Sunday, June 26, 2011

तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस सांसद एक
जुलाई को अपनी रणनीति तैयार करेंगे

हैदराबाद। तेलंगाना समर्थकों द्वारा तेलंगाना के विचारक प्रोजयशंकर को श्रद्धांजलि देने वरंगल गये कांग्रेसी नेताआे पर हमलों को तेलंगाना की जनता की भावनाआे की अभिव्यक्ति करार देते हुए तेलंगाना कांग्रेस के सांसदों ने आज कहा कि वे एक जुलाई को एक अन्य बैठक के बाद अपनी भावी रणनीति तैयार करेंगे।
आज पेद्दापल्ली में अपने आवास पर सांसदों डॉमंदा जगन्नाथम, बलराम नायक, विवेक, नलगोंडा सांसद गुट्टा सुखेंदर रेड्डी के साथ एक बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पेद्दापल्ली सांसद डॉजीविवेक ने नेताआे से अपील की कि वे पृथक तेलंगाना राज्य की प्राप्ति के लिए मजबूती से संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के कुछ नेताफूट डालो और शासन करोकी नीति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलन कमजोर नहीं प़डेगा और यदि नेताआे ने तेलंगाना समर्थकों की आलोचना जारी रखी तो तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया में और देरी होगी। यह उल्लेख करते हुए कि वे प्रदेश के विभाजन के मुद्दे पर सीमांध्र के नेताआे को विश्वास में ले रहे हैं, गुट्टा ने कहा कि हमले करना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि सीमांध्र के पांच सांसदों को छ़ोडकर अन्य सभी सांसद पृथक तेलंगाना के गठन का विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय गया है कि तेलंगाना सीमांध्र की जनता अलगअलग रहे क्योंकि अब उनके लिये साथसाथ रहना असंभव है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के वक्तव्य की याद दिलाते हुए कहा कि पंडित नेहरू ने कहा था कि जब तेलंगाना सीमांध्र की जनता साथसाथ रहने की स्थिति में रहे, तो वह अलगअलग हो सकती है।
श्री रेड्डी ने कहा कि वरंगल में दलित कांग्रेसी नेताआे पर हमला किया जाना, आंदोलन को कमजोर करने के लिये सीमांध्र के नेताआे की साजिश थी। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि ये हमले किसी राजनीतिक षडयंत्र या भावना में बहकर किये गये थे। यह बताते हुए कि तेदेपा नेता, जो केंद्रीय गृह मंत्री पीचिदंबरम को तेलंगाना मुद्दे पर एक पत्र भी नहीं लिख सके, उन्हें पृथक तेलंगाना के लिये समयसीमा निर्धारित करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विजयव़ाडा सांसद लग़डपाटी राजगोपाल की खिंचाई करते हुए, उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना रद्दी की टोकरी में डाल देने के काबिल है। उन्होंने कहा कि राजगोपाल का राजनैतिक जीवन केवल सात साल पुराना है तथा उनके वक्तव्य को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

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