Sunday, August 14, 2011






नहीं रहे शम्मी कपूर
आप की न्यूज ब्यूरो
मुम्बई अपनी खासयाहूशैली के कारण बेहद लोकप्रिय रहे हिंदी फिल्मों के पहले सिंगिंग-डांसिग स्टार शम्मी कपूर का आज तड़के मुंबई में निधन हो गया।यह जानकारी बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट 'ट्विटर' के जरिये सबसे पहले दी है। उनहोने ने शोक जताते हुए कहा है कि शम्मी कपूर जी का आज तड़के देहांत हो गया है। बच्चन ने नके निधन पर दुख प्रकट करते हुये कहा कि अपनी तरह के डांस के अनोखे अंदाज से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाले वह एक बेमिसाल अभिनेता थे।

79 साल के शम्मी कपूर को बीते रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह गुर्दे संबंधी बीमारी से पीडित थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह शनिवार तक वेंटिलेटर पर थे। उन्होंने तड़के पांच बजकर 15 मिनट पर आखिरी सां
ली।
बॉलीवुड अभिनेत्री जया बच्चन शम्मी कपूर के देहांत की जानकारी मिलते ही अस्पताल गईं।

राजकपूर और शशि कपूर उनके दो और भाई थे , जिनमें राजकपूर ने बहुत पहले ही उनका साथ छोड़ दिया था और आज शम्मी कपूर ने भी बॉलीवुड को अलविदा कह दिया। शम्मी कपूर को बॉलीवुड में नये युग की शुरूआत के लिए जाना जाता है। फिल्म अभिनेता और नेता राजा मुराद के मुताबिक शम्मी कपूर 40 साल आगे की सोच रखते थे।

शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुआ। उनका असली नाम शमशेर राज कपूर था। वे मशहूर फिल्मी कलाकार पृथ्वीराज कपूर के बेटे थे। पृथ्वीराज कपूर के तीन बेटों में शम्मी के बड़े भाई राज कपूर थे और छोटे भाई शशि कपूर है। शम्मी कपूर ने 1955 में अभिनेत्री गीता बाली से शादी की थी। 1965 में गीता बाली के निधन के बाद शम्मी ने 1969 में नीला देवी गोहिल से विवाह किया। कपूर के दो बच्चे हैं। बेटे का नाम आदित्य राज और बेटी कंचन देसाई है।

शम्मी कपूर ने अभिनय की शुरुआत पृथ्वी थियेटर से की। 1953 में शम्मी की पहली फिल्म 'जीवन ज्योति' पर्दे पर आई। इसके बाद उन्होंने जंगली, प्रफेसर, चाइना टाउन, कश्मीर की कली, तीसरी मंजिल, ब्रह्मचारी और विधाता जैसी कई सुपरहिट फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता शम्मी कपूर पर फिल्माया गया गाना 'चाहे मुझे कोई जंगली कहे... याहू' बेहद लोकप्रिय हुआ। शम्मी कपूर को 1968 में 'ब्रह्मचारी' के लिए फिल्मफेयर का बेस्ट ऐक्टर अवॉर्ड मिला। 1982 में 'विधाता' के लिए फिल्मफेयर का बेस्ट सपोर्टिंग ऐक्टर का अवॉर्ड भी मिला। हर अच्छे अभिनेता की तरह उन्हें भी शुरू में रेल का डिब्बा, लैला मजनू, ठोकर, शमा, परवाना, हम सब चोर हैं जैसी कई असफल फि ल्मों के दौर से गुजरना पड़ा। कपूर को सफलता का स्वाद 1957 में मिला जब उनकी फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' को दर्शकों ने सराहा।
शम्मी कपूर के देहांत की खबर मिलते ही समूचा बॉलीवुड शोक की लहर में डूब गया है। फिल् इंडस्ट्री के कई

