Friday, March 18, 2011

योग गुरु बाबा रामदेव बाबा से प्रदीप श्रीवास्तव क़ी विशेष बातचीत



मध्यावधि चुनाव के पूरे आसार:बाबा राम देव
"सीमान्ध्रा की जनता नहीं, राजनेता हैं तेलंगाना के विरोधी "

निज़ामाबाद |योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि सन २०१४ के आम चुनाव के पहले ही मध्यावधि चुनाव होने की पूरी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं.यह बात भारत स्वाभिमान यात्रा पर निकले बाबा ने निज़ामाबाद में आयोजित योग शिविर के बाद इन पंक्तियों के लेखक के साथ एक विशेष बातचीत में कही |जब बाबा से यह पूछा गया कि क्या आप अगल चुनाव लड़ने का मान बना रहे हैं है? इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि मैं स्वयं तो चुनाव नहीं लडूंगा ,लेकिन मेरी पार्टी जरुर देश से भ्रष्टाचार मिटने के लिए लडेगी | बाबा ने यह भी कहा कि बास आप जून तक प्रतीक्षा करें,उसके बाद भारत स्वाभिमान पार्टी के ईरादों के बारे में पता चल जायेगा| बाबा राम देव ने आगे कहा की इस कांग्रेस के राज्य में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं ही टूट गयीं है| आप ही देखो देश का चार हजार लाख करोंड़ धन विदेशी बैंक मैं जमा है.यह पैसा किसका है?इन्हीं भ्रष्ट राजनेताओं का ही न|आज ६२ सालों से कांग्रेस ने देश की आर्थिक स्थिति को खोखला कर रखा है|उनहोने यह भी कहा कि भारत मैं भ्रष्टाचार तभी मिटेगा,जब छोटे-छोटे नोटों का चलन होगा.जिससे कर चोरी पर भी नियंत्रण होगा |
देश मैं हिंदी की स्थिति के बारे मैं पूछे जाने पर स्वामी रामदेव ने कहा कि जब तक हम अपनी राष्ट्र भाषा के प्रति जागरूक नहीं होंगे तब तक हिंदी को उसका उचित स्थान नहीं मिलेगा|आप जापान , चीन या फिर कोई दूसरे देश को लो,वहां पर उनकी पहली प्राथमिकता होती उनकी राष्ट्र भाषा की|यही कारण है कि जिस देश मैं राष्ट्र भाषा का सम्मान होगा ,वह देश विकाश करेगा ही|लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूँ कि विकास केवल भाषा से नहीं होता,विकास दिमाग से होता है| फिर हम भारतियों के पास दिमाग की कमी कहाँ है|
जब बाबा रामदेव से यह पूछा गया कि आप पर आरोप लगाये जा रहे हैं है की देश को बदलने के नाम पर आप अपनी राजनितिक महत्त्वकांक्षा को पूरी करना चाहते है? इस प्रसन पर बाबा का कहना था कि सत्य,तर्क व तथ्यों को जूठलाया नहीं जा सकता है| मैं जो कुछ बोलता हूँ तर्क के साथ ,उसमे सच्चाई होती है|आज देश की सौ कारों जनता मुझे अपन पयार दे रही है,क्यों?यह सब बेबुनियादी बातें है|
आप योग राजनीति से नहीं योगनीति से समाज को बदलने की बात करते है,यह कैसे संभव है?इस प्रश्न पर बाबा ने कहा कि क्यों नही,सब संभव है|सीधे व् सरल भाषा मैं कहूँ तो आज देश कि जनता राजनीति से उब चुकी है,यही कारण है कि लोग अब योग के प्रति आकर्षित हो चुके हैं| जब जनता योग अपनाएगी तो वे स्वास्थ रहेंगे,जब जनता स्वास्थ रहेगी तो समाज स्वास्थ रहेगा,जब समाज स्वास्थ रहेगा तो ( हँसते हुए) राजनीति भी स्वास्थ ही रहेगी|
जब बाबा राम देव से यह पूछा गया कि "आप के द्वारा भ्रष्टाचार छेड़े जाने की मुहिम के बाद आप से संत व् साधू समाज नाराज हो गया है? इस पर बाबा ने अपनी चिर - परिचित मुस्कराहट के बीच कहा कि नहीं तो,कोई भी नारांज नहीं है| सभी साधू-संत मेरे साथ हैं.जो साधू संत यदि नाराज भी हैं तो वे साधू-संत हैं ही नहीं.
अपने तेलंगाना यात्रा के दौरान बाबा राम से अपने हर यगा शिविर मैं "जय तेलंगाना का नारा दे रहे हैं,इस बारे मैं पूछे पर कि आप ने सीमान्ध्रा मैं आप ने जय तेलंगाना का नारा नहीं दिया,क्यों? इस बाबा का कहना था कि जैसा देश -वैसा भेस|लेकिन जब बाबा से यह पूछा गया कि सीमान्ध्रा के लोग क्या तेलंगाना के गठन के विरोधी हैं? इस बाबा ने कहा कि नहीं वहां की जनता इसकी विरोधी नहीं है,विरोध तो सत्ता मैं बठे राजनेता कर रहे हैं ,जिन्हें अपनी राजनितिक रोटियां जो सेकनी है.वाही विरोध कर रहे हैं|उन्हें डर है की तेलंगाना बन गया तो उनके राजनितिक क्षेत्र का दायरा छोटा हो जायेगा,वहीलोग विरोध कर रहे हैं. मैं भी छोटे राज्यों का पक्षधर हूँ.मैं विश्वास के साथ कह रहा हूँ कि तेलंगाना राज्य का गठन हो कर रहेगा|
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