Monday, December 27, 2010

तेलंगाना के कांग्रेसी सांसद
अनशन जारी रखेंगे
हैदराबाद। तेलंगाना मुद्दे पर हुए आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस लेने की मांग को लेकर आज तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों ने अनिश्चितकालीन भूख ह़डताल शुरू कर दी, जिसकी प्रतिक्रियास्वरूप प्रदेश सरकार ने और १३५ मामले वापस लेने का निर्णय लिया। बाद सरकार ने सांसदों से अपील की कि वे अपनी भूख ह़डताल वापस ले लें, लेकिन उन्होंने (सांसदों ने) सरकार की अपील को ठुकरा दिया।कांग्रेस सांसदों केकेशव राव, मंदा जगन्नाथम, गुत्ता सुखेंदर रेड्डी, सर्वे सत्यनारायण, बलराम नायक, एस राजय्या, पोन्नम प्रभाकर, कोमटी रेड्डी राजगोपाल रेड्डी, जीविवेक तथा केराजगोपाल ने आज न्यू एमएलए क्वार्टर्स में भूख ह़डताल शुरू की। इससे पूर्व ये सांसद विधानसभा के समक्ष गनपार्क में भूख ह़डताल पर बैठे थे, किंतु पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। दो घंटे से अधिक समय तक सांसद गनपार्क स्थित तेलंगाना शहीद स्मारक पर भूख ह़डताल पर बैठे रहे और उन्होंने तेलंगाना आंदोलन के शहीदों श्रद्धांजलि अर्पित की। इन सांसदों ने हाथों में तख्तियां उठा रखी थीं तथा ‘दीर्घजीवी हों सोनिया गांधीहम तेलंगाना चाहते हैं’ जैसे नारे लिखे हुए टीशर्ट पहन रखे थे। वे ‘हमें न्याय चाहिये’ जैसे नारे लगा रहे थे।तेलंगाना समर्थक कोंडा लक्ष्मण बापू जी, तेलंगाना प्रजा फ्रंट के नेता गद्दर, तेलंगाना सरकारी कर्मचारी जेएसी व अधिवक्ता जेएसी के नेता, अरुणोदय सांस्कृतिक शाखा की प्रतिनिधि विमलक्का, तेलंगाना विद्यावंतुल वेदिका, एनआरआई जेएसी, तेलंगाना आईटी फोरम के प्रतिनिधि, प्रजा संघाल जेएसी के संयोजक बेल्लय्या नायक, तेलंगाना विकास मंच के प्रतिनिधि, निजाम कॉलेज छात्र जेएसी, उस्मानिया विश्वविद्यालय जेएसी के नेता, नेल्लूर से विधान परिषद सदस्य भूदाती राधाकृष्णा, पाषम यादगिरि आदि ने भूख ह़डताल पर बैठे नेताआें से भेंट की तथा उनके प्रति समर्थन व्यक्त किया। भूख ह़डताल शुरू करने से पहले सांसदों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी तथा टैंकबंड पर बीआरअंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए केशव राव ने कहा कि भूख ह़डताल गांधीवादी विरोध प्रदर्शन की तर्ज पर है। यह हमारी नैतिक बाध्यता थी और इसका उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें भूख ह़डताल इस लिए शुरू करनी प़डी, क्योंकि सरकार तेलंगाना मुद्दे पर दोनों क्षेत्रों में हुए आंदोलनों के दौरान दर्ज मामले वापस लेने के मुद्दे पर हम सबको विश्वास में लेने में विफल रही। पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि भूख ह़डताल का उद्देश्य तेलंगाना की जनता में प्रजातंत्र के प्रति विश्वास बहाल करना तथा इस क्षेत्र में कांग्रेस को बचाना है।

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