Monday, November 29, 2010


जगन के इस्तीफे के बाद

विभिन्न जिलों में प्रदर्शन

हैदराबाद। जगन मोहन रेड्डी द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा दिये जाने की घोषणा के तुरंत बाद उनके समर्थकों ने आज पूरे कृष्णा जिले में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस आलाकमान को उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं करनी चाहिए। यहां कांग्रेस कार्यालय में काफी संख्या में युवक इकट्ठा हो गए और जगन के साथ एकजुटता दिखाते हुए उनके समर्थन में नारे लगाए। गुडीव़ाडा में उनके समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालय को क्षतिग्रस्त कर दिया और सोनिया गांधी के पुतले जलाए, जबकि विसन्नापेट में स्थानीय स्वशासन निकाय के सात निर्वाचित सदस्यों ने जगन के समर्थन में अपने इस्तीफे की घोषणा की।क़डपा से सांसद वाईएस जगन के इस्तीफे के समर्थन में गुंटूर जिले में उनके प्रशंसकों नेताआें ने आंदोलन, रास्ता रोको तथा इस्तीफे दिये। सत्तेनपल्ली के विधायक येर्रम वेंकटेश्वर रेड्डी से विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताआें ने उनके घर का घेराव किया। जिले के नरसारावपेट तेनाली में रास्ता रोको कार्यक्रम का आयोजन किया। गुंटूर सहित अच्चमपेट, विनुकोंडा, गुरुजाला, माचर्ला आदि शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताआें ने आंदोलन किया तथा कई जगहों पर सोनिया गांधी के पुतले जलाये। सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी के कांग्रेस की सदस्यता और सांसद पद से इस्तीफे के बाद चित्तूर जिले में कई जनप्रतिनिधियों ने अपनेअपने पदों से इस्तीफा दे दिये। वाईएस जगनमोहन रेड्डी और उनकी मां विजयम्मा के इस्तीफे का ओंगोल जिले में कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला। जगन समर्थकों ने प्रकाशम जिला कांग्रेस कार्यालय पर ताला लगा दिया। जिले में कई जगहों पर सोनिया के पुतले फूंके गये। जगन के इस्तीफे के समर्थन में पश्चिमी गोदावरी जिले में भी कई नेताआें ने पार्टी पदों छोटेछोटे आधिकारिक पदों से इस्तीफा दे दिया। जिले के चिंतलपूडी, येलूरुख, देंदुलूरु, कोयेलग़ूडेम, जंगारेड्डीग़ूडेम, गोपालपुरम जीलुगुमिल्ली में सोनिया गांधी के पुतले फूंके गये। पूर्वी गोदावरी जिले के सामर्लकोटा में जगन समर्थकों ने सोनिया गांधी का पुतला जलाकर धरना दिया। उसी तरह, अल्लवरम मंडल के तुम्मलपल्ली में जगन युवा सेना के कार्यकर्ताआें ने रास्ता रोको कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान जगन समर्थकों ने सोनिया गांधी का पुतला फूंका तथा उनके खिलाफ नारे लगाये। अनंतपुर जिले में भी जगन और उनकी मां विजयम्मा के इस्तीफे का काफी असर देखने को मिला। जगन प्रशंसकों, कांग्रेस रैतु संघम आदि प्रशंसक संघों के कार्यकर्ताआें ने ब़डे पैमाने पर अनंतपुर जिले में विरोध प्रदर्शन, रास्ता रोको तथा विरोधी रैली का आयोजन किया। कुछ जगहों पर सोनिया गांधी के पुतले जलाये। अनंतपुर के सप्तगिरि सर्किल पर सोनिया गांधी का पुतला फूंका गया। पुलिस ने इस मामले में २४ लोगों को गिरफ्तार किया। जगन के इस्तीफे की खबर सुनकर बेलुगुप्पा की एक महिला ने कोल्लक्का ने आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसे बाद में अनंतपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी तरह, हिन्दुपुरम निर्वाचन क्षेत्र में भी विरोध प्रदर्शन किया गया। आज पूरे क़डपा जिले में भी विरोध प्रदर्शन और आंदोलन होते रहे। जगन समर्थकों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुतले के साथ पार्टी का झंडा भी जलाया तथा कांग्रेस पार्टी कार्यालयों में जबर्दस्त त़ोडफ़ोड की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित जिला ग्रंथालय संस्था के चेयरमैन, मार्केट यार्ड चेयरमैन सहित एमपीटीसी, एपीपीपी, जेडपीटीसी तथा कांग्रेस से ज़ुडे संगठनों के प्रभारियों चेयरमैनों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिये। वाईएस राजशेखर रेड्डी और जगन के समर्थकों ने गुस्से में जिला कांग्रेस पार्टी कार्यालय में त़ोडफ़ोड की। कार्यालय का फर्नीचर और शीशे त़ोड दिये तथा सोनिया गांधी की तस्वीरों वाली प्लेक्सी फ़ाड दी। प्रदर्शनकारियों ने सोनिया गांधी के पोस्टरों की चप्पलों से पिटाई की तथा उनके पोस्टर और पुतलों को आग लगाकर अपना गुस्सा उतारा। बाद में क़डपा स्थित जिला कांग्रेस पार्टी कार्यालय इंदिरा भवन को वाईएस भवन के रूप में तब्दील कर दिया। तत्पश्चात वाईएस प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया। पूरे जिले में विरोध रैली, रास्ता रोको तथा प्रदर्शन किये गये।


















