Tuesday, January 25, 2011

मनमाड में ऐ.डी.एम को
जिन्दा जलाया .दो गिरफ्तार


निज़ामाबाद, महाराष्ट्र के नासिक जिले के मनमाड शहर से लगे पनवाड़ी क्षेत्र मे आज सुबह मालेगांव के ऐ.डी.एम यशवंत सोनवाने को तेल माफिया से जुड़े कुछ लोंगों ने जिन्दा जला दिया.जलने वालों में से पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया है. जिनमे से एक तेल माफिया का सरगना पोपट शिंदे है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मालेगांव के एडिशनल कलेक्टर यशवंत सोनावणे को तेल माफियाओं ने उस समय जलाया जब वह जब तेल डिपो पर छापा मारने पहुंचे तो वहां मौजूद तेल माफियाओं ने उन्हें गाड़ी समेत जिंदा जला दिया।
पता हो कि कि मनमाड़ के रेलवे स्टेशन के पास बड़ा तेल डिपो है जहां से तेल की सप्लाई की जाती है। पेट्रोल में केरोसिन की मिलावट की शिकायतें मिलने के बाद जब एडीएम सोनावणे छापे के लिए पहुंचे तो उन्होंने रंगे हाथों माफियाओं को पेट्रोल टैंकर से तेल निकालते हुए पकड़ लिया। इसी दौरान सात आठ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। एडीएम की पिटाई की और उनकी गाड़ी पर पेट्रोल छिड़क कर गाड़ी सहित जिंदा जला दिया। सोनावणे की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मालेगांव से दस किलोमीटर दूर की है। बताया जा रहा है घटना का मुख्य आरोपी पोपट शिंदे भी इस घटना में 80 फीसदी जल गया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। घटना के वक्त एडीएम के साथ पुलिस मौजूद नहीं थी। नासिक के डीएम के मुताबिक एडीएम के छापे की योजना जिला मुख्यालय को पहले से नहीं थी। एडीएम के साथ उनके पीए और ड्राइवर ही मौजूद थे। उनसे बात करने की कोशिश की जा रही है लेकिन वे कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। घटना के चश्मदीद गवाह ऐ.डी.एम.सोनवाने के पी. ए.एवम ड्राइवर हैं,जिनसे संपर्क किया जा रहा है

