Friday, January 14, 2011


सबरीमाला में भगदड़, सौ से अधिक मरे

कोट्टायम। केरल के इदुक्की जिले में स्थित प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से दर्शन कर लौट रहे करीब सौ से अधिक श्रद्धालुओं की भगदड़ में मौ हो गई। हादसा शुक्रवार रात करीब 8 बजे मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर वेंडीपेरियार के पास पुल्लुमेडु में उस समय हुआ जब श्रद्धालु मकर ज्योति पूजा से लौट रहे थे। हादसे में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आने से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अब तक करीब 90 शवों को बरामद किया जा चुका है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस बीच पीएम ने मृतकों के परिजनों को 1 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है।केरल के देवस्थान मंत्री के. रामचंद्रन के मुताबिक हादसे की शुरूआत मंदिर से लौट रही जीप के रास्ते में खराब होने से हुई। श्रद्धालुओं ने जीप को धक्का लगा कर खिसकाने का प्रयास किया, तो वह पलट गई जिससे बड़ी संख्या में लोग दब गए। इसके बाद ढलान पर जीप के पीछे कई वाहन फिसल कर श्रद्धालुओं पर चढ़ गए, जिसके बाद भगदड़ मच गई। इदुक्ककी के एसपी के अनुसार मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
60 लाख श्रद्धालु आए थे
पुलिस के मुताबिक इस रूट पर वाहनों की आवाजाही के पर्याप्त इंतजाम थे, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण यातायात पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया। त्रावणकोर देवस्थान बोर्ड के मुताबिक इस वर्ष करीब 60 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आए थे।
केरल के सीएम ने बुला आपात बैठक
केरल के मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने सबरीमाला मंदिर मे मची भगदड़ के बाद केबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में घायल लोगों को सुरक्षित बचाने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में दुर्घटना के कारणों को विस्तार से पता लगाने के आदेश भी दिए जाने की संभावना है।
पीएम सोनिया ने शोक जताया
सबरीमाला मंदिर में मकरसंका्रति के अवसर पर मची भगदड़ पर पधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी ने इस घटना पर शोक जताते हुए मृतक श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। प्रधानमंत्री ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 1 -1 लाख रूपए घायलों को 50 हजार रू पए का मुआजा देने की घोषणा की है।
कुमाली पुलिस हेल् लाइन नंबर 04869222049, 04869253456
केरल के शिक्षा मंत्री एमए बेबी के अनुसार श्रद्धालुओं से भरी जीप शुक्रवार शाम सवा आठ बजे नियंत्रण खोने के बाद भीड़ में घुस गई जिसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे, इसी अफ़रा-तफ़री में कई लोगों की जान गई। एमए बेबी ने कहा, 'हम फ़िलहाल ये नहीं बता सकते कि कितने लोग जीप दुर्घटना में मारे गए और कितने बाद में मची भगदड़ में मारे गए।' स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि 55 शवों को वेंडीपेरियार अस्पताल में ले जाया गया है जबकि कुछ घायलों को कोट्टायम मेडिकल कॉलेज और तमिलनाडु के थेनी मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती कराया गया है।सबरीमाला के विशेष आयुक्त राजेंद्र नायर के अनुसार श्रद्धालु सबरीमाला में मकरसंक्रम पूजा करने के बाद एक तंग रास्ते से वापस लौट रहे थे। शुक्रवार को मकरज्योति के दर्शन के बाद क़रीब डेढ़ लाख श्रद्धालु सबरीमाला मंदिर से अपने घरों की ओर लौटे थे। ये दुर्घटना एक पहाड़ी और घने वनों के इलाक़े में हुई है जिस वजह से राहत कार्यों में भी दिक्कतें रही हैं। दस साल पहले मकरज्योति के समय पर ही सबरीमाला के रास्ते में पड़ने वाले एक स्थान पम्पा में भी मची भगदड़ में 50 लोग मारे गए थे।रक्षा मंत्री एके एंटनी ने राज्य को राहत और बचाव कार्यों में मदद करने के लिए सेना की सहायता मुहैया करवाने की पेशकश की है। 'नेशनल डिज़ास्टर रेसपॉन्स फ़ोर्स' की एक टीम भी दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। इससे पहले शुक्रवार को सबरीमाला में हज़ारों श्रद्धालुओं ने मकरसंक्रम पूजा में हिस्सा लिया। ये पूजा भगवान अय्यप्पा के दर्शन के लिए दो माह तक चलने वाली यात्रा के अंत में होती है। श्रद्धालु मकर संक्राति के अवसर पर आसमान में चमकने वाली 'दिव्य रोशनी' मकरज्योति के दर्शन के बाद लौट रहे थे।

