Thursday, December 16, 2010

'लौट कर नहीं आता गुजरा जमाना,



''लौट कर नहीं आता गुजरा जमाना,
अब किसी से मत कहना यही तराना ! ''

आज मैं जिस लेख को लिखने जा रहा हँू वह काफी चौकान्ने वाला और आश्चर्यचकित कर देने वाला है। इस लेख से वे सभी धारणायें तो गलत साबित होगी ही साथ ही वह फिल्मी तराना भी गलत साबित होगा। इतना ही नहीं बल्कि लोगो के दिलो - दिमाग में पैठ कर गये उस कहावत - मुहवारे एवं बरसो से चले रहे तकिया कलाम को झुठा साबित कर देगा जो यह कहता है कि '' गुजरा हुआ जमाना फिर लौट कर नहीं आता ......!'' इस लेख को लिखने के पहले मैं लखीमपुर जनपद के धौरहरा निवासी दैनिक जागरण के पत्रकार भाई दीपेन्द्र मिश्रा को हार्दिक बधाई देना चाहता हँू जिसने बीते 14 दिसम्बर 2010 के दैनिक जागरण कानपुर के अंक में यह सनसनी खेज समाचार छापा कि वर्ष 2005 एवं 2011 के दिन - तीथी - समय सब एक समान है। कुछ भी नहीं बदला और लौट आया गुजरा हुआ जमाना.......! समय चक्र ने इस बात को झुठला दिया है। यकीन नही आता आपको तो अपने मोबाइल फोन या फिर कप्यूटर पर वर्ष 2005 और 2011 का कैलेंडर देखिए। पूरे साल की तारीखें और दिन एक जैसे है। जी हाँ! समय ने खुद को दोहराया है।वर्ष 2005 और 2011 की सभी तारीखें और दिन एक जैसेदिन बदलने से त्योहारों में भी एकरूपता वर्ष 2005 में जनवरी की पहली तारीख को दिन शनिवार था। 2011 में भी ऐसा ही है। 31 जनवरी सोमवार को थी। 2011 में भी 31 जनवरी सोमवार को ही है। 2005 में वैलेंटाइन डे 14 फरवरी सोमवार को मनाया गया था। वर्ष 2011 में भी ऐसा ही होगा। 2005 में मार्च मंगलवार को शुरू हुआ था। 2011 में भी इसी दिन शुरू होगा। ये तारीखें और दिन तो बानगी भर हैं। अगर आप 2005 और 2011 का कैलेंडर लेकर बैठें तो आपको आश्चर्य होगा कि पूरे साल के कैलेंडर में सब कुछ एक ही है। वर्ष 2005 में गणतन्त्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गाँधी जयन्ती आदि राष्ट्रीय पर्व हमने जिस दिन मनाएँ थे, 2011 में भी उसी दिनद मनाएँ जाएँगे। ज्योतिष और खगोलशास्त्री इस संयोग के कारण अलग-अलग परिभाषित कर सकते हैं, लेकिन लोगों के लिए यह है तो अद्भुत। वर्ष 2005 और 2011 में और भी काफी समानताएँ हैं, जो कि अध्ययन का विषय हैं। हिन्दु कलैण्डर एवं पंचाग को छोड़ कर यदि अग्रेंजी कलैण्डर की बात करे तो वह हर तीथी एवं समय बिलकुल एक जैसा है कुछ भी नहीं बदला सिर्फ बदला है तो वर्ष जो कि 5 के बदले 11 हो गया। इस लेख के पीछे मेरी भावना कुछ इस प्रकार बयां होती है कि कोई जवान स्वंय को बच्चा समझे और बुढा व्यक्ति स्वंय को जवान समझ कर उछल कुद करे वरणा मेरी तरह आपकी भी टांग टूट सकती है। मेहरबानी करके मेरी कहीं बातो का अर्थ का अनर्थ निकाले क्योकि मेरी टांग उछल कुद के चलते नहीं टूटी है और किसी ने तोडऩे की जरूरत की है। संयोग ऐसा आया कि जो नहीं होना था वह हो गया लेकिन वर्ष 