Tuesday, November 29, 2011

पुलिस सब इन्स्पेक्टर ने की आत्म हत्या
मुधोल (आदिलाबाद) | मुधोल पुलिस स्टेशन में आठ दिन पहले ही तैनात सब इंस्पेक्टर एम्.डी.ताजुद्दीन ने बीती रात थाना परिसर में स्थित अपने सरकारी आवास में अपनी सरकारी पिस्तोल से गोली मार कर आतम हत्या कर ली| खबर लिखे जाने तक आत्म हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया था | बताया जाता है कि आज सुबह जब थानेमें तैनात एक पुलिस ने उनसे मोबाईल पर सम्पर्क करना चाहा तो मोबाईल के काफी देर तक न उठने के कारणजब वह उनके आवास पर गया| लेकिन अन्दर से दरवाजा बंद होने के कारण उसने दरवाजे को काफी देर तक पीटता रहा |तब भी दरवाजा नही खुला तो उसने इसकी सूचना थाने के लोगों को दी |जिस पर वहां तैनात पुलिस वालों ने दरवाजा तोडा तो देखा की ताजोद्दीन खुनसे लथपथ पड़ा हुआ है,जिसके पास में ही उसकी सरकारी पिस्तोल भी पड़ी थी|घटना की जानकारी मिलते ही भैंसा के उप पुलिस अधीक्षक प्रताप रेड्डी अपने दलबल के साथ घट्न स्थल पर पहुँच गए है|इस बीच आदिलाबाद के पुलिस अधीक्षक सर्वेश्वर त्रिपाठी भी घट्न स्थल के लिए निकल चुके हैं |
पता हो कि इसी माह की तेईस तारीख को एम्.दी. ताजोद्दीन ने मुधोल थाने में तैनात हुआ था | बताया जा रहा है कि
ताजोद्दीन का निकाह इसी माह 19 तारीख को कडेम मंडल के मामदा गावं की रहने वाली एक युवती के साथ हुआ था|निकाह के तुरंत बाद उसकी तैनाती मुधोल हो गई |मृतक ताजोद्दीन के पिता सिंगरेनी कोयला खान में सरकारी मुलाजिम है |प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस ने उसके सरकारी मकान को अपने कब्जे में ले लिया है | समाचार लिखे जाने तक विवेचना जारी थी |

Tuesday, November 8, 2011

हरिद्वार में भगदड़ मचने से 16 लोगों की मौत

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में भगदड़ मचने से 16 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हरिद्वार के एसडीएम ने हादसे में 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। हालांकि शांतिकुंज आश्रम ने 5 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। इस भगदड़ में कई लोगों के घायल होने की खबर है और यह संख्या काफी बढ़ भी सकती है।आपको बता दें कि इस कुंभ में शामिल होने के लिए देश के लगभग हर कोने से लोग आये हैं।
इस महाकुंभ में करीब पांच लाख लोगों के उपस्थित होने की खबर है। मिली जानकारी के मुताबिक हरिद्वार के गायत्री संस्था के संस्थापक श्रीराम शर्मा के शांतिकुंज में यह कुंभ वाला समारोह चल रहा है। गायत्री संस्था के संस्थापक श्रीराम शर्मा के जन्मशती पर यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। भगदड़ के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
इतने बड़े आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया था, ना तो आम और ना ही खास किसी के लिये विशेष व्यवस्था नहीं की गयी थी। फिलहाल घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। और पुलिस प्रशासन वहां के रोकथाम में लग गया है। वैसे आपको बता दें कि मुख्यमंत्री खंडूरी भी इस प्रोग्राम में आज शामिल होने वाले थे।


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पर्यटन विकास को पांच करोड़ देने की घोषणा

फैजाबाद, केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय ने अयोध्या-फैजाबाद में पर्यटन के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इससे अयोध्या में सरयू नदी पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रामकथा पर आधारित लेजर शो के अलावा प्रसिद्ध भरतकुंड व सूर्यकुंड का सुंदरीकरण कराया जाएगा।सेवा समिति द्वारा रविवार को यहां आयोजित आचार्य नरेंद्रदेव जन्मदिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री श्री सहाय ने किसी दल विशेष का नाम लिए बगैर कहा कि समाजवाद के नाम पर राजनीति करने वाले समाजवाद की मूल भावना और विचारों से भटक चुके हैं। समाजवादी आंदोलन के नारों को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व सोनिया गांधी के नेतृत्व में साकार किया और मनरेगा, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार जैसी योजनाएं चलाकर समाजवाद की अवधारणा को सार्थक किया है। श्री सहाय ने अयोध्या-फैजाबाद को विचार, संस्कृति व धर्म का संगम करार देते हुए उत्तर कोरिया समेत विदेशों में भी अयोध्या के महत्व की चर्चा की। समारोह में हाईस्कूल के यूपी बोर्ड टॉपर आकाश यादव समेत विभिन्न प्रतिभाशाली बच्चों को आचार्य नरेंद्रदेव सम्मान प्रदान किया। सांसद डॉ.निर्मल खत्री ने इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नारायण दास खत्री स्मृति अध्ययन केंद्र में भी उन्होंने कुछ समय बिताया।


