Thursday, December 30, 2010


श्री श्रीकृष्णा समिति ने सौंपी रिपोर्ट ,
सावर्जनिक
होगी छह जनवरी को

निज़ामाबाद
. अपने समय सीमा के भीतर ही पृथक तेलंगाना राज्य के लिये गाठी श्री कृष्ण समिति ने गुरुवार की दोपहर बाद केंद्रीय गृह मंत्री पी.चितम्बरम को सौंप दी. जिसमे कमेटी ने पृथक राज्य के लिये चार से पॉँच सुझाव दिए हैं रिपोर्ट लेने के बाद गृह मंत्री ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा की सरकार रिपोर्ट के सन्दर्भ में पॉँच जनवरी को आन्ध्र प्रदेश की सभी 6 प्रमुख राजनितिक पार्टियों की बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श करेंगे ,उसके बाद 6 जनवरी की शाम तक सभी जनता के लिये इस रिपोर्ट को सार्वजानिक कर दिया जायेगा.आंध्र प्रदेश अचानक तैनात किये गए सुरक्षा सैनिकों के जवाब में कहा कि यह केवल एतिहात के तौर पर किया गया है. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि मुझे आन्ध्र प्रदेश के लोंगों पर पूरा विश्वास हे कि वे शांति व्यवस्था बनाये रखेंगे. उधर दूसरी तरफ रिपोर्ट सौपने के बाद विज्ञानं भवन से बाहर आने के बाद कमेटी के अध्यक्ष अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति श्री कृष्णने कहा कि रिपोर्ट दो भागों में है,जिसमे सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार के बाद तैयार किया गया है. अब सरकार के हाथ में है कि वह उसे किस तरह से लागु करती है.
इस बीच इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि सरकार मामले में अगले तीन साल में फैसला कर सकती है. इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं।जिसके मुताबिक 5 सदस्यीय जस्टिस श्रीकृष्णा समिति ने लगभग 11 महीने तक 1,20,500 ज्ञापनों का अध्ययन करने के अलावा विभिन्न जिलों का विस्तृत दौरा कर दो खंडों में अपनी रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में राज्य के विभाजन के बारे में सीधी सिफारिश करने जैसी कोई बात नहीं है। बताया जाता है कि समिति ने राज्य को एकीकृत बनाये रखकर असम में अपनाये गये फार्मूले को अपनाने का सुझाव दिया है। समिति ने संविधान के अनुच्छेद २४४ए के अनुसार यह सिफारिश की है। राज्य का विभाजन अनिवार्य है या नहीं, इस बात की गहराई तक जाने के लिए समिति तीन वर्ष तकएकीकृत प्रयोगकरने की सिफारिश करती नजर रही है। समिति कुछ क्षेत्रों का चयन कर उन्हें स्वायत्तता प्रदान करने के बाद एकजुट रहने या नहीं रहने की संभावनाआें का अध्ययन करने की सिफारश कर सकती है। उल्लेखनीय है कि असम में भी ठीक इसी तरह का प्रयोग किया गया था। सूत्रों ने बताया कि इस प्रयोग के तहत तेलंगाना के लोगों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्घि, संसाधनों का विकास, राजनीतिक अवसर आदि विषयों का अध्ययन किया जायेगा। श्रीकृष्णा समिति केंद्र सरकार से यह कहेगी कि तीन वषा] के परिणामों के आधार पर वह तय करे कि एकीकृत राज्य बने रहना संभव है अथवा विभाजन अनिवार्य है।उधर, श्रीकृष्णा समिति अपनी रिपोर्ट सफलतापूर्वक पूरी होने के संदर्भ में समिति के सदस्य सचिव वीके दुग्गल के आवास पर एक दावत देने वाली है। गृह सचिव जीके पिल्लै सहित २५ अधिकारियों, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के अधिकारियों को दावत में आमंत्रित किया गया है। दूसरी तरफ, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने प्रधानमंत्री को राज्य में सुरक्षाव्यवस्था को लेकर पत्र लिखा है। नरसिम्हन ने पत्र में जोर दिया है कि न्यायमूर्ति श्रीकृष्णा की रिपोर्ट आने से पहले प्रदेश की जनता में विश्वास पैदा करने के लिए केंद्र उच्च स्तरीय बैठक करे। बताया जाता है कि नरसिम्हन ने यह भी सुझाव दिया था कि केंद्र सरकार राज्य में कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए अर्धसैनिक बल प्रदान करे।कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर भी दो बार फोन पर राज्यपाल से बातचीत कर चुके हैं और राज्य में एहतिहात के तौर पर सुरक्षा बलों को तैनात कर कानूनव्यवस्था बनाये रखने को कहा है। उन्होंने समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के तुरंत बाद हालात काबू में रखने के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा है।

अगले माह गिर सकती है सरका: केसीआर

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष कल्वाकुंटा चंद्रशेखर राव ने बुधवार को हैदराबाद में अपने एक सनसनीखेज बयान में कहा कि अगले महीने में केंद्र राज्य सरकार कभी भी गिर सकती हैं। उन्होंने तेलंगाना भवन में आयोजित टीआरएस प्रदेश समिति की बैठक में पार्टी कैडर को संबोधित करते हुए दावा किया कि सीमांध्र में वाईएस जगनमोहन रेड्डी तथा तेलंगाना में टीआरएस अन्य दलों का सूप़डा साफ करेगी। उन्होंने कहा कि जगन के साथ फिलहाल ७० विधायक हैं। टीआरएस प्रमुख ने जनवरी के बाद मध्यावधि चुनाव होने की भविष्यवाणी करते हुए पार्टी कैडर को चुनाव का सामना करने के लिए हर तरह से तैयार रहने को कहा। सूत्रों के अनुसार राव ने कहा कि यदि मध्यावधि चुनाव होते हैं, तो तेलंगाना राज्य के गठन के मुद्दे को जोरशोर से उठाया जाएगा। राव ने पार्टी कैडर को अपनेअपने जिले लौटने के तुरंत बाद जिलस्तरीय बैठकें आयोजित कर जेएसी की कार्यप्राणली का प्रचार कर लोगों को आंदोलन के लिए तैयार करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट चाहे कुछ भी हो, लेकिन संसद के बजट सत्र में तेलंगाना विधेयक लाकर उसपर अमल करना ही होगा। उन्होंने तेलंगाना के सांसदों से संसद में विधेयक पेश करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की सलाह दी। टीआरएस प्रमुख ने पार्टी कैडर को तेलंगाना जेएसी की आंदोलन की कार्यप्रणाली का पालन करने को कहा। उन्होंने जनवरी को सभी गांवों में सभाएं आयोजित कर तेलंगाना के लिए प्रस्ताव पारित कर उन्हें तहसीलदारों को सौंपने, १० जनवरी को तेलंगाना के जिला कलेक्टर कार्यालयों के सामने धरने तथा १७ जनवरी को पूरे तेलंगाना में रास्ता रोको कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने २१ जनवरी से सभी स्तर पर अनिश्तिचतकालीन भूख ह़डताल शुरू कर तेलंगाना राज्य बनने तक उसे जारी रखने का भी निर्देश दिया। राव ने तेलंगाना जेएसी के आह्वानों का पालन करने और मनमाने ढंग से फैसले लेने से बचने का सुझाव दिया।

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