Sunday, January 23, 2011

अभी-अभी

शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी नहीं रहे
पुणे।। हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के मशहूर गायक पंडित भीमसेन जोशी (90) का सोमवार को पुणे के एक हॉस्पिटल में निधन हो गया। पंडित जोशी पिछले दो साल से बीमार थे।
पंडित जोशी के निधन की खबर जैसे ही फैली लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले पं. जोशी की आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है। जोशी खय्याल गायकी और भजन के लिए काफी मशहूर थे। जोशी का जन्म वर्ष 1922 में कर्नाटक में हुआ था। पंडित जोशी को 2008 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
पंडित जोशी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मशहूर ऐक्टर और प्ले राइटर गिरीश कर्नाड ने कहा कि उनकी मौत से न सिर्फ उनको बल्कि देश-विदेश के संगीतप्रेमियों को गहरा दुख हुआ है।
बॉलिवुड के मशहूर म्यूजिक कंपोजर और गायक शंकर महादेवन ने कहा कि पंडित जोशी के जाने से संगीत जगत में खालीपन-सा आ गया है। मैं जोशी जी को व्यक्तिगत रूप से जानता था। वह बहुत अच्छे और संजीदा इंसान थे।
सुप्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी का लंबी बीमारी के बाद आज सुबह निधन हो गया। वे 89 साल के थे। जोशी ने पुणे के सह्याद्रि अस्पताल में सोमवार सुबह अंतिम सांस ली। उन्हें किडनी व फेफड़ों की बीमारी के चलते 31 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले एक हफ्ते से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। जोशी को वर्ष 2008 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "भारत रत्न" से सम्मानित किया गया था। दोपहर दो बजे के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जोशी के निधन से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के एक युग का अंत हो गया है।
देश भर में शोक की लहर
शास्त्रीय गायन को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाले जोशी के निधन से पूरे भारत में शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत अनेक राजनीतिक हस्तियों व संगीतप्रेमियों ने शोक व्यक्त किया है। जोशी के जाने से इस देश और शास्त्रीय संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
किराना घराने से था संबंध
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान स्तंभ भीमसेन जोशी किराना घराने के महत्वपूर्ण गायक थे। उन्होंने महज 19 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था और लगभग सात दशकों तक शास्त्रीय गायन किया। पंडित जोशी 1943 में मुंबई आ गए थे और उन्होंने एक रेडियो आर्टिस्ट के रूप में काम किया। म्यूजिक कंपनी एचएमवी ने 22 वर्ष की उम्र में हिन्दी और कन्नड़ भाषा में उनका पहला एलबम रिलीज किया था।
खयाल शैली थी खास
जोशी को मुख्य रूप से खयाल शैली और भजन के लिए जाना जाता है। पंडित जोशी को वर्ष 1999 में पद्मविभूषण, 1985 में पद्मभूषण और 1972 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।
फिल्मों में भी किया गायन
जोशी ने कई बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी गाने गाए। 1956 में आई बसंत बहार में उन्होंने मन्ना डे के साथ, 1973 में बीरबल माई ब्रदर में पंडित जसराज के साथ गायन किया। उन्होंने 1958 में आई फिल्म तानसेन और अनकही (1985) के लिए भी गाने गाए।
जोशी का 1985 में आया मशहूर "मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा" गाना आज भी देशवासियों की जुबां पर है। इसका जादू आज भी बरकरार है। जोशी जी द्वारा गाए गए गीत लोगों के बीच समां बांध देते थे। उनके द्वारा गाए गए गीत पिया मिलन की आस, जो भजे हरि को सदा संगीत के क्षेत्र में मील के पत्थर हैं।
1922 को कर्नाटक में हुआ जन्म
पंडित जोशी का जन्म कर्नाटक के गडक जिले के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले कन्नड़ परिवार में 4 फरवरी 1922 को हुआ था। उनके पिता गुरूराज जोशी एक स्कूल शिक्षक थे। 16 भाई बहनों में भीमसेन सबसे बड़े थे। जोशी की युवावस्था में उनकी मां का निधन हो गया था।
कम्र उम्र में ही जोशी की शादी सुनंदा काट्टी से हो गई थी। उनसे उनके चार बच्चे थे। पंडित जोशी ने बाद में वत्सला मुधोलकर से ब्याह रचाया। वत्सला से जोशी के दो पुत्र जयंत और श्रीनिवास व एक पुत्री शुभदा हैं। जोशी की पहली पत्नी सुनंदा की मृत्यु 1992 में हो गई जबकि वत्सला 2005 में स्वर्ग सिधार गई। जोशी का बड़ा पुत्र जयंत एक पेंटर है जबकि श्रीनिवास वोकलिस्ट और कंपोजर है।
जोशी को मिले पुरस्कार
1972 - पद्म श्री
1976 - संगीत नाटक अकादमी अवार्ड
1985 - पद्म भूषण
1985 - नेशनल फिल्म अवार्ड सर्वश्रेष्ठ गायक
1986 - फर्स्ट प्लेटिनम डिस्क
1999 - पद्म विभूषण
2000 - आदित्य विक्रम बिड़ला कलाशिखर पुरस्कार
2001 - कन्नड़ यूनिवर्सिटी से नाडोजा अवार्ड
2002 - महाराष्ट्र भूषण
2003- केरल सरकार की ओर से स्वाथी संगीत पुरस्कार
2005 - कर्नाटक रत्न
2008 - भारत रत्न
2008 - स्वामी हरिदास अवार्ड
2009- दिल्ली सरकार की ओर से लाइफटाइम अचरवमेंट अवार्ड
2010 - राम सेवा मंडली की ओर से एसवी नारायणस्वाती राव नेशनल अवार्ड
किराना घराने से था संबंध
