Tuesday, March 29, 2011

खबरें क्रिकेट के दुनिया की

भारत विश्व कप जीता तो मैं स्टेडियम
मैं कपडे उतर दूंगी :माडल पूनम पाण्डे

वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हौसला बढ़ाने के लिए एक मॉडल ने सनसनीखेज ऐलान किया है। इस मॉडल ने कहा कि अगर भारत वर्ल्ड कप जीता, तो वह न्यूड होकर खुशी मनाएंगी।
इस मॉडल का नाम है पूनम पांडे। पूनम मोस्ट डाउनलोडेड मॉडल के तौर पर चर्चित रही हैं। इस साल कुछ चर्चित कैलेडरों पर भी वह छाई रही थीं।
पूनम टीम इंडिया की जबर्दस्त फैन हैं। पूनम ने बताया कि वह ऐसा सिर्फ टीम इंडिया का हौसला बढ़ाने के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया को सपोर्ट करने का यह उनका तरीका है। पूनम ने कहा कि उनकी ख्वाहिश है कि वह टीम इंडिया से संपर्क कर ड्रेसिंग रूम में सारे खिलाड़ियों के सामने कपड़े उतारें।
पूनम ने कहा कि अगर बीसीसीआई इजाजत दे तो वह स्टेडियम में हजारों लोगों के सामने न्यूड होने के लिए भी तैयार हैं। पूनम ने कहा कि यह पब्लिसिटी स्टंट नहीं है।
गौरतलब है कि फुटबॉल वर्ल्ड कप में भी ऐसी खुमारी देखने को मिली थी। मशहूर फुटबॉलर और कोच माराडोना ने वादा किया था कि अगर उनकी टीम वर्ल्ड कप जीतती है , तो वह कपड़े उतार कर अर्जेंटीना की गलियों में घूमेंगे।
इसके बाद पराग्वे की मशहूर लॉन्जरी मॉडल लरीसा रिकेल्मे ने कुछ इसी तरह का वादा किया था। उन्होंने ऐलान किया था कि पराग्वे की टीम वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत लेती है तो वह लोगों के सामने अपने सारे कपड़े उतारकर खुशी मनाएंगी।
आभार सहित :नवभारत टाइम्स
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बीना मालिक नहीं चाहती
भारत पाक से जीते

जहां हर कोई चाहता है कि मोहाली में भारत पाक से जीते और इस जीत का सिरमौर हो भारतीय क्रिकेट का भगवान सचिन तेंदुलकर। जिनके सौंवे शतक की दरकार केवल वो उनको ही नहीं बल्कि पूरा भारत कर रहा है, वहीं कोई ऐसा भी है जो नहीं चाहता कि मोहाली में भारत जीते और सचिन अपना शतक पूरा करे। हम बात कर रहे है पाक मॉडल और अभिनेत्री वीना मलिक की।
जो इन दिनो एक क्रिकेट टीवी शो होस्ट कर रही है। बिग बॉस से लाईमलाइट में आयी वीना का कहना है कि भारत मेरी कर्मभूमि है इसलिए मैं चाहती हू कि कल भारत अच्छा प्रदर्शन करें लेकिन पाकिस्तान मेरी जन्मभूमि है इसलिए चाहती हूं कि वो जीते, वीना का कहना है कि सचिन तो महान खिलाड़ी है उनका सौ तो कभी भी पूरा हो जायेगा। लेकिन मैं नहीं चाहती कि वो पाकिस्तान के खिलाफ ये कीर्तिमान हासिल करें। फिलहाल वीना मलिक शाहिद की कप्तानी की फैन है। वीना जिस शो में दिखायी पड़ रही है उसमें उनके बॉय फ्रेंड अस्मित पटेल भी साथ है। फिलहाल वीना मलिक इन दिनों युवराज सिंह की कायल हो गई है, उन्होंने कहा कि युवराज का जवाब नहीं।

Monday, March 28, 2011

नांदेड की दो शाम
शास्त्रीय संगी के नाम





निज़ामाबाद | महाराष्ट्र के नादेड शहर मैं सनिवार व् रविवार के दो शामें बड़ी महत्वपूर्ण थी ,वह भी इस लिए कि पहलीबार महाराष्ट्र सरकार के संस्कृतिक विभाग ने संस्कृतिक नगरी पुणे से बाहर संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया|जिसमे प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित हरी प्रसाद चौरसिया के बांसुरी कि स्वर लहरियां ने समां को जहाँ बांधा वहीँ अदिति भागवत के कत्थक की थाप पर लोग थिरक उठे.समारोह का शुभारम्भ शनिवार को प्रदेश के संस्कृतिक मंत्री संजय देवताले ने दीप जलाकर किया| जिसमे पहले लोकप्रिय शास्त्रीय गायिका सुश्री आरती अंकलीकर -टिकेकर ने अपनी मधुर वाणी मैं पुरिया धन श्री राग बंदिश पेश किया.वहीँ यू. श्रीनिवास ने कर्नाटकी पर आधारित राग मेंदोलिकर प्रस्तुत किया| पंडित भीमसेन जोशी के पुत्र श्री निवास जोशी ने यमन राग मैं "सखी कैसे खिलायें "प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीत लिया.हेमा उपासनी के गायन को लोगों जमकर दाद दी|शनिवार २६ एवम रविवार २७ मार्च की शाम नादेडवासियों के लिए यादगार रही|
विवरण व् फोटो:जिला महती कार्यालय ,नादेड के सौजन्य से

