Sunday, December 25, 2011

मुदखेड में विस्फोट ,
बालक क़ी मौत,पॉँच गंभीर

अर्जुन राठोड
नांदेड | जिला मुख्यालय से लगभग तीस किलो मीटर दूर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रशिक्षण केंद्र के निकट रविवार क़ी दोपहर हुए एक विस्फोट में एक बच्चे क़ी मौत हो गई , जबकि दो जवानो सहित पॉँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए |घायल जवान उड़ीसा के रहने वाले बताये जाते हैं | मिली खबरों के मुताबिक रोज क़ी तरह चोरी-छिपे दो महिलाएं एवम कुछ बच्चे सी. आर. पी. एफ. प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र में (जहाँ पर आम आदमी का प्रवेश प्रतिबंधित है) लकड़ी एवम कचरा बीनने गए थे ,इसी बीच वहाँ पर एक महिला को घासों के बीच एक गोल आकार का एक चीज दिखाई दिया ,जिसे देखा कर वह चिल्लाई ,उसकी आवाज सुन कर वहा पर खड़े दो प्रशिक्षु जवानो ने जब उसके हाथ में गोले को देखा तो उनहोने कहा क़ी यह तो हथगोला है|यह सुनते ही उस महिला ने न इधर देखा न उधर ,और उसे फेंक दिया जिधर बच्चे खेल रहे थे ,उन्ही के पास वे दो जवान भी अपने सेल फोन पर किसी से बात कर रहे थे| पास में ही गोला के गिराते ही एक भयंकर विस्फोट हुआ ,जिसमे एक बच्चे क़ी मौत हो गई |इस हादसे में तीन बच्चे व दो जवान भी घायल होगये हैं ,जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है | बताया जा रहा है की हादसे के मारे डर के दोनों महिलाये घटना स्थल से फरार हो गई हैं| सूत्रों के मुताबिक शनिवार को प्रशिक्षण के बाद रविवार को अवकाश होने के कारण जवानों ने उस हाथ गोले को को वहीँ जमीन में दबा दिया था | रोज क़ी तरह आज भी कचरा व लकड़ी बीनने वाले वहाँ गए तो यह हादसा हो गया | अब प्रशन यह उठ रहा है कि आम लोगों के लिये प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद आस-पास के लोग उस जगह कैसे प्रवेश कर रहे हैं ?,दूसरी बात प्रशिक्षण के बाद उस हाथ गोले को स्टोर में क्यों नहीं जमा करवाया गया ,वहीँ पर जमीन के नीचे क्यों दबा दिया गया ? सबसे अहम् बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद स्टोर में जब हथगोले को जमा नहीं किया गया तो इसकी जानकारी स्टोर इंचार्ज ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी | खबर लिखे जाने तक सी आर पी एफ के वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर पहुँच कर कर जाँच में जुट गए थे |

Saturday, December 24, 2011

पूर्व मंगेतर ने जारी किया
सनी लियोन का पोर्न वीडियो


मुंबई: बिग बॉस में आने के बाद जिस तरह से पोर्न स्टार सनी लियोन को फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं उससे लगता है कि जल्द ही ये बॉलीवुड की हॉट बेब्स में सुमार हो जाएगी। इसका किसी को अंदाजा नहीं था। अब वो जैसे ही अपनी छवि सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रही थी कि उनके पूर्व मंगेतर ने अपने संग बनाई गई एक पोर्न वीडियो इंटरनेट पर जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि 2007 में सनी लियोन और मैट इरिकसन की इंगेजमेंट हुई थी और इससे पहले लियोन सिर्फ समलैंगिक पॉर्न वीडियो बनाया करती थी। दोनों ने फिर मिलकर पॉर्न विडियो बनाए, लेकिन 2008 में लियोन अपने मंगेतर से अलग हो गई। संयोग से दोनों का पहला पॉर्न वीडियो सुपर हिट रहा था।
इसके बाद लियोन ने अपनी पॉर्न निर्माण कंपनी खोली तथा कई अन्य वेब पोर्टल से करार किया। वो ऐसी पहली पॉर्न स्टार थी जिससे एक स्मार्ट फोन कंपनी ने करार किया था। सनी लियोन के साथजिस्म-2′ बनाने की घोषणा करने वाले महेश भट्ट ने बॉलीवुड में एक तरह से लियोन के लिए दरवाजा खोल दिया। जिससे वो भारत में भी अपनी संभावनाएं तलाश रही है, लेकिन लियोन का मंगेतर इस पॉर्न वीडियो से इंटरनेट पर खूब पैसा बना रहा है और एक तरह से लियोन के लिए यह झटका है।