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान स्तंभ भीमसेन जोशी किराना घराने के महत्वपूर्ण गायक थे। उन्होंने महज 19 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था और लगभग सात दशकों तक शास्त्रीय गायन किया। पंडित जोशी 1943 में मुंबई आ गए थे और उन्होंने एक रेडियो आर्टिस्ट के रूप में काम किया। म्यूजिक कंपनी एचएमवी ने 22 वर्ष की उम्र में हिन्दी और कन्नड़ भाषा में उनका पहला एलबम रिलीज किया था।
खयाल शैली थी खास
जोशी को मुख्य रूप से खयाल शैली और भजन के लिए जाना जाता है। पंडित जोशी को वर्ष 1999 में पद्मविभूषण, 1985 में पद्मभूषण और 1972 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। जोशी का 1985 में आया मशहूर "मिले सुर मेरा तुम्हारा" गाना आज भी देशवासियों की जुबां पर है।
फिल्मों में भी किया गायन
जोशी ने कई बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी गाने गाए। 1956 में आई बसंत बहार में उन्होंने मन्ना डे के साथ, 1973 में बीरबल माई ब्रदर में पंडित जसराज के साथ गायन किया। उन्होंने 1958 में आई फिल्म तानसेन और अनकही (1985) के लिए भी गाने गाए।
कर्नाटक में हुआ जन्म
पंडित जोशी का जन्म कर्नाटक के गडक जिले के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले कन्नड़ परिवार में 4 फरवरी 1922 को हुआ था।
उनके पिता गुरूराज जोशी एक स्कूल शिक्षक थे। 16 भाई बहनों में भीमसेन सबसे बड़े थे। जोशी की युवावस्था में उनकी मां का निधन हो गया था।
कम्र उम्र में ही जोशी की शादी सुनंदा काट्टी से हो गई थी। उनसे उनके चार बच्चे थे। पंडित जोशी ने बाद में वत्सला मुधोलकर से ब्याह रचाया। वत्सला से जोशी के दो पुत्र जयंत और श्रीनिवास व एक पुत्री शुभदा हैं। जोशी की पहली पत्नी सुनंदा की मृत्यु 1992 में हो गई जबकि वत्सला 2005 में स्वर्ग सिधार गई। जोशी का बड़ा पुत्र जयंत एक पेंटर है जबकि श्रीनिवास वोकलिस्ट और कंपोजर है।
संगीत जगत की हस्तियों ने दी भीमसेन को श्रद्धांजलि
प्रख्यात गायक पंडित भीमसेन जोशी के निधन से शोकग्रस्त भारतीय संगीत जगत ने सोमवार को उन्हें हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक कोहिनूर करार दिया।पंडित जसराज ने कहा कि सुबह सुबह पंडित जी के निधन की खबर सुन कर वह स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि यह सूर्योदय के समय सूर्यास्त था। जसराज ने कहा कि वह किसी एक घराने से संबद्ध नहीं थे बल्कि पूरे हिंदुस्तानी संगीत की दुनिया से उनका जुड़ाव था। जोशी ने पिछले कई दशकों से संगीत प्रेमियों को दीवाना बना रखा था।पंडित सतीश व्यास ने जोशी को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का कोहिनूर करार दिया। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत का मतलब एक वर्ग विशेष से होता है, लेकिन पंडित जी ने सभी अवरोध दूर करते हुए संगीत को आम आदमी से जोड़ा। संगीत के लिए उन्होंने महान योगदान दिया है।गायकों, सुरेश वाडकर और आरती अंकलीकर टिकेकर ने भी शास्त्रीय संगीत के इस शिखर पुरुष के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके निधन से रिक्त हुए स्थान को भरना मुश्किल होगा।भजन और ग़ज़ल गायक अनूप जलोटा ने कहा कि एक सप्ताह पहले मैंने अपने पिता को खोया और अब पंडित जी नहीं रहे। भजन और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की इन दो प्रख्यात हस्तियों ने कई कार्यक्रम एक साथ पेश किए थे। ऐसा लगता है जैसे भारतीय संगीत अनाथ हो गया हो।शास्त्रीय गायिका बेगम परवीन सुल्ताना ने जोशी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह मेरे लिए बड़े भाई की तरह थे। वह ऐसी हस्ती थे जिन्होंने हमें महाराष्ट्र से परिचित कराया।गायक शौनक अभिषेकी ने कहा कि जोशी हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के भीष्म पितामह थे। उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र के अमिट हस्ताक्षर हैं और अपने समर्पण, लगन तथा संगीत के लिए प्रतिबद्धता की वजह से उन्होंने यह स्थान हासिल किया।
अभिषेकी ने कहा कि उनका जीवन मेरे जैसे नई पीढ़ी के संगीतकारों के लिए एक प्रेरणा है और उनके बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति च्च्ची श्रद्धांजलि होगी।
गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने कहा कि पंडित जी के निधन के साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक युग का अवसान हो गया। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि शास्त्रीय संगीत आम लोगों को अपील नहीं करता लेकिन अपने संगीत की सवाचर््च्च क्षमता तथा अपने व्यक्तित्व की आभा से उन्होंने खुद को आम आदमी से जोड़ लिया था।महादेवन ने कहा कि जब दो दशक पहले मिले सुर मेरा तुम्हारा प्रसारित हुआ था तो आम आदमी सीधे पंडित जी से जुड़ गया था। यह उनकी ओजस्वी वाणी ही थी जिसने राष्ट्रीय एकता का दृढ़ संदेश दिया था।
बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने जोशी के निधन को देश के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि वह अपने आप में एक संस्थान थे। शास्त्रीय गायिका शुभा मुद्गल ने कहा कि वह एक किवदंती और संगीत के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरक व्यक्तित्व थे।