Saturday, March 19, 2011


शनिवार19मार्च को पूरे अठारह साल बाद चन्द्रमा पृथ्वी के काफी करीब था,जिसके चलते आसमान मैं पूरा चाँद दिखाई दिया,इस अदभुत क्षण को निज़ामाबाद में कन्ठेस्वर मंदिर के निकट अपने कैमरे मैं कैद किया है स्वतंत्र छायाकार राजू ने,विशेष कर आप की न्यूज -आप की खबर के लिए.

Friday, March 18, 2011

योग गुरु बाबा रामदेव बाबा से प्रदीप श्रीवास्तव क़ी विशेष बातचीत



मध्यावधि चुनाव के पूरे आसार:बाबा राम देव
"सीमान्ध्रा की जनता नहीं, राजनेता हैं तेलंगाना के विरोधी "

निज़ामाबाद |योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि सन २०१४ के आम चुनाव के पहले ही मध्यावधि चुनाव होने की पूरी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं.यह बात भारत स्वाभिमान यात्रा पर निकले बाबा ने निज़ामाबाद में आयोजित योग शिविर के बाद इन पंक्तियों के लेखक के साथ एक विशेष बातचीत में कही |जब बाबा से यह पूछा गया कि क्या आप अगल चुनाव लड़ने का मान बना रहे हैं है? इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि मैं स्वयं तो चुनाव नहीं लडूंगा ,लेकिन मेरी पार्टी जरुर देश से भ्रष्टाचार मिटने के लिए लडेगी | बाबा ने यह भी कहा कि बास आप जून तक प्रतीक्षा करें,उसके बाद भारत स्वाभिमान पार्टी के ईरादों के बारे में पता चल जायेगा| बाबा राम देव ने आगे कहा की इस कांग्रेस के राज्य में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं ही टूट गयीं है| आप ही देखो देश का चार हजार लाख करोंड़ धन विदेशी बैंक मैं जमा है.यह पैसा किसका है?इन्हीं भ्रष्ट राजनेताओं का ही न|आज ६२ सालों से कांग्रेस ने देश की आर्थिक स्थिति को खोखला कर रखा है|उनहोने यह भी कहा कि भारत मैं भ्रष्टाचार तभी मिटेगा,जब छोटे-छोटे नोटों का चलन होगा.जिससे कर चोरी पर भी नियंत्रण होगा |
देश मैं हिंदी की स्थिति के बारे मैं पूछे जाने पर स्वामी रामदेव ने कहा कि जब तक हम अपनी राष्ट्र भाषा के प्रति जागरूक नहीं होंगे तब तक हिंदी को उसका उचित स्थान नहीं मिलेगा|आप जापान , चीन या फिर कोई दूसरे देश को लो,वहां पर उनकी पहली प्राथमिकता होती उनकी राष्ट्र भाषा की|यही कारण है कि जिस देश मैं राष्ट्र भाषा का सम्मान होगा ,वह देश विकाश करेगा ही|लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूँ कि विकास केवल भाषा से नहीं होता,विकास दिमाग से होता है| फिर हम भारतियों के पास दिमाग की कमी कहाँ है|
जब बाबा रामदेव से यह पूछा गया कि आप पर आरोप लगाये जा रहे हैं है की देश को बदलने के नाम पर आप अपनी राजनितिक महत्त्वकांक्षा को पूरी करना चाहते है? इस प्रसन पर बाबा का कहना था कि सत्य,तर्क व तथ्यों को जूठलाया नहीं जा सकता है| मैं जो कुछ बोलता हूँ तर्क के साथ ,उसमे सच्चाई होती है|आज देश की सौ कारों जनता मुझे अपन पयार दे रही है,क्यों?यह सब बेबुनियादी बातें है|
आप योग राजनीति से नहीं योगनीति से समाज को बदलने की बात करते है,यह कैसे संभव है?इस प्रश्न पर बाबा ने कहा कि क्यों नही,सब संभव है|सीधे व् सरल भाषा मैं कहूँ तो आज देश कि जनता राजनीति से उब चुकी है,यही कारण है कि लोग अब योग के प्रति आकर्षित हो चुके हैं| जब जनता योग अपनाएगी तो वे स्वास्थ रहेंगे,जब जनता स्वास्थ रहेगी तो समाज स्वास्थ रहेगा,जब समाज स्वास्थ रहेगा तो ( हँसते हुए) राजनीति भी स्वास्थ ही रहेगी|
जब बाबा राम देव से यह पूछा गया कि "आप के द्वारा भ्रष्टाचार छेड़े जाने की मुहिम के बाद आप से संत व् साधू समाज नाराज हो गया है? इस पर बाबा ने अपनी चिर - परिचित मुस्कराहट के बीच कहा कि नहीं तो,कोई भी नारांज नहीं है| सभी साधू-संत मेरे साथ हैं.जो साधू संत यदि नाराज भी हैं तो वे साधू-संत हैं ही नहीं.
अपने तेलंगाना यात्रा के दौरान बाबा राम से अपने हर यगा शिविर मैं "जय तेलंगाना का नारा दे रहे हैं,इस बारे मैं पूछे पर कि आप ने सीमान्ध्रा मैं आप ने जय तेलंगाना का नारा नहीं दिया,क्यों? इस बाबा का कहना था कि जैसा देश -वैसा भेस|लेकिन जब बाबा से यह पूछा गया कि सीमान्ध्रा के लोग क्या तेलंगाना के गठन के विरोधी हैं? इस बाबा ने कहा कि नहीं वहां की जनता इसकी विरोधी नहीं है,विरोध तो सत्ता मैं बठे राजनेता कर रहे हैं ,जिन्हें अपनी राजनितिक रोटियां जो सेकनी है.वाही विरोध कर रहे हैं|उन्हें डर है की तेलंगाना बन गया तो उनके राजनितिक क्षेत्र का दायरा छोटा हो जायेगा,वहीलोग विरोध कर रहे हैं. मैं भी छोटे राज्यों का पक्षधर हूँ.मैं विश्वास के साथ कह रहा हूँ कि तेलंगाना राज्य का गठन हो कर रहेगा|
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विश्व गौरया दिवस 20 मार्च पर विशेष
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कंक्रीट के जंगल में लुप्त होती गौरय्या