जगन ने छोड़ी कांग्रेस , नई पार्टी बनायेंगे

निज़ामाबाद
,बिहार के बाद अब आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस से


नाराज चल रहे कडप्पा के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डीने लोकसभा की सदस्यता और कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस से अलग नई पार्टी बनाने की घोषणा की है। उनकी नई पार्टी का नाम होगा 'वाईएसआर कांग्रेस'। कांग्रेस नेतृत्व पर अपने परिवार को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के पुत्र वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी ने सोमवार को कांग्रेस के साथ-साथ संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। वाईएसआर के हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे जाने के महज 14 महीने बाद जगन के साथ-साथ उनकी मां विजयलक्ष्मी रेड्डी ने भी कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
उधर, नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, 'उन्हें इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।' लोकसभाध्यक्ष के कार्यालय ने भी कहा है कि उन्हें 'जगन के इस्तीफे की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।' कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे कड़े पत्र में जगन ने कहा है कि उन्हें पार्टी से अलग-थलग करने व उनके पिता की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। कडप्पा से सांसद जगन ने हालांकि विधानसभा के अपने समर्थक विधायकों से पद न छोड़ने की अपील की है।
सोनिया को भेजे पांच पृष्ठों के पत्र में जगन ने लिखा है, 'मैं बड़े दुखी मन से और गुस्से में यह पत्र आपको लिख रहा हूं। पिछले 14 महीनों से मैं चुपचाप अपमान के घूंट पी रहा हूं। मेरे, मेरे परिवार और अंतत: मेरे दिवंगत पिता व जनता के महान नेता वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया गया।'
''इसके बावजूद मैंने संयम बरता लेकिन फिर मुझे पार्टी से बाहर करने का प्रयास किया गया और मेरे पिता की छवि व उनके सम्मान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। हद तो तब हो गई जब मेरे परिवार को तोड़ने का षड्यंत्र रचा गया। वह भी उस परिवार को जिसने कांग्रेस की आंध्र प्रदेश में सत्ता में वापसी कराई।'
जगन ने आरोप लगाया कि उनके पिता के निधन के बाद से पार्टी उनका और उनकी मां का कई बार अपमान कर चुकी है और अब उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं था।
जगन ने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है। मैंने क्या अपराध किया है? मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ ऐसी अदावत क्यों? क्यों मेरे दिवंगत पिता की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है? क्या मैंने कोई गलती की है। यह क्या है?' उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके चाचा विवेकानंद रेड्डी को मंत्री पद देने का लालच दिया है। जगन ने कहा, 'मेरे पिता ने अपनी जिंदगी कांग्रेस के लिए समर्पित कर दी। मैं और मेरी मां कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। इतना झेलने के बाद अब हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा था।' जगन ने लिखा है, 'आपने मुझे अलग-थलग करने की कोशिश की इसलिए मैं अकेला जा रहा हूं। अपने समर्थकों से इस्तीफा न देने की अपील करता हूं।' उन्होंने सोनिया गांधी को आश्वासन दिया कि वह प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। जगन ने दावा