Wednesday, December 22, 2010

बाबू की हालत चिंताजनक

हैदराबाद। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एनचंद्रबाबू नायुडू की भूख ह़डताल आज छठे दिन में प्रवेश कर गयी और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों व तेदेपा नेताओं के अनुसार इलाज कराने से इंकार करने के कारण बाबू का स्वास्थ्य दिनोंदिन बिग़डता जा रहा है तथा और २४ घंटे में हालत बेकाबू होने के संके मिल रहे हैं। संवाददाताओं से बातचीत में निम्स के निदेशक डॉरमेश ने कहा कि यदि नायुडू का स्वास्थ्य और खराब हुआ, तो यह सबसे पहले उनके हृदय को प्रभावित करेगा। उन्होंने बताया कि उनके हृदय पर लगातार नजर रखने के लिए सघन चिकित्सा (आईसी) उपकरण उनके कक्ष में ही स्थापित कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नायुडू के परिजनों से अनुरोध किया है कि वे उन्हें अनशन त्यागने के लिए राजी करें। नायुडू ने आज भी कोई तरल पदार्थ लेने से इंकार कर दिया। एक समय नायुडू ने अपना कमरा अंदर से बंद कर लिया और किसी को भी अंदर नहीं आने दिया। उनकी पत्नी भुवनेश्वरी, परिवार के सदस्यों और तेदेपा के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई भी तरल पदार्थ लेने से भी इंकार कर दिया। निजाम्स इंस्टीट्‌यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) के छह चिकित्सकों का दल उनकी हालत पर नजर रख रहा है। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में स्थानांतरित करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इसका भी विरोध किया। नायुडू के भतीजों और फिल्म कलाकारों जूनियर एनटीआर और कल्याण राम ने उनसे अस्पताल में मिलकर अनशन त़ोडने की अपील की। उन्होंने बताया कि लेकिन उन्होंने हमारी मांग नहीं मानी। वह बहुत कमजोर लग रहे थे। इस बीच, तेदेपा और वामदलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में जिलाधीश कार्यालयों के बाहर एकत्रित होकर मांग की कि सरकार नायुडू की मांगों को मानते हुए किसानों को राहत प्रदान करे। बहुत से आईटी पेशेवरों ने भी नायुडू का साथ देने के लिए अस्पताल तक मार्च किया। हजारों किसान भी अस्पताल के बाहर पहुंचे, लेकिन उन्हें भीतर जाने से रोक दिया गया।
वे मेरी नहीं सुन रहे : भुवनेश्वरी

नायुडू की पत्नी श्रीमती भुवनेश्वरी ने बताया कि नायुडू उनकी अनशन त्याग देने की सलाह पर ध्यान नहीं दे रहे। ठीक उसी प्रकार, जि प्रकार से वे डाक्टरों की सलाह नहीं सुन रहे।

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जगन के अनशन को

व्यापक जनसमर्थन

विजयव़ाडा। किसान समस्याआेको लेकर पूर्व सांसद वाई एस जगनमोहन रेड्डी द्वारा कल शुरू किये गये दो दिवसीय अनशन (लक्ष्यदीक्षा) को आज दूसरे दिन भी व्यापक समर्थन मिला। राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों किसान और हथकरघाकर्मी इस अनशन शिविर का हिस्सा बने। इस मौके पर महिलाआें की भी ब़डी संख्या देखी गयी। जगन का समर्थन करने वाले विधायक व विधान परिषद के सदस्य भी अनशन स्थल पर पहुंचे। आज दूसरे दिन जगन का समर्थन करने वालों में शाहजहान, कमलम्मा, रामीरेड्डी, कोंडा मुरली शामिल हैंंं। इनके अलावा बंदर के विधाय पेर्नीनेनी अपने समर्थकों के साथ एक विशाल रैली के रूप में आतेआते बीच रास्ते से लौट गये। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री एनकिरण कुमार रेड्डी द्वारा फोन किये जाने के बाद पेर्नीनेनी जगन के अनशन शिविर पहुंचे बिना वापस लौट गये। हालांकि उनके समर्थक उससे पहले ही अनशन शिविर पर पहुंच चुके थे। एक अन्य कांग्रेस विधायक मल्लादी विष्णु (विजयव़ाडा सेंट्रल) ने अपने परिवार के सदस्यों को जगन के अनशन शिविर में भेजकर अपना समर्थन प्रकट किया, लेकिन उन्होंने खुद दूरी बनाये रखी। एक अन्य विधायक रमेश जोगी रमेश (प़ेडना) अपने भाई को अनशन शिविर पर भेजा। सूत्रों के अनुसार जगनमोहन रेड्डी के अनशन का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या २९ तक पहुंच चुकी है। इनमें विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हैं। समर्थन करने वालों में पूर्व विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की संख्या भी काफी ज्यादा है। उधर, राज्य के मंत्री के पार्थसारधी ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि दिवंगत वाईएसआर उनके दिलों में सदा के लिए बसे रहेंगे। आज विभिन्न जिलों से आये किसानों व हथकरघाकर्मियों ने उनकी समस्याआें को लेकर अनशन पर बैठे जगन से भेंट कर उन्हें अपना समर्थन प्रकट किया। इस मौके पर कई किसानों ने जगन से कहा, ‘अगर आपके पिताजी जीवित होते, तो आज हमारी यह हालत नहीं होती, क्योंकि वे हमारी हर समस्या का निदान करने के लिए हमारे पीछे रहते थे। अब आप ही हमारा सहारा हैं और हमारी हर समस्या का निदान आप ही को करना है।’ हथकरघा कर्मियों की समस्याआें पर ध्यान केंद्रित करने वाले जगन को हथकरघा क्षेत्र से पर्याप्त समर्थन मिल रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से आये बुनकरों में जगन को देखने और उनसे बात करने के लिए ह़ोड लगी है।

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