Sunday, February 20, 2011


श्रीलंका ने कनाडा को 210 रन से धोया

हम्बनतोता। माहेला जयवर्धने (100) के धुआंधार शतक और कप्तान कुमार संगकारा के 92 रनों की बदौलत श्रीलंका ने कनाडा को विश्व कप में अपने पहले मैच में रविवार रात यहां 210 रन से रौंदकर टूर्नामेंट में अपने अभियान की धमाकेदार शुरूआत की। श्रीलंका के सात विकेट पर 332 रन के जवाब में कनाडा की टीम 36.5 ओवर में 122 रन पर सिमट गई। विश्व कप के इतिहास में यह सातवीं सबसे बड़ी जीत है।
जीत के लिए 333 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडाई टीम की शुरूआत हाहाकारी रही और उसने अपने तीन विकेट 12 रन पर ही गंवा दिए। कप्तान आशीष बगई ने 22 और रिजवान चीमा ने सर्वाधिक 37 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से कुलशेखरा ने छह ओवर में मात्र 16 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि परेरा ने 34 रन पर तीन विकेट चटकाए। मुरलीधरन को दो तथा मेंडिस और समरवीरा को एक-एक विकेट मिला।
इससे पूर्व जयवर्धने ने विश्व कप का चौथा सबसे तेज शतक ठोकते हुए 81 गेंदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाए। उनका यह कुल 13वां और विश्व कप का तीसरा शतक है। कप्तान कुमार संगकारा ने 87 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 92 रन बनाए, जबकि ओपनर तिलकरत्ने दिलशान ने 59 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 50 रन का योगदान दिया। जयवर्धने और संगकारा की अनुभवी जोड़ी ने कनाडा के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए तीसरे विकेट के लिए 179 रन की साझेदारी की।
दिलशान के 5000 रन पूरे
स्थानीय महिंदा राजपक्षे इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में श्रीलंका के कप्तान संगकारा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। दिलशान अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद रिजवान चीमा की गेंद पर जॉन डेविसन के हाथों लपके गए, लेकिन इससे पहले वे वनडे मैचों में अपने 5000 रन पूरे कर चुके थे।
पहली जीत महत्वपूर्ण
पहला मैच हमेशा महत्वपूर्ण होता है, चाहे सामने कोई भी टीम हो। मुझे खुशी है कि हमने जीत के साथ शुरूआत की। मुझे नहीं पता था कि मैंने विश्व कप का चौथा सबसे तेज शतक लगाया है। मुझे बड़ा स्कोर खड़ा करना था जो मैंने बखूबी किया। यहां का पिच, आउटफील्ड और माहौल सब हमारे पक्ष में रहा।
महेला जयवर्द्धने, मैन ऑफ द मैच
जीत का श्रेय मैं जयवर्द्धने को देता हूं। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, साथ ही तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स ने भी तय रणनीति के अनुसार प्रदर्शन किया। कुमार संगकारा, कप्तान श्रीलंका
हमने शुरूआत अच्छी की थी, लेकिन संगकारा और जयवर्द्धने ने हमें आगे कोई मौका नहीं दिया। यहां का मौसम हमारे अनुकूल नहीं होने से भी खिलाडियों को थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन इसमें ढलने के लिए हमारे पास काफी समय है। हम अगले मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
आशीष बगई, कप्तान कनाडा
क्रिकेट का बुखार
मुम्बई के एक ब्यूटी पार्लर में अपने सिर पर "विश्व कप"का प्रतीक बनवाती एक प्रंशसक
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न्यूज़ीलैंड ने कीनिया को रौंदा

न्यूज़ीलैंड
विश्व कप के दूसरे मैच में न्यूज़ीलैंड ने कीनिया की टीम को रौंद दिया है. वर्ष 2003 के विश्व कप में सेमी फ़ाइनल तक पहुँचने वाली कीनिया की टीम मैच में कही नज़र नहीं आई.

