Thursday, April 7, 2011


क्या है जन लोकपाल बिल ?

देश में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों से निपटने का

सबसे कारगर उपाय हो सकता

है जन लोकपाल/बिल

न्यायाधीश संतोष हेगड़े, प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल द्वारा बनाया गया यह विधेयक लोगों द्वारा वेबसाइट पर दी गई प्रतिक्रिया और जनता के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इस बिल को शांति भूषण, जे.एम. लिंग्दोह, किरन बेदी, अन्ना हजारे आदि का समर्थन प्राप्त है. इस बिल की प्रति प्रधानमंत्री एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक दिसम्बर को भेजा गया था.
1 इस कानून के अंतर्गत, केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त का गठन होगा

.2. यह संस्था निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट की तरह सरकार से स्वतंत्र होगी. कोई भी नेता या सरकारी अधिकारी जांच की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर पाएगा.

3. भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कई सालों तक मुकदमे लम्बित नहीं रहेंगे. किसी भी मुकदमे की जांच एक साल के भीतर पूरी होगी. ट्रायल अगले एक साल में पूरा होगा और भ्रष्ट नेता, अधिकारी या न्यायाधीश को दो साल के भीतर जेल भेजा जाएगा.
4. अपराध सिद्ध होने पर भ्रष्टाचारियों से सरकार को हुए घाटे को वसूल किया जाएगा.
5. यह आम नागरिक की कैसे मदद करेगा : यदि किसी नागरिक का काम तय समय सीमा में नहीं होता, तो लोकपाल जिम्मेदार अधिकारी पर जुर्माना लगाएगा और वह जुर्माना शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में मिलेगा.
6. अगर आपका राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट आदि तय समय सीमा के भीतर नहीं बनता है या पुलिस आपकी शिकायत दर्ज नहीं करती तो आप इसकी शिकायत लोकपाल से कर सकते हैं और उसे यह काम एक महीने के भीतर कराना होगा. आप किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत लोकपाल से कर सकते हैं जैसे सरकारी राशन की कालाबाजारी, सड़क बनाने में गुणवत्ता की अनदेखी, पंचायत निधि का दुरुपयोग. लोकपाल को इसकी जांच एक साल के भीतर पूरी करनी होगी. सुनवाई अगले एक साल में पूरी होगी और दोषी को दो साल के भीतर जेल भेजा जाएगा.
7. क्या सरकार भ्रष्ट और कमजोर लोगों को लोकपाल का सदस्य नहीं बनाना चाहेगी? ये मुमकिन नहीं है क्योंकि लोकपाल के सदस्यों का चयन न्यायाधीशों, नागरिकों और संवैधानिक संस्थानों द्वारा किया जाएगा कि नेताओं द्वारा. इनकी नियुक्ति पारदर्शी तरीके से और जनता की भागीदारी से होगी.
8. अगर लोकपाल में काम करने वाले अधिकारी भ्रष्ट पाए गए तो? लोकपाल/लोकायुक्तों का कामकाज पूरी तरह पारदर्शी होगा. लोकपाल के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत आने पर उसकी जांच अधिकतम दो महीने में पूरी कर उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा.
9. मौजूदा भ्रष्टाचार निरोधक संस्थानों का क्या होगा? सीवीसी, विजिलेंस विभाग, सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (अंटी कारप्शन डिपार्टमेंट) का लोकपाल में विलय कर दिया जाएगा. लोकपाल को किसी न्यायाधीश, नेता या अधिकारी के खिलाफ जांच करने मुकदमा चलाने के लिए पूर्ण शक्ति और व्यवस्था भी होगी.
आठ बार लोकसभा में पेश:
देश में लोकपाल की स्थापना संबंधी बिल की अवधारणा सबसे पहले 1966 में सामने आई. इसके बाद यह बिल लोकसभा में आठ बार पेश किया जा चुका है. लेकिन आज तक यह पारित नहीं हो पाया. पूर्व प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल के कार्यकाल में एक बार 1996 में और अटलबिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में दो बार 1998 और 2001 में इसे लोकसभा में लाया गया.

वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वादा किया था कि जल्द ही लोकपाल बिल संसद में पेश किया जाएगा. अब तक सरकार ने इसकी सुध नहीं ली. इस बिल के तहत प्रधानमंत्री को लाया जाए या नहीं इस पर लंबे समय से मशक्कत चल रही है. अब तक कोई नतीजा नहीं. जजों को भी लोकपाल/लोकायुक्त के अधिकार में लाया जाएगा.
अन्ना हजारे के प्रतिनिधि अग्निवेश और सिब्बल
के
बीच पहले दौर की बातचीत सकारात्मक

नई दिल्ली। देश में व्याप्त हद दरजे के भ्रष्टाचार के खिलाफ जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्री कपित सिबल के बीच पहले दौर की बातचीत के सकारात्मक रहन की खबर है। हजारे की तरफ से स्वामी अग्निवेश और आरटीआई कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने सिबल से बातचीत की। दूसरे दौर की बातचीत शाम तीन बजे शुरू होगी।लोकपाल विधेयक तैयार करने के लिए सामाजिक संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे गांधीवादी और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच गुरुवार की सुबह बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया है।अन्ना हजारे की तरफ से बातचीत में सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश और सूचना अधिकार कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने और सरकार की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने हिस्सा लिया।
बातचीत के बाद संवाददाताओं से सिब्बल ने कहा कि वह चाहते हैं कि अन्ना हजारे जल्द से जल्द अनशन खत्म करें, लेकिन उन्होंने बातचीत के बारे कोई विस्तृत जानकारी देने से इंकार किया। वहीं स्वामी अग्निवेश ने भी कहा कि बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वे अन्ना हजारे से चर्चा करने के बाद दोपहर 1.30 बजे एक बार फिर सिब्बल से मिलेंगे।


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