Friday, February 18, 2011

आज बंगलादेश से बदला लेने के

इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

ढाका। भारत को चार वषा] से जिस घ़डी का इंतजार था, वह अब नजदीक आ गयी है। भारत को बंगलादेश से २००७ के विश्व कप में मिली हार का बदला चुकाना है। महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधर जब शनिवार को क्रिकेट विश्व कप के उद्‌घाटन मैच में सह मेजबान बंगलादेश के खिलाफ उतरेंगे, तो उनका एकमात्र लक्ष्य ‘बदला’ होगा। भारत के विस्फोटक ओपनर और मौजूदा क्रिकेट के सबसे विध्वंसक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने बहुत कम शब्दों में इस चिरप्रतीक्षित मुकाबले के लिए कऱोडों भारतीयों की भावनाआें को व्यक्त कर दिया, ‘हम जानते हैं, हम उनसे हार गए थे और हम इस घ़डी का इंतजार कर रहे थे कि कब हमें इस विश्व कप में बंगलादेश से खेलने का मौका मिलेगा। वह समय अब आ गया है।’ मौजूदा भारतीय टीम के कई सदस्य २००७ में वेस्टइंडीज में मिली हार में टीम के सदस्य नहीं थे, लेकिन उन्होंने भी वह मंजर देखा होगा कि किस तरह उस हार ने टीम इंडिया को विश्व कप से बाहर कर दिया था। उनके मन में भी वैसे ही बदले की आग धधक रही होगी जैसी कि अन्य सदस्यों के मन में।
दसवें विश्व कप के लिये शुरूआत करने का इससे आदर्श मैच कोई और हो ही नहीं सकता। हालांकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के धुरंधर जानते हैं कि बंगलादेश को उसके शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम में ग्रुप ‘बी’ मैच में हराना आसान नहीं होगा और इस लक्ष्य को अंजाम देने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ झोंकना होगा। यह मुकाबला जैसे ही शुरू होगा दोनों देशों में भावनाआें का ज्वार अपने चरम पर पहुंच जाएगा। हर गेंद और हर रन पर सबकी नजर होगी। भारत अपने दोनों अभ्यास मैच विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से जीतकर बुलंद हौसलों के सातवें आसमान पर है,लेकिन उसे अपने पांव जमीन पर रखते हुए इस प्रदर्शन को उद्‌घाटन मैच में बरकरार रखना होगा। मौजूदा फार्म और कागज पर टीम की ताकत को देखा जाये तो बंगलादेश के लिये २००७ के उलटफेर को इस बार दोहरा पाना बहुत मुश्किल होगा। तब बंगलादेश ने भारत को १९१ रन पर ल़ुढका कर लक्ष्य का पीछा कर लिया था।
भारत को क्रिकेट पंडित इस बार विश्व कप का सबसे प्रबल दावेदार मान रहे हैं। विश्व की नम्बर दो टीम भारत के पास एक संतुलित टीम है और इस बात को उसने आस्ट्रेलिया के खिलाफ ३८ रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ ११७ रन की शानदार जीत से साबित किया है। अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और सहवाग के रूप में उसके पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ और खतरनाक सलामी ज़ोडी है। तीसरे नम्बर पर गौतम गंभीर और चौथे नम्बर पर प्रतिभाशाली विराट कोहली की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देती है। पांचवें नम्बर के लिये युवराज सिंह और सुरेश रैना के बीच टास होगा। इसके बाद भारत के पास धोनी और यूसुफ पठान के रूप में दो ऐसे बल्लेबाज हैं जो कुछ ही ओवरों में मैच का नक्शा बदल सकते हैं।

धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में मात्र ६२ गेंदों में विस्फोटक शतक ठोककर अपनी लय में लौट आये हैं। पठान से अभी बंगलादेशी गेंदबाजों का ठीक से वास्ता नहीं प़डा है। दुनिया के सबसे बेरहम बल्लेबाज पठान के लपेटे में यदि बंगलादेशी गेंदबाज आये तो वे निश्चित ही अपनीलय चाल भूल जायेंगे।

