Sunday, October 16, 2011

पुलिस जुल्म के खिलाफ आज तेलंगाना बंद
एक लाख से अधिक सरकारी अध्यापक माह भर से हड़ताल पर
निज़ामाबाद |आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में पृथक राज्य के लिए आंदोलन चला रही तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने सोमवार को पूर्ण बंद का ऎलान किया है। रविवार को अपने तीन दिवसीय रेल रोको अभियान में कटौती करते हुए कथित "पुलिस जुल्म" के खिलाफ सोमवार को क्षेत्र में बंद के आयोजन का ऎलान किया गया। कुछ सरकारी बसें स़डकों पर फिर से दौ़डने लगीं। मंगलवार को स्कूल-कॉलेज भी फिर से खुल जाएंगे। समूचे तेलंगाना क्षेत्र में रेल सेवाएं दूसरे दिन भी बाधित रहीं। जेएसी ने रेल रोको अभियान में कटौती करने का निर्णय लिया है।जेएसी संचालन समिति की बैठक के बाद इसके नेता एम. कोडंडरम ने रविवार रात संवाददताओं से कहा कि सोमवार को रेल रोको अभियान नहीं चलाया जाएगा, लेकिन उन्होंने लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की। "रेल रोको" अभियान के पहले दिन जहां ब़डी संख्या में गिरफ्तारी हुई, वहीं दूसरे दिन हैदराबाद सहित क्षेत्र के 10 जिलों में केवल छिटफुट प्रदर्शन हुए।

पुलिस ने रेल पटरियों पर धरना दे रहे लगभग 200 लोगों को वारंगल, नलगोंडा और खम्मम जिलों में गिरफ्तार किया। लगभग 126 से ज्यादा रेलगाç़डयां दूसरे दिन भी रद्द रहीं। अधिकारियों ने लगभग 15 रेलगाड़ियाँ तय समय पर चलाईं और पूर्व में रद्द घोषित कुछ रेलगाड़ियों की सेवा बहाल की। आशा की जा रही है कि अधिकारी सोमवार को रेल सेवाएं बहाल कर सकते हैं। आंदोलन चला रही तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने रेल रोको अभियान के दौरान "पुलिस जुल्म" के विरोध में इस दिन बंद का ऎलान किया है।
जेएसी के संयोजक कोडंडरम ने कहा, "सोमवार को हम रेल रोको अभियान के बजाय पूर्ण बंद का आयोजन करेंगे।" बंद के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है, क्योंकि रविवार को करीब एक महीने बाद स़डकों को लौटी बसों के पहिये फिर थम जाएंगे। इससे पहले पुलिस ने शनिवार को क़डे कदम उठाते हुए रेल रोको अभियान में भाग ले रहे 10 सांसदों और कई विधायकों सहित 3,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। तेलंगाना टीचर्स ज्वाइंट एक्शन केमटी ने कहा कि शिक्षक मंगलवार से कक्षाएं शुरू करेंगे। मगर सोमवार को यह बंद रहेगा। शिक्षक पंजी पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे और अलग राज्य के गठन में हो रही देरी के विरोधस्वरूप वेतन नहीं लेंगे।ज्ञात हो कि "जन ह़डताल" के तहत 120,000 से अधिक शिक्षक एक महीने से ह़डताल पर हैं।




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