Monday, November 29, 2010

जगन ने छोड़ी कांग्रेस , नई पार्टी बनायेंगे

निज़ामाबाद
,बिहार के बाद अब आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस से


नाराज चल रहे कडप्पा के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डीने लोकसभा की सदस्यता और कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस से अलग नई पार्टी बनाने की घोषणा की है। उनकी नई पार्टी का नाम होगा 'वाईएसआर कांग्रेस'। कांग्रेस नेतृत्व पर अपने परिवार को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के पुत्र वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी ने सोमवार को कांग्रेस के साथ-साथ संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। वाईएसआर के हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे जाने के महज 14 महीने बाद जगन के साथ-साथ उनकी मां विजयलक्ष्मी रेड्डी ने भी कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
उधर, नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, 'उन्हें इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।' लोकसभाध्यक्ष के कार्यालय ने भी कहा है कि उन्हें 'जगन के इस्तीफे की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।' कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे कड़े पत्र में जगन ने कहा है कि उन्हें पार्टी से अलग-थलग करने व उनके पिता की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। कडप्पा से सांसद जगन ने हालांकि विधानसभा के अपने समर्थक विधायकों से पद न छोड़ने की अपील की है।
सोनिया को भेजे पांच पृष्ठों के पत्र में जगन ने लिखा है, 'मैं बड़े दुखी मन से और गुस्से में यह पत्र आपको लिख रहा हूं। पिछले 14 महीनों से मैं चुपचाप अपमान के घूंट पी रहा हूं। मेरे, मेरे परिवार और अंतत: मेरे दिवंगत पिता व जनता के महान नेता वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया गया।'
''इसके बावजूद मैंने संयम बरता लेकिन फिर मुझे पार्टी से बाहर करने का प्रयास किया गया और मेरे पिता की छवि व उनके सम्मान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। हद तो तब हो गई जब मेरे परिवार को तोड़ने का षड्यंत्र रचा गया। वह भी उस परिवार को जिसने कांग्रेस की आंध्र प्रदेश में सत्ता में वापसी कराई।'
जगन ने आरोप लगाया कि उनके पिता के निधन के बाद से पार्टी उनका और उनकी मां का कई बार अपमान कर चुकी है और अब उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं था।
जगन ने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है। मैंने क्या अपराध किया है? मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ ऐसी अदावत क्यों? क्यों मेरे दिवंगत पिता की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है? क्या मैंने कोई गलती की है। यह क्या है?' उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके चाचा विवेकानंद रेड्डी को मंत्री पद देने का लालच दिया है। जगन ने कहा, 'मेरे पिता ने अपनी जिंदगी कांग्रेस के लिए समर्पित कर दी। मैं और मेरी मां कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। इतना झेलने के बाद अब हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा था।' जगन ने लिखा है, 'आपने मुझे अलग-थलग करने की कोशिश की इसलिए मैं अकेला जा रहा हूं। अपने समर्थकों से इस्तीफा न देने की अपील करता हूं।' उन्होंने सोनिया गांधी को आश्वासन दिया कि वह प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। जगन ने दावा किया कि उनके पिता के निधन के बाद 150 विधायकों ने उन्हें समर्थन दिया था लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सोनिया गांधी के फैसले का सम्मान किया और के. रोसैया को मुख्यमंत्री बनाए जाने का स्वागत। उन्होंने कहा, 'कुछ दिनों पूर्व ही जब आप रोसैया की जगह एन. किरन कुमार रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाना चाहती थीं तब भी मैंने कांग्रेस विधायक दल की बैठक सुचारू चलने में आपका सहयोग किया। क्या यह भी कोई गलती है?' अपने पिता की हेलिकॉप्टर हादसे में हुई मौत की जांच को रफा-दफा करने की कोशिश करार देते जगन ने इस पर आश्चर्य जताया और कहा, 'प्रदेश की जनता और यहां तक कि खुद मुझे उस हेलिकॉप्टर दुर्घटना पर संदेह है, जिसमें मेरे पिता की मौत हुई थी।' वाईएसआर की मौत के बाद जगन कडप्पा से सांसद और उनकी मां विजयलक्ष्मी पुलिवेदुलू से विधायक निर्वाचित हुई थीं। आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभ सदस्य वी. हनुमंत राव ने कहा है कि जगन के कांग्रेस से इस्तीफा देने से प्रदेश में कांग्रेस की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राव ने सोमवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि जगन के इस्तीफे का अनुसरण करते हुए उनके कुछ करीबी समर्थक पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं लेकिन उससे पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि आंध्र प्रदेश में कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में है। गौरतलब है कि अभी आंध्र प्रदेश में 294 विधायकों में से 158 कांग्रेस के हैं। टीडीपी के 105 विधायक हैं। प्रजा राज्यम पार्टी के 18 और अन्य 13 विधायक हैं। ऐसे में अगर 20 विधायक जगन मोहन के साथ जाते हैं तो प्रजा राज्यम पार्टी के 18 विधायक सरकार का समर्थन करेंगे। इस तरह तत्काल प्रदेश में कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि इसके पहले जगन मोहन रेड्डी को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री और राज्य से पार्टी के सीनयर नेता एस. जयपाल रेड्डी ने कहा कि वह पार्टी अनुशासन का उल्लंघन कर रहे हैं और उनकी गतिविधियां पार्टी विरोधी हैं। उन्होंने कहा, 'दरअसल इस्तीफा देकर जगन अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहते थे। हम उन्हें कांग्रेस की शक्ति दिखाएंगे।'

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