पाठको आप में से कई लोगों को याद भी नहीं होगा कि आखिरी बार गौरय्या उन्होंने कब देखा था, नई पीढी के बच्चों ने तो केवल अपनी पाठ्य पुस्तकों में ही पढ़ा होगा ,वह भी गौरय्या नहीं ,अंगरेजी में स्पयरो शब्द से ही जानते होंगें. जानेंगे भी कैसे ,महानगरों कि बात छोडें, अब तो छोटे शहरों के साथ -साथ कस्बों में भी बन रही अपार्टमेंटों के अलावा ध्वनी प्रदूषण के चलते नन्हीं सी खुबसूरत जान घबरा कर गायब हो गईं हैं.कंक्रीटों के जंगल के बीच जरुर शहरों के सोंदर्य में चार-चाँद लग गए हों,लेकिन सच्चाई ये है कि कंकरीट के इस जंगल में पेड़ गायब होते जा रहें है ,या यूँ कहें कि गायब होते पेडो के चलते इन गौरय्या का बसेरा काम हो गया है.महानगरों कि भागम -भाग कि जिंदिगी के बीच वाहनों कि चकाचोंध एवं ध्वनी प्रदुषण के चलते लोगों में इतना समय नहीं है कि वे इन नन्ही जान कि दाना पानी दें सके.

लगभग दो दशक पीछे चलें तो आप को याद आयेगा कि किस तरह यह घरेलु चिडिया गौरय्या कि चहचाहट से घर वालों कि नींद खुलते थी ,दादी हों या नानी वे अपनें हाथों में झाडू लेकर घर के बड़े आँगन को बुहारने लगाती थीं. आंगन साफ होते ही गौरय्या का झुंड चीं-चीं करती आंगन में उतर आतीं. जिन्हें देख कर हम छोटे -छोटे बच्चे किलकारी भरते हुवे उन्हें पकड़ने का प्रयास करते ,लेकिन वे नन्ही जान फुदक कर दूर जा बैठती .याद करें कि तब सुबह का आभास सूर्योदय से पहले इन गौरय्या कि चहचाहट या फिर कोवे के कावं- कावं से होता था.जिनकी आवाज सुनकर लोग अपना बिस्तर छोड़ देते थे. अब उन आवाजों वा चहचाहट कि जगह ले ली है मोबाईल कि टोन ने .आखिर क्यों, क्यों कि उनकी चहचाहट को हम-आप ने छीन ली है. क्यों कि कटते पेड ,बढते प्रदुषण के चलते यह नन्ही जान गौरय्या हमसे रूठ गई है.अब आप कि कहाँ सुने देती है इनकी कलरव.इनका रूठ जाना भी जायज है. हम अपनी आधुनिक जीवन शैली में इतने स्वार्थी हो गएँ हैं कि हमें उनके जीवन कि परवाह ही नहीं रही .

