Tuesday, January 11, 2011



जब चाहूं आंध्र सरकार गिरा सकता हूं:जगन मोहन रेड्डी

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व सासंद जगनमोहन रेड्डी दिल्ली में बैठकर खुलेआम कांग्रेस को चेतावनी दे रहे हैं। एक दिन के धरने पर बैठे जगन ने धमकी देते हुए कहा कि वो जब चाहें आंध्र प्रदेश सरकार गिरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरा एहसान मानना चाहिए। अगर मैं अपने समर्थकों से अभी कहूं तो कांग्रेस पार्टी के अधिकतर विधायक इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ देंगे। उल्लेखनीय है कि जगन के एक दिन के उपवास में आंध्र प्रदेश में पार्टी के 24 विधायक, दो सांसद और विधानपरिषद के दो सदस्य भी साथ धरने पर बैठे हैं। इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कृष्णा जल विवाद पर आए ट्रिब्यूनल के फैसले में कथित नाइंसाफी के विरोध में जगन राजधानी दिल्ली में एक दिन के अनशन पर बैठे हैं।हाल ही अपनी नई पार्टी का गठन करने के लिए आवेदन करने वाले जगन अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर उपवास पर बैठे हैं। धरना पर बैठने वालों में सांसदों राजमोहन रेड्डी और सब्बम हारी तथा कांग्रेस के 24, तेलुगू देशम पार्टी के दो एवं प्रजा राज्यम पार्टी के दो विधायक शामिल थे। चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी के दो विधायक शोभा नागा रेड्डी और प्रसन्ना कुमार रेड्डी भी उपवास में हैं। प्रदर्शनकारी "किसानों के अधिकार, आंध्र प्रदेश का संघर्ष" और "हमारा पानी, हमारा अधिकार" के नारे लगा रहे हैं। "जल दीक्षा" के बैनर तले यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के 38 वर्षीय बेटे जगन ने 29 नवंबर 2010 को कांग्रेस छोड़ दी थी। वक्ताओं का कहना था कि केन्द्र एवं राज्य सरकार कृष्णा नदी से प्रदेश के हिस्से का पानी उपलब्ध कराने एवं आपदा प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा देने में विफल रही है जिससे किसान परेशान हैं और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।

आपस में ल़डना बंद करें तेलंगाना

क्षेत्र के कांग्रेस नेता : डी श्रीनिवास

हैदराबाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीश्रीनिवास ने तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस नेताआें से आपस में ल़डना बंद कर पार्टी आलाकमान को पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की आवश्यकता के संबंध में समझाने का प्रयास करने का आह्वान किया। आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्रीनिवास ने कहा कि वे पृथक तेलंगाना के बसे ब़डे समर्थकों में से हैं तथा उन्हें इस मुद्दे पर किसी के भी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति बीएनश्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर तेलंगाना के गठन किए जाने या नहीं किये जाने के संबंध में निर्णय नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति पर प्रत्येक क्षेत्र के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाना गलत होगा। उन्होंने कहा कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में तेलंगाना क्षेत्र के साथ अन्याय होने का जिक्र किया है। एक प्रश्न के उत्तर में श्रीनिवास ने कहा कि पुलिस बलों को उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में तैनात किए जाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि क़डपा के पूर्व सांसद वाईएसजगनमोहन रेड्डी द्वारा किसानों की समस्याआें के संबंध में दिल्ली में किए जा रहे अनशन में अगर कोई कांग्रेस विधायक शामिल होगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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