Wednesday, January 12, 2011

तेलंगाना के कांग्रेसी सांसदों ने एक स्वर से कहा ...

"हम सब का एक ही लक्ष्य ,वह है पृथक तेलंगाना "

नई दिल्ली। तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेसी सांसदों ने पार्टी के समक्ष स्पष्ट कर दिया है कि पृथक तेलंगाना हासिल करना उनका मुख्य उद्देश्य है। सांसदों ने पार्टी के केंद्रीय नेताआे से कहा, ‘अब निर्णय आपको लेना है और हमारे लिए दूसरा मार्ग नहीं है। हमें विश्वास है कि सोनिया गांधी तेलंगाना देंगी और वैसे भी हमने लोगों से तेलंगाना लेकर आने का वादा किया है।आप तेलंगाना नहीं देंगे, तो हम अपने निर्वाचन क्षेत्र में चल नहीं सकेंगे। हम सबका एक ही लक्ष्य है और वह है पृथक तेलंगाना राज्य का गठन।’ उन्होंने कहा कि श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट त्रुटियों से भरी है, लेकिन उन्हें इन सबकी परवाह नहीं है तथा उन्हें सिर्फ तेलंगाना चाहिए। सांसदों के इस रुख के मद्देनजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताआें ने इस मुद्दे को सोनिया गांधी के समक्ष ले जाने की बात कही। कांग्रेस आलाकमान ने आज नई दिल्ली में तेलंगाना के कांग्रेसी सांसदों की आपातकालीन बैठक बुलाई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों प्रणव मुखर्जी और एके एंटनी, वीरप्पा मोइली ने भाग लिया, जबकि तेलंगाना क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी पृथक तेलंगाना के गठन को छ़ोडकर अन्य १५ सांसद उपस्थित थे। सांसद मधु यास्की ग़ौड, गुत्ता सुखेंदर रेड्डी, सर्वे सत्यनारायण, पोन्नम प्रभाकर, मंदा जगन्नाधम, बलराम नायक, सुरेश शटकार, अंजन कुमार यादव, विवेकानंद, कोमटी रेड्डी राजगोपाल रेड्डी, सी राजय्या, राज्यसभा सदस्य वी हनुमंत राव, के केशव राव, नंदी येल्लय्या, एमए खान ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेताआें को अपनी राय से अवगत कराया। सभी सांसदों ने पृथक तेलंगाना की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस आलाकमान ने तेलंगाना के सांसदों को तीन टीमों में बांटकर उनसे चर्चा करने का मन बनाया था, लेकिन बैठक से पहले सभी नेताआें ने केशव राव के आवास पर बैठक कर एकसाथ चर्चा करने का निर्णय लिया और पार्टी आलाकमान को इसकी सूचना दी। रात्रि ८३० बजे शुरू हुई बैठक १० बजे समाप्त हुई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताआें ने तेलंगाना के सांसदों से श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट पर उनकी राय व्यक्त करने को कहा। उससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सांसदों से कहा कि वे खुले दिमाग से अपनी राय व्यक्त करें, क्योंकि उनकी राय सोनिया गांधी को बतायी जायेगी। बैठक के बाद प्रणव मुखर्जी ने सांसदों से कहा कि अब वे अपनी दलील मीडिया के समक्ष सुना सकते हैं और उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। प्रणव ने बताया कि वे सांसदों की राय सोनिया गांधी को बता देंगे और उसके बाद जरूरत प़डने पर सांंसदों को फिर से बुलायेंगे। बैठक में तेलंगाना के हर सांसद ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेताआें के समक्ष अपनी राय व्यक्त की। इससे पहले बैठक में भाग लेने जा रहे सांसदों को विद्यार्थियों ने रोका और कांग्रेस आलाकमान के समक्ष तेलंगाना के समर्थन में पुरजोर दलील पेश करने की अपील करते हुए उनके पैर पक़ड लिये।

लोगों को दिये गये आश्वासन पर

खरा उतरना चाहिये : यास्की

निजामाबाद से सांसद मधु यास्की ग़ौड ने बताया कि हमने बैठक में पार्टी नेतृत्व से लोगों को दिये गये आश्वासनों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सांसदों ने आलाकमान से स्पष्ट कर दिया कि तेलंगाना के विषय में वे किसी भी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पृथक तेलंगाना बनने से किस तरह का लाभ होगा, इसका भी हमने विस्तार से ब्यौरा दिया, जिसपर वरिष्ठ कांग्रेसी नेताआें ने कहा कि चर्चा में सांसदों द्वारा दी गयी दलील को प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष रखा जायेगा।

यास्की ने कहा कि इस मसले पर केंद्र सरकार को निर्णय लेने में थ़ोडा वक्त लगेगा, इसलिए लोगों को संयम से काम लेना चाहिये। सांसद विवेक ने कहा कि तेलंगाना के लोगों को यह पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी ही पृथक तेलंगाना का गठन करेगी। सांसद वी हनुमंत राव ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान तेलंगान के पक्ष में है और केवल कांग्रेस ही तेलंगाना दे सकती है।

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