Wednesday, December 21, 2011

मैं रेस्ट कर रही थीः वीना मलिक

करीब दो दिनों लापता रहने के बाद मुंबई के ही एक होटल में बीमार हालत में मिली पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक ने अपने गायब होने की दास्तान सुनाई उनका कहना है कि वो काफी तनाव में थी और शूटिंग के बाद वो सीधे होटल में जाकर सो गईं थीं। वीना ने कहा कि हम सेलीब्रिटीज भी इंसान होते हैं और हमें भी बहुत ज्यादा तनाव होता है। होटल में सोने से पहले मैंने अपने मैनेजर को कॉल किया था लेकिन उनसे मेरी बात नहीं हो सकी। मेरी अश्मित से बात हो गई थी। मैंने कुछ हाई एंटी बॉयेटिक्स ले लिए थे जिसकी वजह से मैं गहरी नींद में चली गई थी।सोने से पहले मैंने अपनी अम्मी को फोन किया था और बताया था कि मैं सही हूं। लेकिन मुझे नहीं पता था कि यहां पर लोग मेरे लिए इस कदर परेशान हैं। मुझे लगता था कि लोगों को मेरी परवाह नहीं है, लेकिन यहां के लोगों के प्यार देखकर मैं बहुत खुश हूं, मेरी आंखों में यह जानकर आंसू आ गए।होटल में जाने से पहले मैं काफी दिन से सोई नहीं थी। मैं ये जरूर मानती हूं कि मुझसे लापरवाही हुई है। मैंने अश्मित को फोन किया था, अपनी अम्मी को फोन किया था, अपने मैनेजर प्रतीक को भी फोन किया था लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी, इसलिए मुझे पता नहीं था कि मेरे होटल मैं पिछले कई दिनों से परेशानी में थी। मुझे और मेरे परिवार को लेकर कई तरह की चीजें कही गईं। मेरे अब्बू थोड़े नाराज थे जिस कारण मैं बहुत डिप्रेस थी। इसी तनाव के कारण मैं सीधे होटल पहुंच गई थी। खैर इन सारी बातों के पिछे विना को भी कारण बताएं लेकिन उनके अचानक ही लापता हो जाने के चलते उन्हें पब्लिसिटी तो बहुत मिल गई है। में इस तरह सो जाने से ऐसा हंगामा होगा।

मैं रेस्ट कर रही थीः वीना मलिक

Saturday, December 17, 2011

अब एम् एन एस दूध भी बेचेगी
निज़ामाबाद| देश क़ी औधोगिक राजधानी मुम्बई में अब महाराष्ट्र नव निर्माण सेना उत्तर भारतीयों के दूध के धंधे में चोट करने के उद्देश्य से स्वयं दूध बेचने का मान बना लिया है |किसका सीधा सा अर्थ यह भी निकला जा सकता है कि एम्.एन.एस अब महाराष्ट्र में राजनीति के बजाय रोजगार में लग रही है|लगे भी क्यों आखिर पार्टी भी तो चलानी है भाई ? मुम्बई से जो खबरें रही है उसके मुताबिक राज ठाकरे की पार्टी ने मुंबई के आसपास के इलाकों में अपनी पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दूध के कारोबार में उतारने की सहकारिता योजना तैयार की है। दूध के ब्रैंड का नाम होगा 'मुंबई दूध- स्वाद महाराष्ट्र का'
जाहिर है कि मराठियों को इस दूध के प्रति आकर्षित करने के लिए ही ब्रैंड के साथ में टैग लाइन जोड़ी गई है- स्वाद महाराष्ट्र का। राज ठाकरे के करीबी दो एमएनएस नेताओं सुनील बसाखेत्रे और राजन गावंड ने मिलकर यह योजना तैयार की है। इसके लिए मुंबई नैचुरल डेयरी फूड्स ऐंड बेवरेजेज नाम की एक नई कंपनी भी बनाई गई है। इस स्कीम को सफल बनाने का जिम्मा एमएनएस के रोजगार शाखा पर होगा।
एमएनएस के निशाने पर जोगेश्वरी, गोरेगांव, बोरीवली और मलाड के साथ-साथ शहर के पड़ोसी इलाकों में चल रहे हिंदी भाषियों के तबेले हैं। इसके जरिए मुंबई के अलावा नजदीकी इलाकों ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, अंबरनाथ और पनवेल आदि में भी दूध बेचने की योजना है।
मुंबई दूध बेचने के लिए डिस्ट्रिब्यूटर और हॉकरों की नियुक्ति की पहली शर्त उसका महाराष्ट्र का मूल नागरिक होना है। यही नहीं पार्टी दूध की खरीद भी सिर्फ मराठी लोगों से ही करेगी।

