Wednesday, July 6, 2011



प्रोफ़ेसर कोदंड राम गिरफ्तार ,हालत बिगड़े
निज़ामाबाद
|तेलंगाना समन्वय समिति के सयोंजक प्रोफ़ेसर कोदंड राम को बुधवार को उस समय ग्रिफ्तार कर लिया गया जब वह हैदराबाद के उस्मानिय विश्व विधालय जा रहे थे|प्रोफ़ेसर कोदंड राम विश्व विद्यालय से क्षत्रों द्वारा निकली जाने वाली रैली मैं भाग लेनी जारहे थापुलिक के मुताबिक उन्हें धरा १४४ तोड़ने के आरोप मैं गिरिफ्तर किया गया है| प्रोफ़ेसर को शहर के आर.टी.सी चोराहे पर ग्रिफ्तार किया गया है| जिसके चलते एक बार उसमानिया विश्व विद्यालय की हालत फिर बिगड़ गई है|
उस्मानिया विश्वविद्यालय में लगातार दूसरे दिन बुधवार को पृथक तेलंगाना राज्य की मांग कर रहे विद्यार्थियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ।पुलिस ने शहर में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर रैली निकालने की कोशिश कर रहे विद्यार्थियों की भारी भीड़ को तितर-वितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। संकट उस समय पैदा हुआ, जब विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर रोक दिया।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को परिसर के अंदर वापस लौटने के लिए कहा, क्योंकि शहर में अपराध दंड संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। लेकिन विद्यार्थियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विद्यार्थियों द्वारा किए गए पथराव में कुछ मीडियाकर्मी घायल हो गए। विद्यार्थियों ने परिसर के अंदर से पुलिस पर पथराव जारी रखा।
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त .के. खान ने उन खबरों का खण्डन किया है, जिनमें कहा जा रहा है कि पुलिस ने विद्यार्थियों पर गोलीबारी की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस ने पथराव कर रहे विद्यार्थियों को तितर-बितर करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले दागे।विद्यार्थियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के नेताओं ने कहा कि वे विधानसभा के पास स्थित गन पार्क तक रैली निकालने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि निषेधाज्ञा के मद्देनजर रैली की अनुमति नहीं है।इसके पहले तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के संयोजक एम. कोदंदरम को बुधवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह उस्मानिया विश्वविद्यालय जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि कोदंदरम को निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में आरटीसी चौराहे पर हिरासत में ले लिया गया। कोदंदरम की गिरफ्तारी पर विद्यार्थियों और तेलंगाना समर्थक अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया।कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में मदद देने के लिए हैदराबाद में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 31 कम्पनियां तैनात की गई हैं। विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए तेलंगाना क्षेत्र में कुल 70 कम्पनियां भेजी गई हैं।उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर, विद्यार्थियों और पुलिस के बीच दिन भर चले संघर्ष से मंगलवार को दहल उठा। परिसर एक बार फिर तेलंगाना समर्थक आंदोलन का केंद्र बन गया है।
दूसरी ओर पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर (जेएसी) द्वारा आयोजित 48 घंटे के बंद के दूसरे दिन बुधवार को भी आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में जन जीवन ठप्प रहा।
हैदराबाद और तेलंगाना क्षेत्र के नौ जिलों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठप्प रही और आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की करीब 10 हजार बसें सड़कों पर नहीं उतरीं। दुकानें, बैंक, होटल, पेट्रोल पम्प और शैक्षणिक संस्थान लगातार दूसरे दिन बंद रहे।बंद के कारण परिवहन निगम ने हैदराबाद और सभी अन्य शहरों को जोड़ने वाली बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। बंद के पहले दिन मंगलवार को करीब नौ करोड़ रुपये का नुकसान झेलने वाले निगम की योजना बुधवार शाम से सेवा शुरू करने की है।
उधर, बंद के कारण सिंगरेनी कोलियरीज कम्पनी लिमिटेड में कोयले का उत्पादन प्रभावित हुआ है। कम्पनी के करीब एक लाख कर्मचारियों में अधिकतर तेलंगाना क्षेत्र के हैं और उन्होंने काम करने से इंकार कर दिया है। कम्पनी को बंद के दूसरे दिन करीब 20 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है।बंद के कारण सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ है। क्षेत्र के करीब तीन लाख कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया है।हैदराबाद में सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनियों का काम-काज हालांकि अप्रभावित रहा है। कम्पनियों ने अपने कर्मचारियों को कार्यालय तक लाने के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी है।

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