Saturday, November 5, 2011

दुबई-आबुधाबी के बीच सुपर बस सेवा
खाड़ी देशों में रहने वालों या फिर वहाँ जाने वालों के लिये खुशी
क़ी बात है कि वे अब वहाँ दुनिया क़ी तेज रफ़्तार से दौड़ने वाली
बस में सफ़र कर सकेंगें |यह बस दुबई से आबुधाबी हाल ही में
दुबई में पहली "सुपर बस ",जिसे अमेरिकी विमान के. एल.एम
से ले जाया गया | अब वहाँ के लोग इस बस से यात्रा आसानी
से कर सकेंगे,जिसकी गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा है |
यह बस वातानुकूलित होने के साथ हर आधुनिक सुविधाओं
से परिपूर्ण है |


भूपेन हजारिका नहीं रहे

मुंबई। मशहूर गायक भूपेन हजारिका का शनिवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया। 85 वर्षीय हजारिका कई दिनों से गंभीर बीमार थे। दादा साहब फालके पुरस्कार से सम्मानित हजारिका का इलाज 29 जून से चल रहा था और वह तभी से अस्पताल में भर्ती थे। भूपेन हज़ारिका गायक और संगीतकार होने के साथ ही एक कवि, फि़ल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे थे।
उन्हे दक्षिण एशिया के सबसे नामचीन सांस्कृतिक संचारकों में से एक माना जाता था। अपनी मूल भाषा आसामी के अलावा भूपेन हज़ारिका हिंदी, बंगाली समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे। उनहोने फि़ल्म "गांधी टू हिटलर" में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन "वैश्नव जन" गाया था। भूपेन हज़ारिका को पदम् भूषण सम्मान से भी नवाज़ा जा चुका है।

संक्षिप्त जीवन परिचय

जाने माने गायक और संगीतकार भूपेन हजारिका का जन्म आठ सितंबर 1926 में भारत के पूर्वोत्तर असम राज्य के सादिया में हुआ था। बचपन में ही उन्होंने अपना पहला गीत लिखा और उसे गाया भी, तब उनकी उम्र महज दस साल थी। असमिया फिल्मों से उनका नाता बचपन में ही जु़ड गया था। उन्होंने असमिया भाषा में निर्मित दूसरी फिल्म इंद्रमालती के लिए 1939 में काम किया। भूपेन हजारिका एक बहुमुखी प्रतिभा संपन्न कलाकार थे। भूपेन दा को दक्षिण एशिया के श्रेष्ठतम जीवित सांस्कृतिक दूतों में से एक माना जाता था। उन्होंने कविता लेखन, पत्रकारिता, गायकी, फिल्म निर्माण आदि अनेक क्षेत्रों में काम किया है। भूपेन ने हिन्दी सिनेमा में कई फिल्मों में गीत गाए। आज भूपेन हजारिका के गाए कई प्रसिद्ध गीत है।
दिल हूम-हूम करे..., गंगा... और बिहू के गीतों में भूपेन हजारिका ने अपनी चिरजीवी आवाज दी है। भूपेन हजारिका को सन 2001 में भारत सरकार ने कला क्षेत्र में पk भूषण से सम्मानित किया था। उन्हें 1992 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा गया था। इसके अलावा उन्हें "नेशनल अवॉर्ड एज द बेस्ट रीजनल फिल्म" 1975, असोम रत्न 2009 और संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड 2009 जैसे कई प्रतिष्ठि पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। भूपेन ने फिल्म "गांधी टू हिटलर" में महात्मा गांधी के प्रसिद्ध भजन "वैष्णव जन" को अपनी आवाज दी थी।
भूपेन 1942 में गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज से इंटरमीडिएट किया और फिर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। वहां से उन्होंने 1946 में राजनीति विज्ञान में एमए किया। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।
1993 में असोम साहित्य सभा के अध्यक्ष भी रहे। भूपेन की गायकी से जुडा एक मजेदार वाक्या है। एक बार उन्हें कॉलेज में आए नए विद्यार्थियों के लिए रखे गए स्वागत समारोह में एक भाषण पढ़ना था। भूपेन के पिता ने उन्हें वो भाषण लिख कर भी दिया था। लेकिन स्टेज पर आते ही भूपेन वह भाषण भूल गए और वहां उन्होंने एक गाना सुनाया। उपस्थित सभी लोगों को भूपेन ने अपने गाने से मंत्रमुग्ध कर दिया और इसके बाद वो अपने कॉलेज में लोकप्रिय हो गए। इसके बाद भूपेन ने संगीत से जु़डी कई पुस्तकों का अध्ययन किया। और धीरे-धीरे संगीत के क्षेत्र में खुद को स्थापित किया।
हजारिका के संगीत में लोकरंग व संस्कृति खनकती थी। उनके गीत व संगीत मानो नदी, वन, पहाडों से उपजे हो। हजारिका ने न केवल असम व बंगाल के लोक संगीत को फिल्मों में इस्तेमाल किया बल्कि राजस्थान, गुजरात, एमपी सहित कई राज्यों की लोकधुनों को भी अपनाया। हजारिका के दिल में असम के वनवासियों के लिए काम करने की सदैव उत्कट इच्छा रहती थी। भूपेन हजारिका का शनिवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया। 86 वर्षीय हजारिका कई दिनों से गंभीर बीमार थे। पिछले कुछ महीनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और निमोनिया होने के बाद 23 अक्टूबर को उनकी हालत और बिगड गई। उनकी एक मामूली सर्जनी करनी पडी जिसमें डॉक्टरों ने उनके शरीर में एक खाद्य नलिका डाली। हजारिका का 29 जून से अस्पताल में उपचार चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से उनकी दोनों किडनी ठीक से काम नहीं कर पा रही थी। उन्होंने आठ अक्टूबर को अस्पताल के आईसीयू में ही अपना जन्मदिन मनाया था।

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