याद करें तब मकानों कि ऊँची-ऊँची दीवारे होती थी,जिन पर रोशनी वा हवा आदि आने के लिए रोशन दन बने होते थे, जिन पर वे तिनका-तिनका जोड़ कर अपना घोंसला बनती,फिर उसमें अंडा देती ,जिसका वे कितना ख्याल रखती. हम छोटे भाई-बहन कभी -कभी उनके घोसलों से अंडे हटा देते .जब वे वापस लोटती तो घोंसले अपने अण्डों को न देख कर कितनी तेज ची-ची करती,जिसे सुनकर माँ ,नानी वा दादी हम लोगों पर कितना गुस्सा करती .जब हम अंडे वापस रख देते , तो वे उन्हें देख कर कितनी खुश होतीं थी ,इस बात का पता आज चलता है,जब हम अपने बच्चों को कुछ समय बड देखते हैं.आज जो घर बन रहे हैं उनमे आदमी के लिए ही जगह नहीं होती ,तो वहाँ पर पक्षी अपना घरोंदा कहाँ बना सकते हैं. जो जगह बनाते भी हैं तो वहाँ पर शीशे या फिर लोहे कि जाली लगवा देते हैं.

कहने का मतलब आज हम अपने घरोंदों के बनवाने के फेर में इन नन्ही जान के घरोंदो को छिनते जा रहे हैं. आखिर वे जाएँ तो जाएँ कहाँ ? कालोनियों में पार्क तो बन रहें हैं ,लेकिन वहाँ पर पेडो कि जगह लोहे के खेलने के उपकरण लग गएँ हैं.शहर ही नहीं गांवो इ हालत बुरी हो चली है,खेतों कीटनाशक डालने से मरे कीट गौरेये के खाने के लायक नहीं रहे पहले घरों के आंगन में बच्चो द्वारा खाना खाते वक्त आधा खाते आधा गिराते थे ,अब वह भी नहीं रहा.बच्चे घर कि चार दिवारी के भीतर डायनिंग टेबल पर खाते हैं.तो फिर जूठन कहाँ निकलेगा,जिसे चिरिया चुग सकेगी .

बात केवल गौरय्या कि ही नहीं है,अब न तो कोवे दिखाई देते हैं न ही गौरेये कि सहेली मैना ही दिखाती है,न ही कोयल कि कूँ- कूँ सुनाई देती है.तोते कि बात ही न करें तो बेहतर होगा .

आखिर यह सब क्यों, इसी लिए न कि हम सब प्रकृति से खुलकर खिलवाड़ जो करने लगें हैं इसका फल भी तो हमें आप को ही भुगतना पड़ेगा .यह समस्या केवल भारत कि ही नहीं बल्कि पुरे विश्व कि है.इसके लिए हमें और आप को ही पहल करनी होगी .तभी हम अपने पशु पक्षियों को बचा सकें गें ,नहीं तो ये सब भी इतिहास के पन्नों में अंकित हो कर रह जायेंगें

प्रदीप श्रीवास्तव

Tuesday, March 15, 2011

योग गुरु रामदेव बाबा क़ल निज़ामाबाद में

निज़ामाबाद|पतंजलि ग्रामोधोग व् स्वाभिमान ग्रामोत्थान कार्यक्रम के तहत योग गुरु बाबा रामदेव मंगलवार १६ मार्च की शाम आदिलाबाद जिले के भैंसा शहर से निज़ामाबाद आयेंगे. यह जानकारी स्वागत समिति के अध्यक्ष पी.आर .सोमानी एवम सचिव राज कुमार सूबेदार ने दी.उन्हों ने बताया कि शहर में प्रवेश करने के साथ ही स्वामी जी का स्थानीय सारंग पुर मंदिर में स्वागत किया जाएगा, जहाँ से एक सोभा यात्रा के रूप में बाबा नगर मे प्रवेश करेंगे.जो शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ हैदराबाद रोड स्थित संत निवास (शाम एजेंसी )पहुंचेगा.उनहोने बताया कि बुधवार के सुबह स्थानीय पालीटेक्निक मैदान में पाँच बजे से मुफ्त योग शिविर में स्वामी जी योगाभ्यास में भाग लेंगे| समिति ने यह भी जानकारी दी कि सुबह ७.३० से ८.०० बजे तक स्वामी जी महत्वपूर्ण लोगों से मिलेंगे,तत्पश्चात वे मीडिया से बात करेंगे.बाद में स्वामी जी भारत स्वाभिमान यात्रा के पधाधिकरियो व् सदस्यों को संबोधित करेंगे.उसके पश्चात स्वामीजी कमारेड्डी जाएँगे ,जहाँ उनहोने बचपन में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी ,वहां पर गुरकुल विधालय की आधारशिला भी रखेंगे.वहां से वे मेदक जिले के लिए रवाना हो जाएँ गे.आयोजकों की उम्मीद है कि इस शिविर में लगभग एक लाख से अधिक लोग भाग लेंगे |