किया कि उनके पिता के निधन के बाद 150 विधायकों ने उन्हें समर्थन दिया था लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सोनिया गांधी के फैसले का सम्मान किया और के. रोसैया को मुख्यमंत्री बनाए जाने का स्वागत। उन्होंने कहा, 'कुछ दिनों पूर्व ही जब आप रोसैया की जगह एन. किरन कुमार रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाना चाहती थीं तब भी मैंने कांग्रेस विधायक दल की बैठक सुचारू चलने में आपका सहयोग किया। क्या यह भी कोई गलती है?' अपने पिता की हेलिकॉप्टर हादसे में हुई मौत की जांच को रफा-दफा करने की कोशिश करार देते जगन ने इस पर आश्चर्य जताया और कहा, 'प्रदेश की जनता और यहां तक कि खुद मुझे उस हेलिकॉप्टर दुर्घटना पर संदेह है, जिसमें मेरे पिता की मौत हुई थी।' वाईएसआर की मौत के बाद जगन कडप्पा से सांसद और उनकी मां विजयलक्ष्मी पुलिवेदुलू से विधायक निर्वाचित हुई थीं। आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभ सदस्य वी. हनुमंत राव ने कहा है कि जगन के कांग्रेस से इस्तीफा देने से प्रदेश में कांग्रेस की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राव ने सोमवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि जगन के इस्तीफे का अनुसरण करते हुए उनके कुछ करीबी समर्थक पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं लेकिन उससे पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि आंध्र प्रदेश में कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में है। गौरतलब है कि अभी आंध्र प्रदेश में 294 विधायकों में से 158 कांग्रेस के हैं। टीडीपी के 105 विधायक हैं। प्रजा राज्यम पार्टी के 18 और अन्य 13 विधायक हैं। ऐसे में अगर 20 विधायक जगन मोहन के साथ जाते हैं तो प्रजा राज्यम पार्टी के 18 विधायक सरकार का समर्थन करेंगे। इस तरह तत्काल प्रदेश में कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि इसके पहले जगन मोहन रेड्डी को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री और राज्य से पार्टी के सीनयर नेता एस. जयपाल रेड्डी ने कहा कि वह पार्टी अनुशासन का उल्लंघन कर रहे हैं और उनकी गतिविधियां पार्टी विरोधी हैं। उन्होंने कहा, 'दरअसल इस्तीफा देकर जगन अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहते थे। हम उन्हें कांग्रेस की शक्ति दिखाएंगे।'

Saturday, November 27, 2010

मीडिया क्लब के कुलदीप राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित
मीडिया क्लब के के महासचिव और साधारण से दिखने वाले कुलदीप श्रीवास्तव को जमशेदपुर
में आस्था द्वारा आयोजित फ़ूड एंड फोल्क फेस्टिवल में पत्रकारिता एवं समाज सेवा के
क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु आस्था गौरव सम्मान से नवाजा गया. उन्हें सम्मान
प्रदान किया मारीशस के प्रेसिडेंट सर अनिरूद्ध जगन्नाथ ने.
विदित हो कि कुलदीप मीडिया क्लब आफ इंडिया और पूर्वांचल एक्सप्रेस डाट कॉम के एडिटर हैं और बहुत कम समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी जिजीविषा व कर्मठता की वजह से प्रसिद्द हो गए हैं.
अतः समारोह के दुसरे दिन सुबह चाय पार्टी में सर अनिरूद्ध जगरनाथ ने फिल्म एवं मीडिया जगत की तमाम हस्तियों के साथ कुलदीप श्रीवास्तव को भी बुलाया और उन्हें सांस्कृतिक विनिमय हेतु मारीशस आने का न्योता भी
दिया.
इस अवसर पर कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मीडिया के आवागमन से दोनों देशो की संस्कृति को और निखारने का अवसर प्राप्त होगा.