सितारे ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचने लगे हैं। शम्मी कपूर का इलाज कर रहे डॉक्टर भूपेंद्र गांधी के मुताबिक बॉलीवुड अभिनेता पिछले कई वर्षों से डा यलिसिस पर थे। शुक्रवार को उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। शम्मी कपूर का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।
शम्मी कपूर के बेटे आदित् राज कपूर ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए
कहा, 'वह तस्वीरों में हमेशा जिंदा हेंगे। मैंने अपना पिता खोया है और फिल् इंडस्ट्री ने प्रेरणास्रोत।'
शम्मी ने डांस को दी नई पहचान |

"याहू" से फिल्मी पर्दे पर डांस को नई पहचान देने वाले शम्मी कपूर हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेता थे। देश के पह ले इंटरनेट यूजर शम्मी मुंबई में फिल्म और थियेटर एक्टर पृथ्वीराज कपूर के घर जन्मे शमशेर राज कपूर उनके दूसरे बेटे थे। राज कपू नके बड़े और शशि कपूर छोटे भाई थे। मुंबई में पैदा होने के बावजूद शम्मी ने अपना ज्यादातर जीवन कोलकाता में बिताया।
उन्होंने मुंबई के न्यू एरा स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। मातुंगा के रूइया कॉलेज में पढ़ाई के बाद कपूर ने पिता का "पृथ्वी थियेटर" जॉइन कर लिया

हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेता शमशेर राज कपूर ने 1953 में फिल्म "जीवन ज्योति" से बॉलीवुड में एंट्री

की। इसके बाद नासिर हुसैन निर्देशित फिल्म "तुमसा नहीं देखा" से उन्होंने गंभीर भूमिकाओं का रूख किया।
1961 में आई फिल्म "जंगली" ने उनकी फिल्मी करियर को नया मोड़ दिया। इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा में उनकी एक नई छवि का निर्माण किया। मशहूर गायक मोहम्मद रफी को अपनी आवाज बनने के लिए चुना था। 1968 में उनको ब्रह्मचारी के लिए फिल्म फेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड से नवाजा गया।
शरीर के बढ़ते वजन ने शम्मी कपूर की सफलता में रोड़े का काम किया और एक रोमांटिकअभिनेता के रूप में उनके
भिनय की गाड़ी आगे नहीं बढ़ पाई। 1971 में आई फिल्म "अंदाज" बतौर लीड हीरो उनकी आखिरी फिल्म थी। इसके बाद मे उन्होंने चरित्र भूमिकाओं का रूख किया और जमीर, हीरो विधाता जैसी फिल्में की। फिल्मी पर्दे पर वे आखिरी बार 2006 मे आई फिल्म सेंडविच में रणबीर कपूर के साथ दिखाई दिए थे। इसके बाद वे इम्तियाई अली की आने वा

ली फिल्म में भी उन्होंने अभिनय किया है।
बॉलीवुड के गलियारों में शम्मी कपूर और गीता बाली का रोमांस ने खूब सुर्खियां बटोरी। 1955 में आई फिल्म रंगीन रातें में कपूर और गीता का आमना-सामना हुआ। कूपर से एक साल बड़ी गीता ने चार महीने बाद मुंबई के बाणगंगा मंदिर में शम्मी से शादी
कर ली। शादी के एक मात्र गवाह हरि वालिया ने उनके परिवारों को शादी की सूचना दी। गीता से शम्मी को एक बेटा आदित्य राज कपूर और बेटी कंचन हैं।
1965 में गीता की स्मॉल पॉक्स से मृत्यू हो गई। इसके बाद 1968 में शम्मी का "ब्रह्मचारी" की अभिनेत्री मुमताज के साथ कुछ दिनों तक रोमांस चला। 1969 में उन्होने नीला देवी गोहिल से दूसरी शादी की।
अवॉर्ड

1968 फिल्म फेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड ब्रह्मचारी

1982 फिल्म फेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अवॉर्ड विधाता
1995 फि ल्म फे यर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
1998 कलाकार अवॉर्ड भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए

2009 दादा साहब फाल्के अवॉर्ड
राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड
लीविंग लीजेंड अवॉर्ड पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल |

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