द्वारा राजस्थानी शेली में प्रस्तुत रचनाओं को भी सराहा गया.इस मौके पर संस्था की ओर से उनका शाल श्रीफल दे कर सम्मानित किया गया .इस अवसर पर कवियों के साथ मंच पर सर्वश्री गिरिवर लाल अग्रवाल.बालकिशन इन्नानी .जसवंत लाल के.शाह के साथ साथ चन्द्र प्रकाश मोदानी,नरेश मोदानी,दामोदर लाल जोशी भी उपस्थित थे.


Wednesday, October 20, 2010

पति ने किया पत्नी व बेटी को बेचने का प्रयास

बालकोंडा पुलिस स्टेसन में अपनी बेटी के साथ बैठी शिवलीला
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पति ने किया पत्नी व बेटी को बेचने
का प्रयास ,दोनों पुलिस हिरासत में
निज़ामाबाद.महाभारत में युधिष्ठिर ने अपनी पत्नी द्रौपदी को जुएँ में दांव पार लगा दिया था ,लेकीन कलयुग के युधिष्ठिर ने तो चाँद सिक्कों की खातिर न केवल अपनी पत्नी को बल्कि नवजात कन्या को भी बेचने का प्रयास किया .लेकिन वह सफल नहीं हो सका.यह घटना है आंध्र प्रदेश के निज़ामाबाद जिले की .जहाँ पर बुधवार को एक पति ने अपनी पत्नी व बेटी को एक व्यक्ति के हाथ तीन लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया था,लेकिन अंतिम समय में खरीदने वाले व्यक्ति ने इस सौदे से अपना हाथ पीछे खींच लिया. यह मामला है निज़ामाबाद मुख्यालय से चालीस किलोमीटर दूर बालकोंडा तहसील का, जो प्रदेश के पूर्व विधान सभा अध्यक्ष सुरेश रेड्डी का निर्वाचन क्षेत्र है. मिली खबरों के मुताबिक बालकोंडा के रहने वाले बंडी रमेश ने अपनी पत्नी शिवलीला एवं तीन माह की बेटी नवनीता को आर्मुर के रहने वाले एक व्यक्ति से तीन लाख में बेचने का सौदा किया था.जिसके मुताबिक नरेश अपनी पत्नी व् बेटी को लेकर बालकोंडा से पंद्रह किलोमीटर दूर अर्मुर शहर लेकर आया था,लेकिन ऍन वक्त पर खरीददार व्यक्ति सौदे से पीछे हट गया .इसी बीच शिवलीला को इस बात का आभास हो गया की उसका पति उसको व उसकी बेटी को बेचने की फ़िराक में है.बस वह किसी तरह से नरेश से अपना पिंड छुड़ा कर अपने मायके (बालकोंडा) पहुंची, और सारी दास्तान अपने पिता नगय्या को बताई.बेटी की बात सुनकर नगय्या उसे लेकर तुरंत बालकोंडा पुलिस स्टेशन लेकर गए और वहां पर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी .नगय्या के मुताबिक लगभग दस साल पहले वह जीविकोपार्जन के लिए अपने परिवार के साथ आन्ध्र से यहाँ आया था.जो बाद में बालकोंडा में ही बस गया.चार साल पहले उसने अपनी बेटी शिवलीला का हाथ वहीँ के रहने वाले नरेश के हाथ में थमा दिया था.लेकिन उसे क्या पता था कि बेटी का हाथ थामने वाला ही उसे व उसकी नातिन को कुछ पैसों के लिए किसी दूसरे के हाथ बेच देगा.नगय्या ने बताया कि शादी के बाद से ही नरेश उसकी बेटी को प्रताड़ित किया करता था. जिसके कारण पुलिस को कई बार बीच बचाव करना पड़ा. खबर लिखे जाने तक शिवलीला व उसकी बेटी बालकोंडा पुलिस तथा पति अर्मुर पुलिस हिरासत में थे.इस घटना से पूरे जिले में हडकम्प मच गया है.