Friday, December 16, 2011

अयोध्या,रामलला


गिरते तापमान के बीच
रामलला के दर्शन दुर्लभ

अयोध्या, लगातर गिरते तापमान ने रामलला के दर्शनार्थियों की राह की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कारण लंबे व घुमावदार मार्ग पर उन्हें ठंड से राहत दिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में चेकिंग के नाम दर्शन यात्रा में जगह-जगह व्यवधान दुश्वारियों को और बढ़ा देता है।रामनगरी के संतों-महंतों के अलावा दक्षिण-पश्चिम भारत से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु रामलला के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण पहले तो श्रद्धालुओं के वाहनों का नगर में प्रवेश ही कठिनाई से होता है। इसके बाद रामलला के दर्शन मार्ग पर प्रतिबंधों के कारण बीमार व वयोवृद्ध श्रद्धालुओं को हनुमानगढ़ी मंदिर के आगे पैदल ही जाना पड़ रहा है। अमावां मंदिर के सामने स्थित स्क्रीनिंग एक्सरे मशीन से लेकर रंगमहल बैरियर तक दर्शनार्थियों को पंक्तिबद्ध होकर रामलला के दर्शन मार्ग पर प्रवेश के लिए कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसके आगे सुरक्षा पोस्ट व जिग-जैक के घुमावदार मार्ग का सफर आस्था की इस राह को दुरुह बना रहा है।

हालत यह है कि मौसम की बदमिजाजी व चेकिंग की झंझट रामलला की चौखट तक पहुंचते-पहुंचते दर्शनार्थियों के भक्ति भाव को झकझोर कर देती है। दशरथ महल के महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य रामलला के दर्शनार्थियों की इस पीड़ा को लेकर मर्माहत हैं। वह कहते हैं कि हजारों किलोमीटर दूर से रामलला का दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हर आवश्यक सुविधाएं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुरूप श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाई जाएं। साथ ही दर्शन मार्ग से पहले व रामलला के दर्शन के बाद ठंडक से बचने व विश्राम की उचित व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए।अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष व सनकादिक आश्रम के महंत कन्हैया दास का कहना है कि रामलला के श्रद्धालुओं को हज यात्रियों की तरह सुविधा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सभी धर्म के लोग एक समान है। रामलला के श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव तत्काल बंद कर उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।