न्यूज़ीलैंड के हामिश बेनेट ने बेहतरीन गेंदबाज़ी की और न्यूज़ीलैंड की टीम ने 10 विकेट से मैच जीतकर अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की.चेन्नई में हुए ग्रुप ए के इस मैच में कीनिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया.लेकिन हामिश बेनेट, टिम साउदी और जैकब ओरम ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए कीनिया की टीम को 23.5 ओवर में 69 रनों पर ही समेट दिया.
बेहतरीन प्रदर्शन

सेरेन वाटर्स और राकेप पटेल ने सर्वाधिक 16-16 रन बनाए. कॉलिंग ओबूया ने 14 रनों का योगदान दिया. इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ दोहरे अंक में भी नहीं पहुँच पाया.
हामिश बेनेट ने चार विकेट चटकाएन्यूज़ीलैंड की ओर से बेनेट ने 16 रन देकर चार विकेट लिए जबकि टिम साउदी ने 13 रन देकर तीन विकेट और जैकब ओरम ने दो रन देकर तीन विकेट चटकाए.न्यूज़ीलैंड को जीत के लिए 70 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने आसानी से हासिल कर लिया. न्यूज़ीलैंड ने बिना कोई विकेट गँवाए सिर्फ़ आठ ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया.ब्रैंडन मैकुलम ने 17 गेंदों पर 26 रन बनाए जबकि मार्टिन गुप्टिल ने 39 रनों की पारी खेली. हामिश बेनेट को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.

Friday, February 18, 2011

आज बंगलादेश से बदला लेने के

इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

ढाका। भारत को चार वषा] से जिस घ़डी का इंतजार था, वह अब नजदीक आ गयी है। भारत को बंगलादेश से २००७ के विश्व कप में मिली हार का बदला चुकाना है। महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधर जब शनिवार को क्रिकेट विश्व कप के उद्‌घाटन मैच में सह मेजबान बंगलादेश के खिलाफ उतरेंगे, तो उनका एकमात्र लक्ष्य ‘बदला’ होगा। भारत के विस्फोटक ओपनर और मौजूदा क्रिकेट के सबसे विध्वंसक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने बहुत कम शब्दों में इस चिरप्रतीक्षित मुकाबले के लिए कऱोडों भारतीयों की भावनाआें को व्यक्त कर दिया, ‘हम जानते हैं, हम उनसे हार गए थे और हम इस घ़डी का इंतजार कर रहे थे कि कब हमें इस विश्व कप में बंगलादेश से खेलने का मौका मिलेगा। वह समय अब आ गया है।’ मौजूदा भारतीय टीम के कई सदस्य २००७ में वेस्टइंडीज में मिली हार में टीम के सदस्य नहीं थे, लेकिन उन्होंने भी वह मंजर देखा होगा कि किस तरह उस हार ने टीम इंडिया को विश्व कप से बाहर कर दिया था। उनके मन में भी वैसे ही बदले की आग धधक रही होगी जैसी कि अन्य सदस्यों के मन में।
दसवें विश्व कप के लिये शुरूआत करने का इससे आदर्श मैच कोई और हो ही नहीं सकता। हालांकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधर जानते हैं कि बंगलादेश को उसके शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम में ग्रुप ‘बी’ मैच में हराना आसान नहीं होगा और इस लक्ष्य को अंजाम देने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ झोंकना होगा। यह मुकाबला जैसे ही शुरू होगा दोनों देशों में भावनाआें का ज्वार अपने चरम पर पहुंच जाएगा। हर गेंद और हर रन पर सबकी नजर होगी। भारत अपने दोनों अभ्यास मैच विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से जीतकर बुलंद हौसलों के सातवें आसमान पर है,लेकिन उसे अपने पांव जमीन पर रखते हुए इस प्रदर्शन को उद्‌घाटन मैच में बरकरार रखना होगा। मौजूदा फार्म और कागज पर टीम की ताकत को देखा जाये तो बंगलादेश के लिये २००७ के उलटफेर को इस बार दोहरा पाना बहुत मुश्किल होगा। तब बंगलादेश ने भारत को १९१ रन पर ल़ुढका कर लक्ष्य का पीछा कर लिया था।
भारत को क्रिकेट पंडित इस बार विश्व कप का सबसे प्रबल दावेदार मान रहे हैं। विश्व की नम्बर दो टीम भारत के पास एक संतुलित टीम है और इस बात को उसने आस्ट्रेलिया के खिलाफ ३८ रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ ११७ रन की शानदार जीत से साबित किया है। अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और सहवाग के रूप में उसके पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ और खतरनाक सलामी ज़ोडी है। तीसरे नम्बर पर गौतम गंभीर और चौथे नम्बर पर प्रतिभाशाली विराट कोहली की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देती है। पांचवें नम्बर के लिये युवराज सिंह और सुरेश रैना के बीच टास होगा। इसके बाद भारत के पास धोनी और यूसुफ पठान के रूप में दो ऐसे बल्लेबाज हैं जो कुछ ही ओवरों में मैच का नक्शा बदल सकते हैं।

धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में मात्र ६२ गेंदों में विस्फोटक शतक ठोककर अपनी लय में लौट आये हैं। पठान से अभी बंगलादेशी गेंदबाजों का ठीक से वास्ता नहीं प़डा है। दुनिया के सबसे बेरहम बल्लेबाज पठान के लपेटे में यदि बंगलादेशी गेंदबाज आये तो वे निश्चित ही अपनीलय चाल भूल जायेंगे।

भारत के लिये थ़ोडी चिंता का विषय उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण हो सकता है। भारतीय आक्रमण के कर्णधार जहीर खान दोनों ही अभ्यास मैचों में नहीं खेले, ताकि वह उद्‌घाटन मैच के लिये पूरी तरह फिट रह सकें। तीन अन्य तेज गेंदबाजों मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा और श्रीसंत से भी पूरी गेंदबाजी नहीं कराई गयी थी। इनमें से जहीर खान और मुनाफ पटेल का अंतिम एकादश में खेलना तय माना जा रहा है,लेकिन आशीष नेहरा के खेलने पर अभी संदेह जताया जा रहा है। यदि नेहरा नहीं खेलते हैं तो उनके स्थान पर श्रीसंत को मौका मिल सकता है। स्पिन भारत का सबसे प्रबल पक्ष है। इस विभाग में आफ स्पिनर हरभजन सिंह सबसे आगे और सबसे अनुभवी हैं। पांचवें गेंदबाज की भूमिका पार्ट टाइमरों के हवाले रहेगी। यूसुफ पठान अपनी आफ स्पिन से और युवराज अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन से इसमें योगदान दे सकते हैं।
भारत का सबसे मजबूत पक्ष उसके कप्तान धोनी हैं जो न केवल भाग्य के महाधनी हैं, बल्कि अपने प्रदर्शन से भी टीम को प्रेरित करते हैं। अपनी कप्तानी में देश को २००७ में टी२० विश्व कप जिता चुके धोनी पर एक बार फिर भारत को खिताबी मंजिल तक ले जाने की जिम्मेदारी है।

वहीं दूसरी तरफ बंगलादेश को तेज गेंदबाज मशरफे मुर्तजा की कमी महसूस होगी, जिन्हें घुटने की चोट के कारण टीम में शामिल नहीं किया गया। मुर्तजा ने २००७ में ३८ रन पर चार विकेट लेकर बंगलादेश को हैरत अंगेज जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बंगलादेश का सबसे प्रबल पक्ष उसका स्पिन आक्रमण है जो मध्य ओवरों में रनों पर अंकुश लगा देता है। उसके पास कप्तान सकीबुल हसन व अब्दुर रज्जाक के रूप में दो खतरनाक स्पिनर हैं। सकीबुल हसन २००९ में वनडे में नंबर एक आलराउंडर रह चुके हैं। भारत की तरह बंगलादेश के पास भी अच्छे पार्ट टाइम स्पिनर हैं। बंगलादेश ने अपने मैदानों में अपने पिछले आठ में से सात मैच जीते हैं और यह टीम आत्मविश्वास से भरपूर नजर आ रही है। सकीबुल ने कहा कि हम पिछले १५ महीनों से अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं। यदि हम क्वार्टर फाइनल के लिये क्वालीफाई कर जाते हैं, तो हम कुछ ब़डा भी सोच सके हैं। हमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिये चार मैच जीतने की जरूरत है जो मुश्किल नहीं है।
टीम : भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान, विकेटकीपर), सचिन तेंदुलकर, वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, यूसुफ पठान, हरभजन सिंह, जहीर खान, मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा, एसश्रीसंत, पीयूष चावला और आर अश्विन