Sunday, March 13, 2011

जगन ने फहराया वाईएसआर कांग्रेस का झंडा

निज़ामाबाद |जगन मोहन रेड्डी ने अपनी नई पार्टी नई पार्टी का जिस तरह का झंडा तैयार किया है, वो इस बात का संकेत है कि वाईएस राजशेखर रेड्डी की राजनीतिक विरासत के लिए जगनमोहन रेड्डी और कांग्रेस के बीच ज़बरदस्त घमासान होने वाला है.तीन रंग के इस झंडे के बीचों बीच वाईएसआर के चित्र हैं और उस के इर्दगिर्द उन कल्याण योजनाओं के नाम लिखे हैं जो वाईएसआर ने ग़रीबों के लिए शुरू किए थे और जिनके बलबूते पर उन्होंने अपनी ग़रीबों की मसीहा की छवि बना ली थी.जगनमोहन रेड्डी और उनकी माँ विजय लक्ष्मी ने ये झंडा कडपा जिले में इदुपुलापाया में वाईएसआर की समाधि के निकट फहराया.इस अवसर पर परिवारजनों के अलावा कांग्रेस के एक लोक सभा सदस्य राजमोहन रेड्डी और 11 विधायक और कुछ दूसरे नेता भी मौजूद थे.जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि वो अपनी पार्टी के कार्यक्रम और नीतियों के घोषणा कुछ दिनों के बाद करेंगे.इस समारोह पर एक विवाद के बादल भी मंडराए क्योंकि चुनाव आयोग ने जगनमोहन रेड्डी से कहा कि वो इस समय कोई बड़ा समारोह या सम्मलेन आयोजित नहीं कर सकते हैं क्योंकि विधान परिषद के लिए कडपा में होने वाले चुनाव के आचार संहिता लागू है.इसी के साथ अब ये तय हो गया है कि कडपा लोक सभा सीट के लिए दोबारा जगन ही चुनाव लड़ेंगे.जगनमोहन रेड्डी ने गत नवंबर में त्यागपत्र देते हुए ये सीट खाली की थी.इसी तरह उनकी माँ भी पुलिवेंदुला विधानसभा सीट के लिए दोबारा चुनाव लड़ेंगी क्योंकि उन्होंने भी इस सीट से त्यागपत्र दे दिया था.सितंबर, 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में वाईएसआर की मृत्यु के बाद से ही उनका परिवार कांग्रेस से दूर होने लगा था क्योंकि कांग्रेस नेतृत्व ने जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग ठुकरा दी थी.जगन ने ये कहते हुए कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था कि पार्टी उनके परिवार का अपमान कर रही है और उसमें फूट डालने की कोशिश कर रही है. लेकिन इस बीच कांग्रेस के अन्दर जगनमोहन रेड्डी का समर्थन काफ़ी घट गया है.जहाँ पहले लगभग सभी विधायक जगन का समर्थन कर रहे थे अब केवल एक दर्जन विधायक ही उनके साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं.कडपा लोक सभा और पुलिवेंदुला विधानसभा उप चुनाव के बाद ही ये स्पष्ट हो सकेगा कि जगन को आम लोगों का समर्थन कहाँ तक प्राप्त है.इधर कांग्रेस उन 11 विधायकों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकती है जो पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करते हुए जगन के समारोह में शरीक हुए थे.