Friday, January 21, 2011

बाबा रामदेव के बयान पर पुरी में बवाल


पुरी। योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर पुरी में बवाल मच गया है। बाबा ने श्री जगन्नाथ मंदिर में सबके प्रवेश की वकालत की है। जिसके विरोध में शुक्रवार को लोगों ने भारी तादाद में सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। सड़क जाम कर योग गुरु के पुतले फूंके और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना था कि मंदिर में किसका प्रवेश हो या किसका नहीं, इस बारे में निर्णय लेने के लिए यहां पुरी के शंकराचार्य हैं। इस बारे में बोलने बाबा रामदेव कौन होते हैं। ध्यान रहे कि श्री जगन्नाथ मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।

बाबा रामदेव ने बुधवार को पुरी के निकट तालाबनिया में एक योग शिविर को संबोधित करते हुए कहा था कि भगवान के घर में किसी के प्रवेश पर रोक नहीं होना चाहिए। क्योंकि सब उसी के बच्चे हैं। उनके इस भाषण का एक स्थानीय चैनल ने गुरुवार रात को प्रसारण किया। बस क्या था शुक्रवार सुबह से पुरी में धरना-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। बड़ी तादाद में श्री जगन्नाथ सेना और श्री जगन्नाथ सेवायत सम्मिलनी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर योग गुरु के खिलाफ नारेबाजी की। मंदिर के सिंह द्वार के सामने बाबा रामदेव का पुतला फूंका। ग्रैड रोड पर जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बयान वापस लेने की बाबा रामदेव से मांग की और माफी मांगे। लोगों ने बाबा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। लेकिन अभी तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।

योग गुरु ने कहा, बयान का

गलत मतलब निकाला गया

भारत स्वाभियान यात्रा के तहत उड़ीसा दौरे पर आए स्वामी रामदेव ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उनकी ओर से बयान जारी करते हुए यात्रा के राज्य संयोजक सुधांशु अधिकारी ने कहा कि योग गुरु ने ऐसा कुछ नहीं कहा है, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। अधिकारी के अनुसार, मंदिर में प्रवेश के मुद्दे पर उड़ीसा सरकार और मंदिर प्रशासन का निर्णय सर्वोपरि है।