बंगलादेश : सकीबुल हसन (कप्तान), तमीम इकबाल, इमरूल कायेस, शहरियार नफीस, जुनैद सिद्दिकी, मोहम्मद अशरफुल, रकीबुल हसन, मुशफिकुर रहीम , महमूदुल्ला, नईम इस्लाम, अब्दुर रज्जाक, मोहम्मद सुहरावर्दी, शफीउल इस्लाम, नजमुल हुसैन और रुबेल हुसैन

Tuesday, February 15, 2011

तेलंगाना राजनीतिक जेएसी

का असहयोग आंदोलन सत्रह से

हैदराबाद। तेलंगाना राजनीतिक संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने आगामी संसदीय बजट सत्र में ही पृथक तेलंगाना राज्य की गठन प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर इस महीने की १७ तारीख से असहयोग आंदोलन शुरू करने का निर्णय किया है। जेएसी के अध्यक्ष प्रो कोदंडराम ने एक संवाददाता सम्मेलन में असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना के सभी वगा] के लोग इस असहयोग आंदोलन में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारी व लोग जनगणना कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। असहयोग कार्यक्रम के तहत आरटीसी बसों में यात्री बिना टिकट के सफर करेंगे, गृह कर व अन्य करों तथा बिजली बिल का भुगतान नहीं करेंगे तथा स़डकों पर टोलगेट बिलों का भी भुगतान नहीं करेंंगे। उन्होंने कहा कि इस महीने की २२ तारीख से तेलंगाना के सभी १० जिलों में ह़डताल और बंद मनाने का फैसला किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में तेलंगाना मुद्दे पर विधेयक पेश करने तक यह असहयोग आंदोलन चलेगा। कोदंडराम ने कहा कि केंद्र सरकार को तेलंगाना के चार कऱोड लोगों की भावनाआें का सम्मान करना चाहिये और तेलंगाना बनने तक हम पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सभी वर्गोंं के लोगों से तेलंगाना हासिल करने के लिए आगे ब़ढकर असहयोग आंदोलन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से केंद्र व राज्य सरकार पर दबाव ब़ढेगा, तो तेलंगाना अपनेआप तेलंगाना बन जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांध्र के संपन्न वगा] के साथ ख़डे होकर तेलंगाना के लोगों को दबोचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तेलंगाना क्षेत्र में रच्चबंडा कार्यक्रम के नाम से पुलिसराज चला रही है और पुलिस लोगों की पिटाई करने के अलावा उनके खिलाफ अवैध मामले दर्ज कर जेल में कैद कर रही है।
कर्मचारी यूनियनों की जेएसी के नेता स्वामी ग़ौड ने कहा कि तेलंगाना के लिए अगर उनकी नौकरी जाती है, तो भी वे आंदोलन नहीं छ़ोडंगे। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से तेलंगाना क्षेत्र में रोजगार के अवसर मुहैया कराने तथा तेलंगाना समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से तेलंगाना आंदोलन की दिशा में कूच करने का आह्वान किया। असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम इस प्रकार हैं:
17 को कर्मचारियों के समर्थन में रैली, १८ को केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने पिकेंटिंग, १९ को रास्ता रोको, राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम, २० को शहरों में ‘वॉक फार तेलंगाना’ गांवों में प्रभातभेरी, २१ को आंदोलन में सहयोग नहीं देने वाले विधायकों के पुतले फूंके जायेंगे तथा २२ को तेलंगाना क्षेत्र में सार्वत्रिक ह़डताल व बंद का आयोजन किया जायेग