Thursday, March 10, 2011

गुरुवार को मार्च के दोरान तेलंगाना समर्थकों ने एक तेलगु चॅनल को आग के हवाले कर दिया।
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तेलंगाना मार्च में हजारों गिरफ्तार
हैदराबाद| आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य की मांग के पक्ष में अनेक संगठनों और राजनीतिक नेताओं के गुरुवार को बुलाए गए 'मिलियन मार्च' से पहले हज़ारों लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.लेकिन पुलिस के तमाम बंदोबस्त के बावजूद हुसैनसागर के पास टैंकबंद में क़रीब 25 हज़ा लोग जमा हो गए हैं. उधर पुलिस ने कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया है.हैदराबाद और आसपास के ज़िलों में तेलंगाना के पक्षधरों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर पुलिस कार्रवाई शुरु हो गई है और हैदराबाद तो जैसे पुलिस छावनी में बदल गया है. हैदराबाद को आने वाले तमाम रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है.हुसैन सागर झील के किनारे जहाँ तेलंगाना के समर्थकों ने जमा होना है, वहाँ पुलिस ने घेराबंदी ली है. पलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात कर दिया गया है. पुलिस पूरे क्षेत्र में बसों और रेल स्टेशनों पर नज़र रख रही है और जिस किसी पर भी तेलंगाना का समर्थक होने का संदेह है, उसे हिरासत में लिया जा रहा है.इस विरोध कार्यक्रम की आयोजक तेलंगाना संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने एक लाख लोगों को हिरासत में लिया है और 10 हज़ार लोगों के केवल हैदराबाद में पका गया है. समिति के संयोजक प्रोफ़ेसर कोडंडा राम ने पत्रकारों को बताया, "मिस्र जैसे देश में तानाशाही के बावजूद लोगों को प्रदर्शन करने की इजाज़त थी लेकिन यहाँ लोकतंत्र होते हुए भी जुलूस निकलने और अपनी मांग रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है. कम उम्र के बच्चों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है और चारों ओर भय का वातावरण पैदा कर दिया है. सरकार की ज़िद्द के कारण लोगों का गुस्सा भड़क रहा है और हमने तय किया है कि हम हैदराबाद में जमा होकर दिखाएँगे."तेलंगाना के समर्थक संगठनों ने फिर तेलंगाना राज्य की मांग पर समर्थकों से हैदराबाद में जमा होने की अपील की है. उधर सरकार ने कहा है कि इस आयोजन को अनुमति इसलिए नहीं दी गई है क्योंकि इससे हिंसा भड़क कती है और साधारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इन संगठनों और कई राजनीतिक दलों का कहना है कि उनका कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहेगा और प्रदर्शनकारी भारतीय समयानुसार दोपहर बाद एक बजे से चार बजे तक धरना देंगे. लेकिन सरकार उनकी बात मानने को तैयार नहीं है.इस कार्यक्रम को क्षेत्र के लगभग तमाम राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है. तेलंगाना राष्ट्रीय समिति, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (एमएल-न्यू डेमोक्रेसी) ने इसका आहवान किया है. उधर कांग्रेस और तेलुगु देशम के विधायकों ने भी इस कार्यक्रम के समर्थन की घोषणा की है.कांग्रेस के विधायको और सांसदों ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की है और कहा है यदि लोग भड़कते हैं तो जिम्मेदारी सरकार की होगी.मशहूर वामपंथी लोक गायक गदर ने कहा है की अगर हालात बिगड़े तो राज्य और केंद्र सरकार, राज्यपाल और पुलिस महानिदेशक ज़िम्मेदार होंगे.अगर कांग्रेस के सांसद और विधायक इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं तो यह केंद्रीय कांग्रेस नेतृत्व के लिए शर्मिंदगी की बात होगी. तेलंगाना पर सरकार की हाल की ख़ामोशी से तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस सांसदों और विधायकों में ख़ालसी नाराज़गी है.उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी घोषणा की है की वो कैंपस में जुलूस निकालेंगे और इसे रोकने के लिए भी व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि वहां हालात हिंसक मोड़ ले सकते हैं. रोड ट्रांसपोर्ट निगम के कर्मचारियों ने कहा है कि वे बाहर से आने वाले लोगों के लिए भोजन का प्रबंध करेंगे. अलग तेलंगाना राज्य के लिए संघर्ष का यह ताज़ा दौर कई सालों से चल रहा है लेकिन स्थिति इतनी विस्फोटक पहले कभी नहीं नज़र आई है.

पृथक तेलंगाना के लिए

दिल्ली में शुक्रवार को रैली

हैदराबाद| पृथक तेलंगाना राज्य के गठन सम्बंधी विधयेक को बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने की मांग को लेकर देशभर के विभिन्न संगठनों के छात्र शुक्रवार को संसद तक रैली निकालेंगे। तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर गठित छात्र एकता समिति के बैनर तले छात्र शुक्रवार सुबह 11 बजे मंडी हाउस से संसद तक रैली निकालेंगे।बाद में संसद मार्ग पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। छात्र संगठन "ऑल इंडिया बैकवर्ड स्टूडेंट्स फ्रंट" (एआईबीएसएफ), "ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन" (आईसा), "डेमोक्रेटिकस्टूडेंट्स यूनियन"(डीएसयू), "जेएनयू फोरम फॉर तेलंगाना, मणिपुर स्टूडेंट एसोसिएशन" (एमएसएडी )और "स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन" (एसआईओ) रैली में शामिल होंगे। लोकसभा सदस्य के. केशव राव और मधु याक्षी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव सुरावरम सुधाकर रेड्डी, वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एस..आर. गिलानी के संसद मार्ग पर रैली को संबोधित करने की सम्भावना है। छात्र एकता समिति की सदस्य सुनिता एलुरी ने बताया, ""तेलंगाना क्षेत्र के लोगों को अपने संघर्ष के दौर में एकजुटता दिखाने और देशभर में इसके समर्थन में एक मुहिम ख़्ाडा करने की जरूरत है।"" छात्र पृथक तेलंगाना के गठन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा नौ दिसम्बर २००९ को दिए गए बयां को लागु करने की मांग कर रहे हैं|

