Sunday, October 23, 2011


14 नवम्बर को साकार हो सकता है पृथक राज्य तेलंगाना का सपना
प्रदीप श्रीवास्तव
निज़ामाबाद (आन्ध्र प्रदेश), एक लम्बे समय से चली रही अलग राज्य तेलंगाना की मांग आगामी चौदह नवम्बर को साकार हो सकती है |राजनितिक गलियारों से जो सुचनाये निकल कर बाहर रही हैं ,उससे तो यही संकेत मिल रहे है कि केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार अगले माह की चौदह तारीख को अलग तेलंगाना राज्य के गठन पर मुहर लगा सकती है |इस बात की पुष्टि आज निज़ामाबाद में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम प्रकाशित किये जाने की शर्त पर कहा कि "आप देखियेगा चौदह नवम्बर को कांग्रेस पृथक राज्य की घोषणा कर देगी" |जब उनसे इन पंक्तियों के लेखक ने यह पूछा कि आप यह बात किस आधार पर कह सकते हैं कि चौदह नवम्बर को ही इसकी घोषणा की जाएगी ? इस प्रश्न पर उनका कहना था कि "इस दिन का अपना महत्व है,पहली बात इस दिन हम देश के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिन को "बाल दिवस "के रूप में मानते हैं ,दूसरी बात 26 जुलाई 1963 को जब तत्कालीन प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू पोचमपाड़ में गोदावरी नदी पर बनाने वाले सबसे बड़ी "श्रीराम सागर परियोजना" की आधार शिला रखने निज़ामाबाद आये थे ,तब उनहोने शहर के खलीलवाडी मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि तेलंगाना का आन्ध्र के साथ नहीं निभता है तो वह उससे जब चाहे तलाक ले सकता है | इसी बात को लेकर कांग्रेस अब तेलंगाना में अपनी खोती जनाधार को पुनः प्राप्त करना चाहती है,इसी लिए इस आन्दोलन को वह अपने पक्ष में करने के लिए इस दिन को चुन रही है |
कयोंकि हाल के बांसवाडा उपचुनाव में कांग्रेस ने अपने हालात अवलोकन कर ही लिया है |
कुलमिलाकर इतना तो कहा ही जा सकता हे कि कांग्रेस का तेलंगाना से काफी लगाव रहा है |सन 2004 के चुनाव में कांग्रेस के पुनर्वापसी तेलंगाना के शसक्त कांग्रेसी नेता डी श्रीनिवास के चलते ही हुई थी ,बाद में 2009 के चुनाव का भी श्री उन्ही को जाता है |आपातकाल के बाद श्रीमती इंदिरा गाँधी इसी तेलंगाना के मेदक जिले से ही जीत कर संसद पहुंची थी,ठीक है बाद में उनहोने यहाँ से इस्तीफा दे दिया था |सन 2004 एवम सन 2009 के चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी जी ने तेलंगाना के ही अधिकतर क्षेत्रों में चुनावी दौरा किया था |उनके बाद कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी ने भी तेलंगाना का कई बार दौरा किया है |इस बात से लगता है कि कांग्रेस अलग राज्य तेलंगाना का श्रेय किसी और को नहीं देना चाहती है|
हाल ही में अपनी जनचेतना यात्रा के दौरान भाजपा नेता लाल कृष्ण अडवाणी ने भी निज़ामाबाद की एक प्रेस कांफ्रेंस में भी संकेत दिया था कि सन 2012 की सुबह तेलंगाना वालों के लिए एक नई सुबह होगी |वहीँ तेलंगाना विरोधी आन्ध्र के सांसद लगड़पाटी राजगोपाल ने भी हाल ही में अपने एक बयान में कहा था कि तेलंगाना मामले का हाल निकल चुका है जो सोनिया जी के पास है ,बस समय का इंतजार कीजिये ? इन सभी बयानूं व् निष्कर्षों से इस बात के संकेत तो मिल ही रहे हैं की तेलंगाना के बारे में निर्णय इसी वर्ष के अंत तक हो जायेगा,अगर अब नही हुआ तो अगले पचास सालों में नही हो पाएगा |

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