2005 का 2011 के साथ विचित्र एवं अद्भुत संयोग का संगम होना किसी से छुपने वाला नहीं। छै साल बाद ही गुजरा जमाना लौट कर गया लेकिन गाने को गाने वाली गायिका हमारे बीच वापस नहीं आई। लेख के पीछे जमाने के वापस लौटने की बाते कहीं जा रही है कहीं इसे आप अपने शरीर एवं दिल और दिमाग से ले क्योकि दिल तो कभी बचपन जैसा नहीं हो सकता और शरीर ..! ऐसे में गुजरे हुये लोगो के प्रति आशावान होना मूर्खता होगी लेकिन हमारे संस्कार एवं ग्रंथ इस बात को भी झुठलाते है क्योकि पहले हमारे देश में अब विदेशो में भी पुर्नजनम की बाते सुनने को मिल रही है। अकाल मौत और समय से पूर्व ही हुई मौत के बाद ऐसे कई किस्से सुनने एवं देखने को मिले है जो कि यह कहते है कि आत्मायें भी शरीर छोड़ कर वापस लौटती है। पहले बात तो हम गुजरे जमाने की कर ले नहीं तो बात भी लोगो को बेबात लगेगी। गुजरे जमाने के फंसाने को याद करने वाले छै साल पहले के दिन समय तारीख को लेकर बैठने के बजाय 2005 एवं 2011 का कलैण्डर लेकर जाये और फिर मिलान करे कि क्या सहीं और क्या गलत है.....! गुजरे हुये जमाने को लेकर आपके सारे फंसाने यदि झुठे साबित हो जाते है तो फिर आपको आपकी प्रेमिका से लेकर श्रीमति भी यह नहीं कह सकती कि ''जो वादा किया निभाना पडेगा ......!'' अब आप अपनी श्रीमति से लेकर जानू तक से कह सकते है कि ''अरे भाई मैने तो 14 फरवरी 2011 को आने वाले वैलेटाइन डे को आपको हीरो का हार देने को कहा था तुम हो कि पिछले छै साल से मेरा जीना दुभर कर रही हो ......!'' इतना कहने के बाद भी श्रीमति या जानू नहीं माने तो कलैण्डर रख देना 2005 और 2011 के ऐसे में सेम टू सेम देख कर वह भी भौचक्की रह जायेगी। मेरा यह लेख आपको यह बताने के लिए है कि अग्रेंजी का यह वाक्य ''सेम टू सेम .!'' यूं ही नहीं बना कुछ तो सेम टू सेम होगा ....! आज के इस अफसाने एवं फसाने के पीछे मैं बीते छै सालो को यू टर्न करके देखना चाहता हँू कि बीते छै साल पहले मैंने क्या किया और क्या नहीं कर पाया.....? हो सकता है कि गुजरा हुआ जमाना सिर्फ मेरी अधुरी अभिलाषाओं को पूरा करने के लिए ही आया हो और ऐसे में मैं या आप समय के साथ नहीं चले तो फिर इंतजार करना होगा गुजरे हुये जमाने का ...! बीते हुये दिनो को कोसने वालो को अब आप करारा जवाब दे सकते है कि ''काहे को बीते हुये जमाने को कोस रहे हो लो एक बार फिर बीता हुआ जमाना आपके पास लौट कर गया है......! मैं आज 16 दिन बाद आने वाले गुजरे जमाने को लेकर अति उत्साही हँू क्योकि हो सकता कि आने वाले साल मेरे लिए कुछ अच्छी खबर लेकर आये क्योकि वर्ष 2005 की अधुरी अभिलाषायें इस आने वाले साल में पूरी हो सकती है। आने वाला वर्ष सभी को मंगलमय एवं शुभकारी हो इन्ही अपेक्षाओं के साथ मां सूर्यपुत्री ताप्ती आप सभी का कल्याण करे।

रामकिशोर पंवार ''रोंढ़ावाला ''

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