उस्मानिय विश्वविधालय प्रांगण में आसू गैस छोडते पुलिसकर्मी
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Saturday, March 5, 2011









वैदिक मन्त्रों के बीच वरुण गाँधी

ने भरा यामिनी की मांग में सिंदूर

काशी (वाराणसी,बनारस )। भारतीय जनता पार्टी [भाजपा] के राष्ट्रीय महासचिव व युवा सासद वरुण गाधी और कोलकाता की ग्राफिक डिजाइनर यामिनी राय रविवार को विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। वरुण-यामिनी की शादी रविवार सुबह बनारस के काची कामकोटिश्वर मंदिर में वैदिक सनातनी रिवाज से संपन्न हुई। वरुण-यामिनी की शादी हनुमानघाट इलाके स्थित कामकोटेश्वर मंदिर में परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच हुई। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था। सजावट के लिए कोलकाता और गुजरात से फूल मंगाए गए थे। पंडाल गुजरात के कारीगरों द्वारा सजाया गया।इस मौके पर वरुण गांधी इस दौरान कुर्ता-धोती पहने हुए थे वहीं यामिनी गुलाबी रंग की साड़ी में नजर आईं। कहा जा रहा है यह साड़ी इंदिरा गांधी ने मेनका को दी थी। नेहरू गाधी परिवार की छोटी बहू और दिवंगत संजय गाधी की पत्नी मेनका गाधी इस मौके पर बेहद खुश नजर आईं।शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की अगुवाई में पुरोहितों व पंडितों के एक समूह ने विवाह संपन्न कराया।वरुण-यामिनी की शादी में दोनों परिवारों के करीब 30-35 रिश्तेदार और करीबी लोग शामिल हुए। इस बहुचर्चित शादी के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कामकोटेश्वर मंदिर और इसके आस-पास जिला पुलिस के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल [पीएसी] के जवानों की तैनाती की गई थी।नेहरू गाधी परिवार में दिवंगत इंदिरा गाधी की मा कमला कौल के बाद पहली शादी ब्राह्मण परिवार में हुई। यामिनी बंगाली ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इस विवाह में वरुण यामिनी के परिवार, रिश्तेदार समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने भी शिरकत की।। इससे पहले शनिवार को वरुण गाधी और यामिनी की हल्दी की रस्म वाराणसी के हनुमानघाट स्थित शकर मठ में पूरी करायी गयी।काची पीठ के शकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती के सानिध्य में आधा दर्जन वैदिक पंडितों ने गौरी गणेश के पूजन के बीच हल्दी की रस्म पूरी कराई।गौरतलब है कि देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार में होने वाली 'नई शादी' अपने साथ अनायास ही एक ऐसी पुरानी कड़ी जोड़ने वाली है जो लगभग एक सदी से इस परिवार से दूर थी। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की वर्ष 1916 में कमला नेहरू से हुई शादी के बाद यह पहली बार होगा जब इस परिवार में एक 'ब्राह्मण' वधू का प्रवेश होगा।अत्री गौत्र वाले पंडित नेहरू की कमला नेहरू से शादी के बाद इस परिवार का हिस्सा बनने वाली संजय गाधी-मेनका गाधी के सुपुत्र वरुण गाधी की होने वाली पत्नी यामिनी रॉय चट्टोपाध्याय का गौत्र 'वशिष्ठ ' है। सूत्रों के मुताबिक वरुण की होने वाली पत्नी यामिनी की शादी कराने के लिए तैयार हुए काची पीठ के शकाराचार्य जयेंद्र सरस्वती ने कन्या की कुंडली देखने के बाद ही विवाह कराने को लेकर अपनी संस्तुति दी है।कन्या की कुंडली से आने वाले समय में वरुण गाधी के जीवन में कई और अच्छे योग बनने की भी चर्चा की जा रही है। कहा जा रहा है कि इस कन्या के ग्रह-नक्षत्र से वरुण के लिए शुभ लगन की कड़ी स्थापित होगी, जिससे उनका राजनीतिक व सामाजिक जीवन ऊंचाई के एक नए सोपान तक जाएगा।

Thursday, March 3, 2011

क्रिकेट के लिये कुछ भी करेगा




जी हाँ ,आप ने सही पहचाना ,आप हैं ब्रिटिश -एशियाई
अभिनेत्री सोफिया हयात,जिन्हों ने मुम्बई में आयोजित
एक कार्यक्रम में अपने सर पर "पाल द आक्टोपस "
हेयर स्टाइल बनाने के साथ-साथ अपनी पीठ पर
"विश्व कप ट्राफी "बनवाने के साथ ही भारतीय
क्रिकेट खिलाडियों का हौसला आफजाई के लिये
उसके नीचे "जीत लो इण्डिया" भी लिखवा दिया है.
है न मजे क़ी बात.