वीना मलिक

वीना मलिक लापता, मोबाइल भी बंद
निज़ामाबाद |मुंबई से खबर रही है कि हाल ही में पुरुषों की मैगजीन एफएचएम इंडिया में न्यूड फोटो पोज देकर सनसनी मचाने वाली पाकिस्तानी ऐक्ट्रेस वीना मलिक का पिछले 24 घंटे से कोई सुराग नहीं है। वह शुक्रवार सुबह मंबई के गोरेगांव में शूटिंग खत्म करने के बाद से ही लापता हैं। वीना के गायब होने की खबर पुलिस को दे दी गई है। हालांकि , अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। वह इन दिनों डायरेक्टर हेमंत मधुकर की फिल्म ' मुंबई 125 किलोमीटर ' की फिल्म में काम कर रही हैं। शुक्रवार की सुबह भी वह इस फिल्म की शूटिंग में गोरेगांव लोकेशन पर पहुंची थी। शूट खत्म होने के बाद सुबह 6 बजे उन्होंने अपने मैनेजर को फोन किया लेकिन तब बात नहीं हो सकी। इसके बाद से वीना का मोबाइल आउट ऑफ रीच है। हेमंत ने एक न्यूज चैनेल को बताया , ' वीना पिछले दो दिनों से कुछ मायूस थीं। उन्होंने शूटिंग खत्म करने के बाद मुझे एक एसएमएस भी भेजा था। एसएमएस में वीना ने माफी मांगते हुए कहा कि वह इन दिनों ठीक शॉट नहीं दे पा रही हैं। ' हेमंत का कहना है कि उन्होंने वीना को पलटकर फोन किया तो उनकी बात नहीं हो सकी। हेमंत ने एक न्यूज चैनेल को बताया , ' वीना पिछले दो दिनों से कुछ मायूस थीं। उन्होंने शूटिंग खत्म करने के बाद मुझे एक एसएमएस भी भेजा था। एसएमएस में वीना ने माफी मांगते हुए कहा कि वह इन दिनों ठीक शॉट नहीं दे पा रही हैं। ' हेमंत मुताबिक उन्होंने वीना को पलटकर फोन किया तो उनकी बात नहीं हो सकी। वीना ड्रामा क्वीन के रूप में मशहूर हैं। विवादों में रहकर पब्लिसिटी बटोरने में वह माहिर मानी जाती हैं। वह जल्द ही एक रिऐलिटी शो में स्वयंवर भी रचाने वाली हैं। लिहाजा कुछ लोग इसे पब्लिसिटी स्टंट के तौर पर भी देख रहे हैं।हालांकि , चिंता करने वाली बात यह है कि वीना से पहले पाकिस्तानी अदाकारा लैला खान भी गायब हो चुकी हैं। 10 महीने से उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। हाल ही में जम्मू से लैला की कार बरामद हुई है।