26 जनवरी से बैतूल जिले का पहला

यू एफ टी वेब न्यूज चैनल इंटरनेट पर

बैतूल। मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले का पहला अतंराष्ट्रीय वेब न्यूज एवं व्यू चैनल यू एफ टी न्यूज डाट काट आगामी 26 जनवरी 2011 से काम करना शुरू कर देगा। उक्त जानकारी देते हुये बैतूल जिले के वरिष्ष्ठ पत्रकार एवं लेखक रामकिशोर पंवार के द्वारा संचालित इस बेव पोर्टल पर रामकिशोर पंवार की पत्रकारिता एवं लेखन के 27 वर्षो का लेखा - जोखा तो होगा ही साथ ही उनके संपादन एवं निर्देशन में बैतूल जिले की ही नहीं प्रादेशिक - राष्ट्रीय - अंतराष्ट्रीय खबरो के अलावा कई महत्वपूर्ण समाचारो के वीडियो फूटेज भी रहेगें। बैतूल जिले से शुरू हो रहे इस बेव पोर्टल का पंजीयन हाल ही में बेव गुरू के सहयोग से किया गया। जिले की यह एक मात्र पहली बेव पोर्टल न्यूज एवं व्यू सर्विस रहेगी जो पाठको के आलवा देश - विदेश के समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओ के साथ - साथ न्यूज एजेंसियों को भी न्यूज एण्ड व्यू भेजा करेगी। सूर्यपुत्री मां ताप्ती को समर्पित बैतूल जिले के इस पहले बेव पोर्टल के लिए पूरे देश भर में संवाददाताओं एवं न्यूज चैनल रिर्पोटरो की टीम तैयार की जायेगी जो एक साथ वीडियो एवं वेब न्यूज के संकलन का भी काम करेगी। रामकिशोर पंवार द्वारा संचालित एवं निर्देशित इस बेव चैनल पर रामकिशोर पंवार की रहस्यमय सत्यकथायें , कहानियां , लेख एवं अब तक के सर्वश्रेष्ठ समाचारो एवं आलेखो की सचित्र रिर्पोटो को भी स्थान दिया जा रहा है। इस बेव चैनल के द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संवाददाताओं , कैमरामेनो , का नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। पहले चरण में मध्यप्रदेश एवं छत्तिसगढ़ के सभी जिलो की ग्राम पंचायतो को लिया जा रहा है। शासन की विभिन्न योजानाओं के अलावा ग्रामिण जनप्रतिनिधि का एक साक्षात्कार के साथ - साथ एक आला अफसर और मंत्री की भी मुलाकातो को भी स्थान दिया जायेगा। जनता एवं शासन के बीच मध्यस्थता करने में सहायक सिद्ध होने वाले बैतूल जिले के एक मात्र बेव पोर्टल पर देश - प्रदेश - जिले के समाचार पत्रो को भी सीधे जोड़ा जायेगा। हिन्दी के अलावा अग्रेंजी में भी इस वेब पोर्टल पर खबरो का अच्छा खासा ढांचा तैयार किया जायेगा। रामकिशोर पंवार के अनुसार इस बेव पोर्टल का निमार्ण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे हर हाल में 26 जनवरी को इंटरनेट पर प्रस्तुत कर दिया जायेगा। आदिवासी कला संस्कृति एवं सूर्यपुत्री मां ताप्ती महिमा से ओतप्रोत इस बेव चैनल पर गांव - शहर - जिला - प्रदेश - देश - दुनिया दिन की भी खबरो के भी फूटेज एवं समाचार एक साथ देखने एवं पढऩे को मिल जायेगें। बैतूल जिला मुख्यालय पर दादा जी की कुटी खंजनपुर मालवीय वार्ड जिला बैतूल से संचालित इस वेब पोर्टल के लिए मासिक वेतन पर सर्शत नागरिक - ग्रामिण - शहरी -तहसील - जिला - संभागीय - राजधानी स्तर पर संवाददाताओं की नियुक्ति की जायेगी।

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January 26 Betul district of the first UK

web news channels FTA on the Internet

Betul. {M.P.] Betul district of Madhya Pradesh, tribal wealth and view the first Atanrshtryy Web News Channel U F T A News stopper cut will be operational by next January 26, 2011. Would find such information Betul district Arishsht powered by journalist and author Mr Ramkishore Pawar. Mr Pawar the Web portal's account of the journalism and writing 27 years - there must be Jokha Betul district as well as their editing and directing, not just regional - National - International Akbro addition to the many important Samacharo Arhagean video footage. Betul district starting from the registration of the Web portal recently been supported by Web master. News of the district the only first web portal and view the Readers of service will Alwa country - abroad with Newspaper and magazines - with the news agencies will also send news and view. Suryputri mother Tapti Betul district's first web portal dedicated to the reporters and news channels across the country will be ready Riarpotro team who together will work to compile the video and web news. Powered by and directed at the web channel Ramkishore Pawar mysterious Satikthayean, stories, articles and so far the best illustrated Alekho Arirpoto Samacharo and also being ranked. Gram Panchayat level through the Web channel, reporters, Camarameno, the network will be established. Madhya Pradesh and all districts in the first phase of the Village Panchayto Chttisgdh being taken. In addition to various rule Yojanaoan rural public representatives with an interview - with a top officer and the Minister will also Mulakato also ranked. Helped to mediate between the public and government to a single Web portal in the Betul district of the country - state - Newspaper of the district also will be added directly. In addition to Hindi Agrenji Akbro of this web portal will be a significant structure. According to the creation of the web portal Ramkishore Pawar work is going fast. In any case, on January 26 it will be presented on the Internet. Aboriginal Art Culture and Tapti Suryputri mother steeped in glory this web channel Village - City - District - State - Country - World Day of the Akbro see the footage and news together and get Zayegean attending. Betul district headquarters Grandpa's Grotto Khanjanpur Malviya Ward Betul district operates the Web portal, conditional on monthly salary Citizen - Rural - Urban - Tehsil - District - Divisions - Capital levels of correspondents will be appointed.