Tuesday, March 1, 2011

10 मार्च को 'हैदराबाद चलो' कार्यक्रम का आयोजन

संयुक्त संघर्ष समिति के नेता एम कोडांदरम हैदराबाद के पास घटकेसम में रेल पटरी पर धरना दे रहे हैं। ये रेल मार्ग ट्रेनों को हैदराबाद से जोड़ता है.संघर्ष समिति ने कहा है कि मंगलवार सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक तेलंगाना क्षेत्र में कोई भी रेल गाड़ी नहीं चलने दी जाएगी.तेलंगाना समर्थकों ने इस प्रदर्शन को 'पल्ले पल्ले पट्टाला पाइकी' यानि 'रेल की पटरियों पर गांव' का नाम दिया है.संघर्ष समिति के नेताओं के अनुसार आंदोलन के दौरान लोग रेल की पटरियों पर बैठकर केंद्र सरकार के रवैया के प्रति अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं.इस रेल रोको अभियान में आंध्र की लगभग सभी पार्टियां हिस्सा ले रही हैं.तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के संरक्षक एम कोडांदरम ने रेल रोको आंदोलन के बारे में कहा, "अपनी आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए हमने कई विरोध प्रदर्शन किए. इसके बावजूद केंद्र सरकार ने तेलंगाना के गठन के लिए कोई कार्रवाई करने की कोशिश तक नहीं की. इसलिए हमने असहयोग आंदोलन शुरू किया."संघर्ष समिति के असहयोग आंदोलन में तेलंगाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं. दूसरी ओर सरकार ने कहा है कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो उनका वेतन रोका जा सकता है.एम कोडांदरम कहते हैं कि वेतन न मिलने कि संभावनाओं के बावजूद कर्मचारी उनके साथ हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार पांच मार्च तक अपना जवाब नहीं देती है तो सरकारी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए भी तैयार हैं.संघर्ष समिति ने 10 मार्च को 'हैदराबाद चलो' कार्यक्रम का आयोजन किया है.इस कार्यक्रम के आयोजकों की उम्मीद है कि मिस्र की तर्ज पर हैदराबाद में 10 मार्च को कम से कम 10 लाख लोग जमा होंगे.संघर्ष समिति ने हैदराबाद चलो कार्यक्रम को मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित रैली की ही तरह 'मिलियन मार्च' का नाम दिया है.

तेलंगाना की मांग को लेकर तेलंगाना में रेल रोको
कहानी चित्रों की जुबानी













तेलंगाना में रेल रोको....रेलवे को लाखों का नुकसान
निज़ामाबाद | संसद के चल रहे बजट सत्र में पृथक राज्य "तेलंगाना "के गठन के लिए पटल पर बिल रखने की मांग को लेकर चलाये जा रहे आन्दोलन के तहत गठित सयुंक्त समन्वय समिति के अहवाहन पर मंगलवार को तेलंगाना के सभी दस जिलों से गुजरने वाली रेल लाईनों पर धरना व प्रदर्शन का निर्देश दिया था,जिसके तहत आज सभी रेल लाईनों पर रेलें नहीं दौड़ी ,दक्षिण मध्य रेलवे को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच 18 मेल व एक्सप्रेस गाड़ियों के सञ्चालन पर रोक लगानी पड़ी हैं.सुबह से ही तेलंगाना समर्थकों ने रेलवे स्टेशनों की ओर कुछ करना सुरु कर दिए थे ,जिसके चलते पुलिस वालों ने उन्हें सुबह ही गिरिफ्तर कर लिया .केवल निज़ामाबाद में ही हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है,जबकी खबर लिखे जाने तक गिरफ्तारियां जारी थीं| रेलवे प्रशासन ने निज़ामाबाद से चलने वाली एवं निज़ामाबाद से गुजरने वाली सत्रह गाड़ियों को पहले ही स्थगित कर दिया था| जिसके चलते निज़ामाबाद रेलवे को ही दोपहर तक 2 .40 लाख रुपये के राजस्व की हानी उठानी पड़ी है.वहीँ कई गाड़ियों के यात्रियों ने अपने आरक्षण पहले से ही स्थगित करवा लिए थे.इस बीच निज़ामाबाद से गुजरने वाली गाड़ियों को महाराष्ट्र के हुजुर साहेब नादेड रेलवे स्टेसन पर ही रोक लिया गया है(देखें सबसे अंतिम चित्र)|खबर लिखे जाने तक रेल रोको आन्दोलन जारी था.