देश का सबसे प्राचीन मंदिर है सबरीमाला का श्री अयप्पा मंदिर

सबरी माला का श्री अयप्पा मंदिर में हर साल 30 से 40 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। कहते है कि भगवान अयप्पा ने दानवों का संहार करने के बाद यहां पर ध्यान लगाया था। परशुराम ने यहां भगवान अयप्पा की मूर्ति स्थापित की थी। यहां नवंबर से जनवरी तक दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला चलता है। 14 जनवरी को मकरविल्लकु पूजा होती है।इसी 5 जनवरी को भी इस मंदिर में भगदड़ मची थी जिसमें एक श्रद्धालु की जान गई और 15 घायल हो गए थे।
12 साल बाद फिर...एक बड़ा हादसा
इसी मंदिर में 14 जनवरी 99 को पहाड़ी ढहने से भगदड़ मची थी। इसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी।
30 सितम्बर 2008 को जोधपुर के मेहरान किले स्थित चामुण्डा देवी मंदिर में भगदड़ में147 की मौत।
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अब तक के कुछ बड़े हादसे
3 अगस्त 2008

जगह- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मौजूद नैना देवी मंदिर

वक्त- सुबह के 10 बजे

श्रावण अष्टमी मेले में 25,000 श्रद्धालुओं की भीड़। भू-स्खलन की अफवाह के बाद भीड़ बेकाबू हो गई, भगदड़ में 146 लोग मारे गए, 400 जख्मी हुए। मरने वालों में 40 से ज्यादा बच्चे थे। मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं को संभालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी।

30 सितंबर 2008

जगह- राजस्थान के जोधपुर जिले का चामुंडा देवी मंदिर।

वक्त- सुबह के करीब 9 बजे

नवरात्र के मेले के चलते हजारों श्रद्धालु चामुंडा देवी मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु मंदिर की तरफ बढ़ रहे थे कि एक दीवार के गिरने से भगदड़ मच गई। 224 लोग मारे गए, 150 जख्मी हुए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चों की तादाद सबसे ज्यादा थी। जांच में पता चला कि मंदिर में लोगों को संभालने के लिए पुलिस और दूसरे इंतजाम सही नहीं थे।

21 दिसंबर 2009

जगह- राजकोट का धोराजी मंदिर

राजकोट में धोराजी मंदिर में भी भगदड़ मची। छप्पन भोग समारोह के दौरान प्रसाद लेने की होड़ में कुछ महिलाओं में झगड़ा हुआ और फिर भीड़ बेकाबू हो गई। इसमें 9 महिलाओं की मौत हो गई, 6 जख्मी हुईं। घटना की मजिस्ट्रियल जांच हुई लेकिन नतीजा कागजों में ही दबकर रह गया।

तारीख 4 मार्च 2010

जगह यूपी के प्रतापगढ़ का कुंडा इलाका

यहीं मौजूद है संत कृपालु महाराज का मनगढ़ मंदिर। यहां गरीबों को मुफ्त खाना मिल रहा था साथ ही बांटे जा रहे थे स्टील के प्लेट, 10 रुपए, 1 लड्डू और 1 रूमाल। हजारों गरीब बेचारे इस लालच में मंदिर के बाहर इक्टठा हो गए। लेकिन यहां उन्हें संभालने के लिए कोई इंतजाम नहीं था। नतीजा भगदड़ और 65 लोगों की मौत।

16 अक्टूबर, 2010

बिहार में बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गामंदिर में भगदड़, 10 लोगों की मौत

14 अप्रैल, 2010

शाही स्नान के मौके पर हरिद्वार में भगदड़, 8 मरे

4 मार्च, 2010

प्रतापगढ़ के मनगढ़ स्थित कृपालु महाराज के आश्रम में भगदड़, 65 मरे

14 जनवरी, 2010

पश्चिम बंगाल के गंगासागर मेले में भगदड़ से 7 लोगों की मौत

21 दिसंबर, 2009

राजकोट के धोराजी कस्बे में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भगदड़, 8 महिलाओं की मौत

3 अगस्त, 2008

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर में भगदड़, 162 लोगों की मौत

30 सितंबर, 2008

जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में स्थित चामुंडा देवी मंदिर में भगदड़, 147 लोगों की मौत

25 जनवरी, 2005

महाराष्ट्र में मांधरा देवी मंदिर में भगदड़, 340 श्रद्धालु मारे गए

27 अगस्त, 2003

महाराष्ट्र के नासिक कुंभ में भगदड़ से 39 श्रद्धालुओं की मौत





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