Friday, October 15, 2010

मामला समाचार चॅनल स्टूडियो - N का


मामला समाचार चॅनल स्टूडियो - N का
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दोनों ओर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज ,
साठ और लोगों को निकलने कि तैयारी

निज़ामाबाद. नारने नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित तेलगु समाचार चैनल "स्टूडियो-एन का प्रसारण पिछले तीस घंटों से तेलंगाना के सभी दस जिलों में बंद मे. इस संदर्भ में नारने कंपनी ने गुरुवार की शाम सभी निकले गए कर्मचारियों से कहा है कि उन्हें तीन माह दिया जायेगा,लेकिन वे अपना इस्तीफा प्रबंधन मंडल को सौंप दें. कर्मचारी इस बात पर तैयार नहीं हैं .इस बीच आंध्र प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ , ईलेक्ट्रोनिक्स मीडिया फेडरेशन आफ आंध्र प्रदेश एवम तेलंगाना समर्थक संगठन भी निकले गए कर्मचारियों के समर्थन मे आ गए हैं .इस बीच कुलदीप सहनी का कहना है कि नारने प्रबंधन मंडल ने साठ और लोंगो को फ़ोन पर सूचित किया है कि दो माह तक उनका परफार्मेंस देखा जायेगा उसके बाद कोई निर्णय लिया जायेगा.जिससे अन्य कर्मचारियों में भी नौकरी जाने का भय बैठ गया है.श्री सहनी का कहना है कि जब तक प्रबंधन मंडल कोई ठोस निर्णय कर्मचारियों के प्रति नहीं लेता है ,तबतक चैनल का प्रसारण बंद रहेगा.उधर कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को प्रबंधन मंडल ने पुलिस के बाल पर भागा दिया है. जिससे कर्मचारियों ने रायदुर्गम पुलिस स्टेसन में प्रबंधन के खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया है.दूसरी ओर प्रबंधन मंडल ने भी कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.वहीँ बीच -बचाव में लगे कुछ लोगों ने चन्द्र बाबू से मिलकर कर्मचारियों के बारे में हाल निकलने की बात की है,जिस पर बाबू का कहना था की वह कुछ नहीं कर सकते ,क्यों कि कंपनी कि माली हालत अच्छी नहीं है,दूसरी बात प्रबंधन मंडल से मेरा कोई वास्ता नहीं है .पता हो कि कंपनी के मुखिया बाबू के बेटे लोकेश नायडू हैं.

Thursday, October 14, 2010

तेलंगाना के सभी दस जिलों में 'स्टूडियो- एन' का प्रसारण

तेलंगाना के सभी दस जिलों में
'स्टूडियो- एन' का प्रसारण बंद

निज़ामाबाद .नारने नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड,हैदराबाद द्वारा संचालित तेलगु समाचार चैनल स्टूडियो- एन का गुरुवार की दोपहर से तेलंगाना के सभी दस जिलों में प्रसारण बंद कर दिया गया है. बंद करने के कारणों की जानकारी देते हुए फेडरेशन आफ तेलंगाना मल्टीसिस्टम आपरेटर्स के अध्यक्ष कुलदीप सहनी ने बताया कि बुधवार को बिना कोई कारण बताओ नोटिस दिए नारने नेटवर्क के प्रबंधन मंडल ने लगभग सत्तर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है.जिसमे इनपुट व आउटपुट के लोग भी शामिल हैं.श्री सहनी ने कहा कि दक्षिण भारत का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार दशहरा दो दिन बाद है,जिसके लिये कम्पनियाँ अपने करमचारियों को बोनस देती है वहीँ स्टूडियो -एन के कर्मचारियों को बोनस के रूप में बाहर का रास्ता दिखाना कहाँ तक उचित है.कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं,उनके परिवार वालों की हालत देखिये.जिनके यहाँ दुःख का माहौल पैदा हो गया है.श्री सहनी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि निकले गए कर्मचारियों में पैसठ कर्मचारी तो केवल तेलंगाना क्षेत्र के ही हैं .उनहोने यह भी कहा कि यह सब प्रबंधन मंडल केवल इस लिये कर रहा है कि वहाँ से तेलंगाना के लोगों को निकला जा सके.जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उनहोने गुरुवार कि दोपहर एक बजे तक नेटवर्क प्रबंधन को चेतावनी दी थी कि यदि एक बजे तक कर्मचारियों को काम पर वापस निहीं लिया जाता है तो उनके (स्टूडियो- एन) समाचार चेनल का प्रसारण पूरे तेलंगाना के सभी दस जिलों में रोक दिया जायेगा.जिसके तहत दोपहर बाद प्रसारण पर रोक लगा दी गयी.उल्लेखनीय है कि नारने नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड का संचालन प्रदेश के मुख्यमंत्री एवम तेलगु देशम पार्टी के मुखिया नारा चन्द्र बाबू के सुपुत्र लोकेश नायडू करते है.यह सर्व विदित है कि पृथक तेलंगाना राज्य के कट्टर विरोधी हैं बाबू.उधर स्टूडियो-एन के एक कर्मचारी ने बताया कि कंपनी ने विगत 18 माह से अंशकालिक सवंदाताओं एवं कैमरामैनों का भुगतान नहीं किया है.किसको लेकर उनमें काफी रोष है.सहनी का कहना है कि जब तक कर्मियों को कामपर वापस नहीं लिया जाता है,तबतक प्रसारण बंद रहेगा.

