Friday, August 19, 2011

युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति
है :अन्ना हजारे
नई दिल्‍ली. रामलीला में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा, 'युवा शक्ति राष्ट्रशक्ति है। राख के ढेर से जापान खड़ा हो गया तो अपना देश भी खड़ा हो जाएगा। इस देश का युवक जग गया है। इस समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य दूर नहीं। जिन गद्दारों ने देश को लूटा है, उन्हें हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अपनी आज़ादी को हम हरगिज भुला सकते नहीं, सिर कटा सकते हैं मगर सिर झुका सकते नहीं।
अन्‍ना ने कहा कि कई सालों से युवकों को जगाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन आज पता नहीं भगवान ने कैसे मुझे आप सबके सामने खड़ा कर दिया है। कई देशों में क्रांति हुई है। अब भारत में नई क्रांति करनी है। सिर्फ क्रांति नहीं करनी है। आपने देखा कि कई जगहों पर रक्त क्रांति हुई है। वे क्रांतियां जनता को तकलीफ देते हुए की गई हैं। लेकिन आपने जो क्रांति की है, उसमें राष्ट्रीय संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। अहिंसा से कैसे क्रांति होती है, यह भारत के युवाओं ने दिखाया। हमारी क्रांति दुनिया के लिए मिसाल है। कमजोरी होने के नाते इस वक्त कम बोलूंगा। लेकिन मुझे आप से बहुत विस्तार से बात करनी है। जब तक लोकपाल बिल नहीं आएगा, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। भारत माता की जय... इंकलाब जिंदाबाद...।'
चार दिन से अनशन कर रहे, 74वर्षीय अन्‍ना हजारे ने कहा कि अभी कमजोरी के कारण ज्‍यादा नहीं बोल सकूंगा, लेकिन काफी बातें करनी हैं। रामलीला मैदान पहुंचने से पहले अन्‍ना राजघाट गए (आज पल-पल क्‍या हुआ, जानने के लिए रिलेटेड आर्टिकल पर क्लिक करें)। रामलीला मैदान में बारिश के बावजूद समर्थक डटे हुए हैं और मजबूत लोकपाल बिल पारित होने तक डटे रहने का ऐलान कर रहे हैं।
जनलोकपाल बिल की मांग पर अड़े अन्‍ना हजारे तीन दिनों के बाद आज तिहाड़ जेल से बाहर निकले। इस दौरान अनशन के बावजूद उनके तेवर में कमी नहीं दिखी। जेल के गेट पर मौजूद हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए अन्ना ने कहा, ‘क्रांति की शुरुआत हो गई है। अन्‍ना रहे न रहे क्रांति की मशाल जलती रहे। इस मशाल को बुझने न दें। आजादी के 64 साल बाद भी हमें असली आजादी नहीं मिल पाई है। यह आजादी की दूसरी लड़ाई है। यह अत्‍याचार मुक्‍त भारत का आंदोलन है।’ उन्‍होंने भ्रष्‍टाचार के खिलाफ आंदोलन को पुरजोर समर्थन देने के लिए जनता का शुक्रिया अदा किया।
अन्‍ना तिहाड़ से तिरंगे से सजे खुले ट्रक पर सवार होकर मायापुरी की ओर रवाना हुए। उनके साथ दो किलोमीटर तक लोगों का हुजूम भी चल रहा था। अन्‍ना के साथ ट्रक पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया सहित कई सहयोगी भी थे। भारी बारिश के बावजूद लोगों का हौसला नहीं टूटा और अन्‍ना के साथ जुड़ने वाले लोगों की संख्‍या बढ़ती ही गई। मायापुरी के बाद अन्‍ना कार में सवार होकर राजघाट पहुंचे। वहां से वह रामलीला मैदान पहुंचे।
इस बीच, अन्‍ना के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन जारी है। आज मुंबई में डिब्‍बावालों की हड़ताल है। वहीं राजस्‍थान के उदयपुर में चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने बंद का ऐलान किया है। मुंबई में भारत मर्चेंट चैम्‍बर भुलेश्‍वर से आजाद मैदान तक रैली आयोजित कर रहा है। कोलकाता में सिटी सेंटर पर अन्‍ना के आंदोलन के समर्थन में एक सभा हो रही है। टीम अन्‍ना ने समर्थकों से आज शाम से रामलीला मैदान जुटने की अपील की है।
कायस्थ इण्डिया से आभार सहित

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