Wednesday, January 19, 2011


देश में पहली बार 150 रुपए का सिक्का जारी

निज़ामाबाद ।बुधवार को देश में पहली बार 150 रुपए कीमत का सिक्का जारी किया गया है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती वर्ष के मौके पर भारत सरकार ने यह सिक्का जारी किया है।मध्यप्रदेश स्थित भारतीय स्टेट बैंक के विपणन कार्यपालक सुरेश शुक्ला के मुताबिक कोलकाता स्थित टकसाल द्वारा विशेष श्रंखला के तहत जारी 150 रुपए का सिक्का 40 मिलीमीटर व्यास का है और इसका वजन 35 ग्राम है। चांदी, तांबा, निकेल और जिंक धातुओं के मिश्रण से निर्मित सिक्के में दाऊतें (सिरेशन) की संख्या 200 है। इसी प्रकार 5 रुपए कीमत का टैगोर स्मृति विशेष श्रंखला सिक्का भी जारी किया गया है। इसका वजन 6 ग्राम और व्यास 23 मिलीमीटर है। इसमें 100 दांतें हैं। यह सिक्का तांबा, निकेल एवं जिंक धातुओं के मिश्रण से बनाया गया है।श्री शुक्ला के मुताबिक इसी वर्ष भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर 75 रुपए का विशेष सिक्का जारी किया जाएगा। कॉमनवेल्थ गेम्स की स्मृति में भी 100 रुपए का सिक्का जारी किया जा रहा है। इसी तरह इस साल देश में पहली बार 10 रुपए का पॉलीमर नोट लाया जायेगा.

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जयपुर सहित उत्तर भारतमें कांपी

