Monday, October 17, 2011

बांसवाडा उप चुनाव में कांग्रेस को भरी शिकस्त
तेरास के पोचाराम भरी मतों से जीते
निज़ामाबाद |अलग तेलंगाना की मांग को लेकर चन्द्र बाबू की साईकिल की सवारी छोड़ कर तेरास की कर में सवार होने वाले जिले के बांसवाडा विधान सभा सीट पर 13 अक्तूबर को हुए उप चुनाव में कांग्रेस को भारी शिकस्त देते हुए पोचाराम श्रीनिवास 49 , 889 मतों से कांग्रेस के के .श्रीनिवास रेड्डी क मत दे दी |पोचाराम को ८३,२४५ मत मिले जबकि कांग्रेस के रेड्डी को मात्र ३७,३५६ मतों से ही संतोष करना पड़ा|पता हो कि तेलंगाना की मांग को लेकर पोचाराम ने इसी साल २५ मार्च को तेलगु देशम पार्टी इस्तीफा देकर तेलंगाना राष्ट्र समिति में शामिल हो गए थे |जिसके चलते उपचुनाव करना पड़ा है|पोचाराम की जीत के बाद अब आंध्र प्रदेश विधान सभा में कूल २९४ सदस्यों में तेरास के १२ विधायक हो गए हैं| पता हो कि हाल ही में अलग राज्य की मांग को लेकर तेरास के सभी ११ विधायकों ने विधान सभा अध्यक्ष नन्दला मनोहर को अपना इस्तीफा सौंप दिया था |
कांग्रेस को निज़ामाबाद में लगातार तीसरी बार हार का मुंह देखना पड़ा है |पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.श्रीनिवास २००९ के आम चुनाव में निज़ामाबाद शहर सीट से भजपा के वाई लक्षमींनारायण से पराजित हुवे थे,उसके बाद तेलंगाना आन्दोलन के चलते लक्ष्मी नारायण ने इस्तीफा दे दिया था,जिसके कारण फिर उप चुनाव करना पड़ा था|जिसमे भाजपा के लक्ष्मी नारायण को पुनः भारी मतों से जीत हाशिल हुई थी|

उल्लेखनीय है कि उस समय पूरे प्रदेश कि निगाहें निज़ामाबाद शहर पर लगीं हैं जहाँ से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी .श्रीनिवास का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी वाई .लक्ष्मी नारायण से था .जिन्होंने 2009 के चुनाव मे श्री श्रीनिवास कों पराजित किया था.यहाँ यह बताना उचित होगा कि डी.श्रीनिवास कि कांग्रेस पार्टी में काफी अच्छी पकड़ है.जिन्हों ने 2004 एवम 2009 में प्रदेश में कांग्रेस कि सरकार बनवाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की |.यह अलग कि बात है कि उनके गृह जिले निज़ामाबाद कि 9 विधान सभा कि आठ सीटों पर कांग्रेस कों मुहं कि खानी पड़ी थी सन 2009 के चुनाव में.एक मात्र बोधन कि सीट पर कांग्रेस के पी.सुदर्शन रेड्डी कों विजय हासिल हुई थी .जिन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वाई एस. राज शेखर रेड्डी ने स्वास्थ शिक्षा मंत्री का ओहदा दिया था.डी. श्रीनिवास कों बी.जे.पी.के वाई.लक्ष्मी नारायण ने ही हराया था.जिन्हों ने पृथक तेलंगाना राज्य कि मांग पर हुए आन्दोलन के दोरान विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था.इस बार भी दोनों आमने सामने हैं.उल्लेखनीय हेक इस बार भी तेदपा ने अपना कमजोर प्रत्याशी मैदान में उतरा है.सन 2009 के चुनाव में तेदेपा ने तेरास के समर्थन में अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा किया था.लेकिन इस बार पहले तेदेपा ने अपने कर्मठ कार्यकर्त्ता अलीम के नाम कि घोषणा कि थी ,लेकिन अंतिम समय में उन्हें हटा कर पार्टी है कमान ने एम.एल.सी.नरसा रेड्डी के नाम कि घोषणा कर सभी कों आश्चर्य में डाल दिया दिया था|


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