Friday, November 26, 2010


गीता रेड्डी होंगी आन्ध्र प्रदेश
की उपमुख्यमंत्री ?


नई दिल्ली। कांग्रेस आलाकमान ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी के मंत्रिमंडल में उप मुख्यमंत्री के तौर पर डॉ जे गीता रेड्डी का नाम लगभग तय कर लिया है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए बोत्सा सत्यनारायण के नाम को भी हरी झंडी दिखा दिये जाने की खबर मिली है। गीता रेड्डी को उपमुख्यमंत्री बनाये जाने के मुख्य कारणों में कांग्रेस पार्टी में वरिष्ठ और एक दलित महिला नेता का होना, अब तक उनका कई बार मंत्री के रूप में सेवाएं देना तथा तेलंगाना से ज़ुडा होना शामिल है। बताया जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रिय महिला नेताआें में से एक गीता रेड्डी के केंद्र में कई वरिष्ठ नेताआें के साथ अच्छे संबंध हैं। शनिवार की रात उपमुख्यमंत्री पद के लिए गीता रेड्डी के नाम की घोषणा किये जाने की संभावना है। उधर, कई मादिगा नेता दामोदर राजनरसिम्हा के नाम पर विचार करने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन लगता है कि वे अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाएंगे।उधर, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए मल्लु बट्टी विक्रमार्का, नादेंड्ला मनोहर रेड्डी या मर्री शशिधर रेड्डी के नाम सुर्खियों में हैं। मल्लु बट्टी विक्रमार्का को कैबिनेट में लिये जाने की भी अटकलें हैं।मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद में बैठे नेताआें में धर्मान प्रसाद राव, बोत्सा अप्पलनरसय्या, सुजयकृष्णा रंगाराव, राजेश्वरी देवी, कोंडा® मुरलीमोहन, तोट नरसिम्हम, पितानी सत्यनारायण, नल्लमिली शेषा रेड्डी, पार्थसारथी, मल्लाडी विष्णु, कन्ना लक्ष्मीनारायण, मोपीदेवी वेंकटरमणा, गादे वेंकट रेड्डी, गोट्टीपाटी रवि कुमार, आनम रामनारायण रेड्डी, गल्ला अरुणा कुमारी, कुतुहलम्मा, वाईएस विवेकानंद रेड्डी, जाना रेड्डी, अहमदुल्ला, डीएल रविंद्रा रेड्डी, रविंद्रा रेड्डी, रघुवीरा रेड्डी, जेसीदिवाकर रेड्डी, टीजी वेंकटेश, एरासु प्रताप रेड्डी, जूपल्ली कृष्णा राव, डीके अरुणा, दामोदर राजनरसिम्हा, सबिता इंद्रा रेड्डी, दानम नागेंदर, उत्तम कुमार रेड्डी, रामरेड्डी वेंकट रेड्डी, पोन्नाला लक्षमय्या तथा गंड्रा वेंकटरमणा रेड्डी शामिल हैं। उसी तरह, विधान परिषद से पद्मराजू, एचक्रपाणी और पोंगुलेटी सुधाकर को मौका मिलने की संभावना है।उधर, आंध्र प्रदेश कांग्रेस समिति के नये अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री बोत्सा सत्यनारायण का नाम लगभग तय हो गया है। एआईसीसी सूत्रों की मानें, तो इस संबंध में केवल आधिकारिक घोषणा किया जाना बाकी है। बोत्सा के करीबी भी इस बात की ओर स्पष्ट संकेत दे रहे हैं।बोत्सा ने आज नई दिल्ली में एपी भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आलाकमान जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाएगा, वह अंतिम फैसला होगा। उन्होंने कहा कि यह पद उसी को मिलेगा, जो इस पद के लिए बिल्कुल योग्य हो, क्योंकि कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व करने वालों की कमी नहीं है।इस बीच, राज्य मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए नई दिल्ली में विधायक पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को नये मंत्रिमंडल का गठन होने संबंधी खबरों के मद्देनजर आज से ही २५ विधायक, विधान परिषद सदस्य तथा पांच पूर्व मंत्री दिल्ली में डेरा डालकर एआईसीसी के महत्वपूर्ण नेताआें से भेंट कर उनके सामने अपना पक्ष रख रहे हैं।
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जगन ने अपने चहेते विधायकों
के लिए मांगे चार मंत्री पद !