धरती,कोई नुकसान नहीं

मुझे लगा मेरे बिस्तर के नीचे कोई घुस
कर बेड को हिला रहा: डॉ एन. रामचंदर

निज़ामाबाद जयपुर और दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार देर रात करीब 1 बजकर 55 मिनट के आसपास भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये झटके करीब एक मिनट तक महसूस किए गए। भूकंप का केन्द्र दक्षिण पाकिस्तान में बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक भूकंप का केन्द्र बलूचिस्तान का खरान था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 थी। हालांकि इन झटकों से अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। विशेषज्ञों ने कहा है कि इस भूकंप से सुनामी आने का खतरा नहीं है।
इस बीच राजस्थान के जयपुर में बुधवार से शुरू हुए दो दिवसीय बच्चों के डाक्टरों की हो रही राष्ट्रिय सम्मलेन में भाग लेने गए निज़ामाबाद के बालचिकित्सक डॉ एन. रामचंदर ने वहां से फ़ोन पर बताया कि वे रात ही जयपुर पहुंचे थे.होटल में देर रात साऊथ अफ्रीका एवम भारत के बीच हो रहे क्रिकेट मैच का आनंद टेलीविजन पर ले रहे थे,मैच काफी रोमांचक क्षणों मे था ,कुछ रनों की भारत को जरुरत थी,मान में तनाव भी था,रात लगभग दो बज रहे थे कि अचानक होटल का बेड जिस पर में लेता था,हिलाने लगा ,खिड़कियाँ भी हिलाने लगी,पहले मुझे लगा कि मेरे बेड के नीचे कोई घुसा है, में बिस्तर से कूदकर नीचे देखा लेकिन वहां पर कोई नहीं था,यह झटक लगभग एक मीनट तक रहा होगा.इसी बीच होटल के बाहर शोर मचाना सुरु हो गया ,जिससे पता चला कि भूकंप का झटका था,डॉ रामचंदर ने बताया कि जयपुर शहर में अब सब कुछ सामान्यहै.
लोग घरों से बाहर निकले
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के जिन इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। उनमें जैसलमेर, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, जोधपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, अजमेर, पुष्कर, बीकानेर, कोटा, अलवर हैं। जैसलमेर और बाड़मेर में 2 बार झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के कारण यहां किले के पत्थर गिर गए। जयपुर में भूकंप के झटकों के कारण लोगों की नींद खुल गई। शहर में घरों के शीशे टूट गए। लोग डर के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। जोधपुर में रात करीब 1.55 बजे भूकम्प के कम्पन के कारण खिड़की-दरवाजे बर्तन हिलने लगे। भारत दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच देखने के कारण अधिकांश घरों में लोग जाग रहे थे। इस दौरान टीवी हिलता देख लोग घबरा गए और सड़क पर निकल आए।
राजस्थान सुरक्षित...
जयपुर समेत पूरा राजस्थान सुरक्षित क्षेत्र में है। यहां भविष्य में बड़े भूकम्प की आशंका नहीं है। 2.6 से 3 की तीव्रता वाले झटके महसूस किए जा सकते हैं, हालांकि इससे कोई जनहानि नहीं होगी। भू-वैज्ञानिक
निशाने पर सिरोही, जालौर सीकर
डॉ.एम.के. पण्डित,वरिष्ठ भू-वैज्ञानिकों की मानें तो अरावली के पश्चिम किनारा सिरोही, जालौर, सीकर में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए जा सकते हैं। अरावली का पश्चिम किनारा अलग-अलग भूवैज्ञानिक सरंचनाओं का जोड़ है। यही वजह है कि इन क्षेत्रों में हल्का भूकंप कभी-कभी सकता है।
जयपुर है सुरक्षित
डॉ.पंडित ने बताया कि जयपुर सुरक्षित जिला है। यहां पर अरावली की चट्टानें पुराने काल की हैं। राजस्थान का एरिया भू-वैज्ञानिक रूप से अलग-अलग काल की चट्टानों का मिश्रण है। अरावली पर्वत श्ृंखला सबसे पुरानी है। अरावली की चट्टानों की आयु करीब 170 करोड़ से लेकर 330 वष्ाü तक है। यहां पर भू-वैज्ञानिक गतिविधियां पहले ही हो चुकी हैं
अभी भी बरकरार है भूकंप का खतरा
दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में बीती रात करीब 1.55 बजे आए भूकंप से राजस्थान सहित पूरा उत्तर भारत पहले ही कांप चुका है और भू-वैज्ञानिकों की मानें तो खतरा अभी टला नहीं है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों पर खतरे के बादल अभी भी मंडरा रहे हैं। भू- वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्से में दोबारा भूकंप के झटके महसूस किए जा सकते हैं। वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक डॉ. एमके पंडित ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर एवं गुजरात में दोबारा भूंकप आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उत्तर-दक्षिण दिशा में यह फॉल्ट जोन है जो कि गुजरात से लेकर जैसलमेर, बीकानेर की तरफ जाता है। यह अरावली क्षेत्र की अपेक्षाकृत काफी एक्टिव है। इस वजह से इन स्थानों पर भूकंप ज्यादा सकता है।
उत्तर- भारत में भी यहां-यहां झटके
उत्तर भारत में दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद के अलावा पंजाब और उत्तराखण्ड में भी भूकम्प के झटके महसूस किए गए। मध्यप्रदेश के ग्वालियर समेत कुछ हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तान में सबसे ज्यादा असर
भूकंप का सबसे अधिक असर दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में दिखा। कई घरों में दरारें पड़ने की भी खबर है।
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शम्मी-शशि कपूर की हालत गंभीर
मुंबई। लगभग एक महीने से अस्पताल में भर्ती बॉलीवुड एक्टर शम्मी कपूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, शम्मी कपूर की किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। गौरतलब है कि कपूर खानदान का नाम रोशन करने वाले दो अभिनेता शम्मी कपूर और शशि कपूर को पिछले महीने अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शशि को बुखार आने के बाद और शम्मी किडनी समस्या के चलते भर्ती कराया गया था।