भारत के लिये थ़ोडी चिंता का विषय उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण हो सकता है। भारतीय आक्रमण के कर्णधार जहीर खान दोनों ही अभ्यास मैचों में नहीं खेले, ताकि वह उद्‌घाटन मैच के लिये पूरी तरह फिट रह सकें। तीन अन्य तेज गेंदबाजों मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा और श्रीसंत से भी पूरी गेंदबाजी नहीं कराई गयी थी। इनमें से जहीर खान और मुनाफ पटेल का अंतिम एकादश में खेलना तय माना जा रहा है,लेकिन आशीष नेहरा के खेलने पर अभी संदेह जताया जा रहा है। यदि नेहरा नहीं खेलते हैं तो उनके स्थान पर श्रीसंत को मौका मिल सकता है। स्पिन भारत का सबसे प्रबल पक्ष है। इस विभाग में आफ स्पिनर हरभजन सिंह सबसे आगे और सबसे अनुभवी हैं। पांचवें गेंदबाज की भूमिका पार्ट टाइमरों के हवाले रहेगी। यूसुफ पठान अपनी आफ स्पिन से और युवराज अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन से इसमें योगदान दे सकते हैं।
भारत का सबसे मजबूत पक्ष उसके कप्तान धोनी हैं जो न केवल भाग्य के महाधनी हैं, बल्कि अपने प्रदर्शन से भी टीम को प्रेरित करते हैं। अपनी कप्तानी में देश को २००७ में टी२० विश्व कप जिता चुके धोनी पर एक बार फिर भारत को खिताबी मंजिल तक ले जाने की जिम्मेदारी है।

वहीं दूसरी तरफ बंगलादेश को तेज गेंदबाज मशरफे मुर्तजा की कमी महसूस होगी, जिन्हें घुटने की चोट के कारण टीम में शामिल नहीं किया गया। मुर्तजा ने २००७ में ३८ रन पर चार विकेट लेकर बंगलादेश को हैरत अंगेज जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बंगलादेश का सबसे प्रबल पक्ष उसका स्पिन आक्रमण है जो मध्य ओवरों में रनों पर अंकुश लगा देता है। उसके पास कप्तान सकीबुल हसन व अब्दुर रज्जाक के रूप में दो खतरनाक स्पिनर हैं। सकीबुल हसन २००९ में वनडे में नंबर एक आलराउंडर रह चुके हैं। भारत की तरह बंगलादेश के पास भी अच्छे पार्ट टाइम स्पिनर हैं। बंगलादेश ने अपने मैदानों में अपने पिछले आठ में से सात मैच जीते हैं और यह टीम आत्मविश्वास से भरपूर नजर आ रही है। सकीबुल ने कहा कि हम पिछले १५ महीनों से अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं। यदि हम क्वार्टर फाइनल के लिये क्वालीफाई कर जाते हैं, तो हम कुछ ब़डा भी सोच सके हैं। हमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिये चार मैच जीतने की जरूरत है जो मुश्किल नहीं है।
टीम : भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान, विकेटकीपर), सचिन तेंदुलकर, वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, यूसुफ पठान, हरभजन सिंह, जहीर खान, मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा, एसश्रीसंत, पीयूष चावला और आर अश्विन

बंगलादेश : सकीबुल हसन (कप्तान), तमीम इकबाल, इमरूल कायेस, शहरियार नफीस, जुनैद सिद्दिकी, मोहम्मद अशरफुल, रकीबुल हसन, मुशफिकुर रहीम , महमूदुल्ला, नईम इस्लाम, अब्दुर रज्जाक, मोहम्मद सुहरावर्दी, शफीउल इस्लाम, नजमुल हुसैन और रुबेल हुसैन

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