Wednesday, October 19, 2011


बुधवार को आन्ध्र प्रदेश के निज़ामाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए श्री लाल कृष्ण अडवाणी |

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सन २०१२ की सुबह तेलंगनावासियों

की एक नई सुबह होगी :आडवाणी
प्रदीप श्रीवास्तव

निज़ामाबाद |जनचेतना की यात्रा पर निकले भारतीय जनता पार्टी के वरिस्थ नेता एवम पूर्व प्रधान मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि "में आशा करता हूँ कि सन २०१२ की पहली जनवरी तेलंगानावासियों के लिए उनके सपने को हकीकत में बदलने वाली होगी |"इसके साथ उन्हों ने यह भी कहा कि यह तभी संभव है जब प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह एवम कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी सख्ती से निर्णय लेते हुए संसद के शीतकालीन सत्र में तेलंगाना सम्बन्धी आवश्यक विधेयक पेश करे |

श्री अडवाणी कल शाम ही अपनी यात्रा के दौरान निज़ामाबाद पहुंचे थे |बुधवार की सुबह वह पत्रकारों के साथ बात करते हुए श्री अडवाणी ने यूपीए सर्कार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने वायदों से पीछे हटती जा रही है ,साथ ही क्षेत्र को समस्यों में धकेल रही है |उनका कहना था कि तेलंगाना राज्य के निर्माण के लिए राज्य विधान सभा में किसी प्रस्ताव की जरुरत नहीं है ,संसद चाहे तो शीतकालीन सत्र में ही पृथक तेलंगाना राज्य का निर्माण कर सकती है |उन्हों ने कहा कि में सुन रहा हूं कि इसके लिय पहले विधान सभा में प्रस्ताव रखने की जरुरत है ,में आप लगों के माध्यम से इस बात को साफ करना चाहता हूं भारतीय सविंधान ऐसा कोई प्रावधान नही है |श्री अडवाणी ने यह भी कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद भी गत दो सालों से इस मुद्दे पर अनिर्णय की स्थिति में है|यही कारण है की उनकी इस अनिर्णय की स्थिति से यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित है |श्री अडवाणी ने यह भी कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार के तत्कालीन गृहमंत्री ने पृथक राज्य की घोषणा भी कर दी थी ,लेकिन पंद्रह दिनों के बाद ही अपने वयादिओं से पीछे भी हट गयी|यही कारण है कि आन्ध्र के इस हिस्से की स्थिति ऐसी है ,जिस तरह का गत साठ साल में देखने को नहीं मिला है| एक प्रसन के उत्तर में अडवाणी ने कहा कि कितने दुःख की बात है कि सरकार की ओर से निर्णय न लिए जाने के कारण युवक आत्म हत्या कर रहे हैं |

उनहोने आगे कहा कि झारखण्ड ,उत्तराखंड एवम छत्तीसगढ़ के गठन के समय तो दो अविभाजित राज्यों के मुख्य मंत्रियों ने सार्वजनिक स्तर उनका विरोध किया था | उनहोने आगे कहा कि तब हम ने निर्णय लिया कि केंद्र की राजग सरकार इन राज्यों का निर्माण करेगी |क्यों कि अनुछेद तीन के तहत पृथक राज्यों का निर्माण केंद्र सरकार संसद की जिम्मेदारी है | इस लिए में कहता हूं कि अलग राज्य के निर्माण के लिए विधान सभा में कोई प्रस्ताव पास करना जरुरी नहीं है | सरकार अपनी इच्छा शक्ति से संसद में मुख्य विपक्षी दलों विशेष कर भारतीय जनता पार्टी की मदद से शीतकालीन सत्र में पृथक तेलंगाना राज्य के निर्माण का विधेयक पारित करवा सकती है |

इस प्रश्न पर कि "बीजेपी गैर तेलंगाना क्षेत्रों की जनता की भावनाओं की अनदेखी क्यों कर रही है ,इस पर अडवाणी का कहना था कि वे सयुंक्त आन्ध्र प्रदेश के पक्षधर लोगों की भावनाओं का भी सम्मान करते है |लेकी भारतीय जनता पार्टी प्रशासनिक सुविधा दृष्टि से छोटे राज्यों की समर्थक है |उनहोने यह भी कहा कि जहाँ तक मेरे दल का सवाल है तो हम मानते हैं कि पृथक तेलंगाना राज्य की मांग उचित है |लेकिन उनहोने जोर देते हुए यह भी कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच बैर नहीं होना चाहिए |में गृहमंत्री था तब मुझे तीनो राज्यों के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ करनी पड़ी थी ,तब तीनो राज्यों का निर्माण बीना किसी शोर-शराबे के ही हो गया था |

श्री अडवाणी ने कल लखनऊ में अरविन्द केजरीवाल पर चप्पल फेंकने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोक तंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है | जब श्री अडवाणी से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछा गया तो उनहोने कहा कि यह यात्रा अडवाणी या भाजपा से जुडी नहीं है यह देश की स्थिति को लेकर है |इस लिए में कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता |


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