हैदराबाद। राज्य में गठित होने जा रहे नये मंत्रिमंडल में अपने गुट के चार विधायकों को मंत्री पद दिये जाने को लेकर क़डपा के सांसद जगनमोहन रेड्डी द्वारा भरसक प्रयास किये जाने की खबर मिली है। बताया जाता है कि जगन गुट ने कांग्रेस आलाकमान से रायलसीमा क्षेत्र से ज़ुडे नेताआें पूर्व मंत्री जेसी दिवाकर रेड्डी तथा डीएल रविंद्रा रेड्डी को पुनः मंत्री पद से महरूम रखे जाने की अपील की है।सूत्रों के अनुसार जगन गुट ने किरण रेड्डी से विगत में मंत्री पद से इस्तीफा दे चुकीं कोंडा सुरेखा, पूर्व मंत्री पिल्ली सुभाष चंद्रबोस, बालिनेनी श्रीनिवास रेड्डी के अलावा एक अन्य नेता को मंत्रिमंडल में जगह देने की मांग की है। जगन गुट के सूत्रों के अनुसार उसकी इन मांगों के प्रति मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसी के तहत जगनमोहन रेड्डी ने अपने समर्थक नेताआें से नवनियुक्त मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी और कांग्रेस के खिलाफ किसी भी तरह की विवादास्पद बयानबाजी नहीं करने को कहा है।सूत्रों के अनुसार कल रात बेंगलूर से हैदराबाद पहुंचे सांंंसद जगनमोहन रेड्डी ने सागर सोसाइटी स्थित अपने कार्यालय में आज सुबह से अपने गुट के लोगों के साथ बैठक कर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसके अलावा नवनियुक्त मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी से सद्संबंध बनाये रखने का निर्णय लिया।सूत्रों ने बताया कि राजशेखर रेड्डी के निधन के बाद मुख्यमंत्री पद वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगनमोहन रेड्डी को नहीं दिये जाने के विरोध में इस्तीफा दे चुकीं कोंडा सुरेखा को किसी भी स्थिति में मंत्रिमंडल में जगह देने की मांग की गयी है।उसी तरह, पहले से जगन गुट में रहकरओदार्पु यात्रामें भाग ले चुके पिल्ली सुभाष चंद्रबोस तथा बालीनेनी श्रीनिवास रेड्डी को गठित होने जा रहे मंत्रिमंडल में हर कीमत पर लेने की मांग रखी गयी है ,इनके अतिरिक्त जगन गुट से और एकदो लोगों को मंत्रिमंंंडल में शामिल करने की मांग की गयी है। वाईएस आर के निधन के बाद पूर्व मंत्री जेसीदिवाकर रेड्डी तथा डीएल रविंद्रा रेड्डी ने दिवंगत नेता वाईएसआर पर कई तरह के आरोप लगाये थे। संभवतः इसीलिए जगन गुट ने इन दोनों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने की मांग रखी है।