Tuesday, December 21, 2010



आन्ध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कृष्ण नदी के किनारे मंगलवार को दो दिन के भूख हडताल पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के पुत्र एवं कडप्पा के पूर्व सांसद जगन मोहन रेड्डी जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए .चित्र में दिखाईं दे रही हैं एन .टी .आर कि पत्नी पार्वती लक्ष्मी, टालीवुड कि अभिनेत्री रोजा,अभिनेता राजशेखर और उनकी पत्नी जय सुधा आदि
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वा एस के पुत्र जगन भी बैठे भूख हड़ताल
पर ,समर्थ
में कई विधायक सांसद भी
निज़ामाबाद आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सरकार को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. अभी विपक्ष के नेता और तेलुगु देसम अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू का आमरण अनशन पांचवें दिन भी चल ही रहा है और इसी बीच कांग्रेस के बागी नेता वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने भी आज से 48 घंटों की भूख हड़ताल शुरू कर दी है.दोनों ही नेता मांग कर रहे हैं कि जिन किसानों की फसलें हालिया बारिश और बाढ़ में नष्ट हुई थीं उनका मुआवज़ा बढ़ाया जाए.
जगन ने अपनी भूख हड़ताल को "लक्ष्य दीक्षा" का नाम दिया है क्योंकि उन के साथ इसमें एक लाख समर्थक भी शामिल हैं. विजयवाडा में कृष्णा नदी के किनारे आयोजित ये कार्यक्रम जगन के लिए शक्ति प्रदर्शन बन गया है. इस में लगभग आठ कांग्रेसी विधायक शरीक हुए हैं जिन में दो भूत पूर्व मंत्री पिल्ली सुभाष चंद्रबोस और बी श्रीनिवास रेड्डी भी शामिल हैं. इसके अलावा कांग्रेस से निकले फिल्मअभिनेता राजशेखर और उनकी पत्नी शामिल हैं जबकि अभिनेत्री रोजा ने भी इस कार्यक्रम शिरकत की हैं.कई दूसरे वरिष्ठ नेता, भूतपूर्व सांसद के रामकृष्ण, कप्पू जाति के नेता एम् पद्मनाभम और प्रजा राज्यम के नेता भूमा नागी रेड्डी भी जगन के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं.ऐसे संकेत हैं कि भूमा की पत्नी और पीआरपी की विधायक शोभा भी जगन के खेमे में आने वाली हैं. भूख हड़ताल पर बैठने से पहले जगन ने अपने पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए.उनके इस कार्यक्रम को एक नए राजनैतिक दल की घोषणा की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. वो अपने पिता ही की तरह किसानों के नेता बन कर उभरने की कोशिश कर रहे हैं.इधर चंद्रबाबू नायडू निजाम्स अस्पताल में अपना आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं और डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी हालत लगातार बिगडती जा रही है. मंगलवार की सुबह जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि डॉक्टर उन्हें दवा लेने के लिए कह रहे हैं लेकिन वो उस पर तैयार नहीं है.अधिकारी अब नायडू को ज़बरदस्ती ग्लुकोज़ चढाने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि उन की जान को खतरा हो सकता है. अस्पताल के बाहर उनके हज़ारों समर्थक जमा हो रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.प्रेक्षकों का कहना है कि नायडू और जगन दोनों ही तटीय आंध्र के किसानों की सहानुभूति लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि तेलंगाना क्षेत्र में उनके लिए कम जगह है. तेलंगाना के लोग आम तौर पर दोनों से खुश नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अब तक तेलंगाना राज्य की मांग का समर्थन नहीं किया है.वैसे नायडू, जगन और मुख्या मंत्री किरण कुमार रेड्डी सभी यह दावा कर रहे हैं कि वो किसान परिवार में जन्मे हैं इसी लिए वही किसानों के सच्चे दोस्त हैं.
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नायडू की स्थिति बिगड़ी, पर अनशन जारी
निज़ामाबाद आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल तेलुगू देशम के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू के स्वास्थ्य को लेकर सरकार की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं क्योंकि उनकी देखरेख करने वाले डॉक्टरों की टीम ने चेतावनी दी है कि पांच दिन के आमरण अनशन के बाद कभी भी नायडू की हालत नाजुक हो सकती है.इधर हैदारबाद की एक अदालत ने अस्पताल के डॉक्टरों को अनुमति दी है कि वो नायडू की जान बचाने के लिए ज़बरन ग्लूकोज़ चढ़ा सकते हैं.इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट में दरखास्त की थी जिस पर कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर ज़रुरत पड़ने पर जबरन ग्लूकोज़ दें और ज़रुरत पड़े तो पुलिस की मदद लें.मंगलवार की शाम उनकी जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि नायडू को जन्म से ह्दय का एक ऐसा रोग है जिसमें रक्त में किसी बड़े परिवर्तन से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और इससे ख़तरा उत्पन्न हो सकता है.ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ शेशगिरी राव ने कहा कि नायडू के रक्त में सोडियम और पोटेशियम का स्तर में भारी परिवर्तन हो रहा है क्योंकि गत पांच दिनों से उन्होंने कोई आहार नहीं लिया है और केवल पानी पी रहे हैं.निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस के निदेशक पीवी रमेश ने कहा कि अभी तो नायडू की हालत स्थिर है लेकिन कब क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता.उन्होंने कहा कि डॉक्टर लगातार उनसे विनती कर रहे हैं कि वो कुछ आहार लेना शुरू करें लेकिन नायडू उससे इनकार कर रहे हैं.डॉक्टरों की चिन्ता इस बात से और भी बढ़ गई है कि नायडू दिल की धड़कन पर नज़र रखने वाला उपकरण भी लगाने से इनकार कर रहे हैं.
डॉक्टर राव ने कहा कि अगर यह उपकरण नहीं लगाया गया तो समय रहते नायडू की हालत का पता नहीं चल सकेगा और डॉक्टर उनका इलाज नहीं कर सकेंगे.नायडू की इसी हालत के मद्देनज़र मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने मंगलवार की शाम तीन मंत्रियों का एक दल उनके पास भेजा था.सविता इन्द्र रेड्डी, डॉ रवीन्द्र रेड्डी और पी सत्यनारायण के इस दल ने नायडू से अनुरोध किया कि वो आमरण अनशन तोड़ दें लेकिन नायडू ने इससे इनकार कर दिया.तेलुगू देशम पार्टी के नेता और नायडू के परिवारजन भी नायडू की जिद से परेशान हैं.
एक नेता पी केशव ने कहा कि नायडू किसी से एक शब्द सुनने के लिए तैयार नहीं हैं और बार बार कह रहे हैं कि नतीजा चाहे कुछ भी हो वो आमरण अनशन नहीं तोड़ेंगे.पूर्व मुख्यमंत्री के रोसैया ने नायडू से अनुरोध किया है कि वो जिद छोड़ें क्योंकि देश को उनकी सेवाओं की ज़रुरत है.

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