Tuesday, October 12, 2010

सुभाष राय जन सन्देश टाइम्स के संपादक

सुभाष राय जन सन्देश टाइम्स के संपादक
आगरा से प्रकाशित डी.एल.ऐ अखबार के संपादक (विचार )सुभाष राय अब लखनऊ से शीघ्र निकालने वाले अखबार जन सन्देश टाइम्स के संपादक होंगे.वे आज 13 अक्टूबर को लखनऊ में ग्रहण करेंगे नया कार्यभार : लखनऊ से जल्द प्रकाशित होने जा रहे हिंदी दैनिक जनसंदेश टाइम्स के संपादक पद के लिए सुभाष राय का नाम फाइनल किया जा चुका है. खबर है कि डा. सुभाष राय ने डीएलए अखबार के चेयरमैन अजय अग्रवाल को संपादक (विचार) पद से अपना इस्तीफा भेज दिया है. अमर उजाला के निदेशक रह चुके अजय अग्रवाल का लंबे समय से साथ सुभाष राय दे रहे थे. अमर उजाला में बंटवारे के दौरान भी सुभाष राय पूरी मजबूती से अजय अग्रवाल के पक्ष में खड़े रहे. नौकरी के दर्जनों प्रस्तावों, साथ छोड़ने के अनेकों प्रलोभनों को लगातार ठुकराते रहने वाले सुभाष राय ने बहुत लंबे समय बाद अजय अग्रवाल का साथ छोड़कर किसी दूसरे ग्रुप का दामन थामने जा रहे हैं.अमर उजाला के इतिहास को जो लोग जानते हैं, वे सभी अच्छी तरह जानते हैं कि सुभाष राय हमेशा अशोक अग्रवाल और अजय अग्रवाल के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े रहे. लेकिन जब अशोक अग्रवाल ने अतुल व राजुल माहेश्वरी के साथ खड़े होकर अजय अग्रवाल को अमर उजाला से अलग किए जाने की मुहिम में साथ दिया, तो भी सुभाष राय ने अजय अग्रवाल का साथ नहीं छोड़ा. वे हालात खराब होते देख भले घर बैठ गए लेकिन किसी दूसरे संस्थान के हिस्से नहीं बने. अजय अग्रवाल ने जब डीएलए शुरू किया तो सुभाष राय ने संपादक विचार के रूप में काम संभाला और इस नए अखबार के विस्तार व स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. लेकिन कहा जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से सुभाष राय ने खुद को डीएलए व अजय अग्रवाल के साथ असहज महसूस करना शुरू कर दिया था. कारण क्या रहे, ये पता नहीं चल सका है लेकिन सुभाष राय ने बदलाव के वास्ते खुद को मानसिक रूप से तैयार किया और जनसंदेश टाइम्स लांच कराने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.सुभाष राय का डीएलए व अजय अग्रवाल का साथ छोड़ना अखबार व प्रबंधन, दोनों के लिए बड़ा झटका है लेकिन समय बड़े से बड़े झटकों-जख्मों पर मरहम लगा देता है. कभी राजेश रपरिया के बगैर अतुल माहेश्वरी की कल्पना नहीं की जाती थी लेकिन राजेश रपरिया काफी समय से अलग-थलग हैं, अकेले हैं, घर पर हैं और अतुल माहेश्वरी नए प्रोफेशनलों के साथ सफलता की नई कहानी लिखने के लिए रात-दिन एक किए हुए हैं, हाथ-पांव दोनों मार रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि डा. सुभाष राय आज डीएलए से कार्यमुक्त होकर कल यानि 13 अक्टूबर को लखनऊ में जनसंदेश टाइम्स के संपादक के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे. सुभाष राय कभी शशि शेखर की आज अखबार, आगरा वाली टीम के हिस्से हुआ करते थे लेकिन शशि शेखर से खटपट के बाद वे वहां से अलग होकर अजय अग्रवाल के नेतृत्व वाली यूनिट अमर उजाला, आगरा से जुड़े और फिर अजय अग्रवाल के साथ ही बने रहे.
साभार:भड़ास 4 मिडिया