अब समय गया है कि बैतूल
के भी भाग्य का फैसला हो जाए
बैतूल,(रामकिशोर पंवार): जबसे बालाघाट को छत्तिसगढ़ राज्य में शामिल करने की वकालत शुरू हुई है तबसे बैतूल जिले के भी भाग्य के फैसले पर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार को विचार करना चाहिए। बैतूल जिले की मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार की जा रही उपेक्षा के एक नहीं सैकड़ो प्रमाण बताए जा सकते है। कभी सीपीएण्ड बरार स्टेट का अंग रहे बैतूल जिले का एतिहासिक एवं पौराणिक लगाव विदर्भ राज्य से रहा है। विदर्भ के राजा विराट के साले कीचक द्वारा बनाया गया अस्तबल एवं व्यायाम शाला कीचकधरा में थी जो कि वर्तमान में बैतूल जिले एवं महाराष्ट्र के सीमवार्ती जिले अमरावति की सीमा पर स्थित है जिसे चीकलधरा के नाम से पुकारा जाता है। विदर्भ की राजकुमारी दमयंती एवं राजा नल की कहानी बैतूल जिले में स्थित मासोद के तालाब से आज भी बयां होती है। पाडंव ने अपना अज्ञातवास बैतूल जिले के सालबडऱ्ी क्षेत्र की गुफाओं में काटा है। इस स्थान से ठहराव के बाद पाडंव कीचकधरा गए थे। जहां पर विदर्भ के राजा विराट के साजे कीचक का वध भीम ने किया था। बैतूल जिले की आबहवा एवं रहन सहन तथा पहनावा विदर्भ संस्कृति से मिलता - जुलता है। यहां पर खेती से लेकर अन्य सभी धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां विदर्भ से मिलती - जुलती है। इस जिले में विदर्भ के संतो एवं महात्माओं का आम जनमानस पर गहरा प्रभाव रहा है। बैतूल जिले में अखंड भारत का केन्द्र बिन्दु है। यहां पर सूर्यपुत्री मां ताप्ती एवं चन्द्रपुत्री मां पूर्णा का जन्मस्थान है। यहां पर कुरूवंश के संस्थापक राजा कुरू की मां ताप्ती एवं पिता राजा सवरण का मिलन भी हुआ था। बैतूल जिले का विदर्भ से लगाव के पीछे मध्यप्रदेश सरकार की जिले के प्रति लगातार उपेक्षा प्रमुख कारण रही है। प्रदेश सरकार बैतूल जिले को अपना अंग नहीं मानती है इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि प्रदेश गान में सभी पर्वतो नदियो का उल्लेख किया गया है लेकिन सतपुड़ाचंल में बसे बैतूल की पर्वतमाला सतपुड़ा एवं जिले की प्रमुख पवित्र नदियो ताप्ती एवं पूर्णा का जिक्र तक नहीं है। पर्यटन विभाग एवं लोक संस्कृति विभाग द्वारा बनाया गया हमारा मध्यप्रदेश एवं पर्यटन विभाग के गीतो एवं वीडियो में बैतूल जिले के जंगलो से लेकर पर्यटन स्थलो तक की उपेक्षा की गई है। उस स्थान को भी प्रदेश सरकार अपने यशागान में भूल गई जहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री इको टूरिज्म का नाम देते है। कुकरू की हसीन वादियो से लेकर बैतूल जिलें के गोण्ड राजाओं के इतिहास तथा बैतूल जिले में आजादी के आंदोलन एवं उसके पूर्व के सभी एतिहासिक तथ्यो को नजर अंदाज करने का प्रयास किया गया है। जिले में मौजूद से पारस पत्थर की कहानी से लेकर गुरू नानक देव के मां ताप्ती की जन्मस्थली में ठहरने की गाथा को भी सरकार इस कदर भूली है कि अब जिले के लोगो को लगने लगा है कि ऐसे प्रदेश से जुडऩे से क्या फायदा जो उसे अपना अंग ही नहीं मानता है। भारत वर्ष में छोटे-छोटे पृथक राज्यों की मांग कर रहे विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने मिलकर नेशनल फेडरेशन बनाया जिसका नाम नेशनल फेडरेशन फॉर न्यू स्टेट्स रखा गया. हाल ही में दिल्ली के कन्च्यूशनल क्लब में इसी संस्था के बैनर तले आन्ध्र प्रदेश से तेलंगाना, बंगाल से गोरखा, महाराष्ट्र से विदर्भ उत्तर प्रदेश से बुंदेलखंड, ब्रज प्रदेश (पश्चिमी उत्तर प्रदेश), अवध और पूर्वांचल के प्रतिनिधियों ने एक साथ मिलकर अपने -अपने पृथक राज्यों की मांग को लेकर अपनी-अपनी आवाज बुलंद की जिसमें तेलंगाना से पी निरुप रेड्डी, गोरखा से मनीष गतांक श्रीमती दिल कुमारी भंडारी (पूर्व सांसद ) ,विदर्भ से अनिल जी (विधायक) , बुंदेलखंड से राजा बुंदेला , ब्रज प्रदेश से डा0. के .एस.राना , दुर्ग विजय सिंह भैया , अशोक शर्मा , अवध से मार्कंडेय प्रसाद सिंह और पूर्वांचल से डा0.संजयन त्रिपाठी, अशोक चौबे, मनोज भावुक कुलदीप श्रीवास्तव के प्रतिनिधित्व में सैकड़ों बुद्धिजीवियों , समाजसेवियों , साहित्यकारों , कलाकारों पत्रकारों ने शिरकत किया और अपने- अपने विचार रखे। बैतूल जिले में भी पृथक विदर्भ राज्य की मांग में जिले को शामिल करने की मांग की सुगबहाट शुरू हो गई है। बैतूल जिले का राजनैतिक इतिहास देखा जाए तो जिले के पहले लोकसभा सदस्य भीखूलाल चांडक विदर्भ क्षेत्र से थे जो इंडियन नेशनल कांग्रेस से 1951 में लोकसभा सदस्य चुने गए। बैतूल जिले की राजनैतिक गतिविधियो में विदर्भ के नेताओ का जिले में काफी हस्तक्षेप रहा है। जिले का अधिकांश कारोबार एवं रोजगार नागपुर से जुड़ा हुआ है। जिले के सभी रेल्वे स्टेशन सेंट्रल रेल्वे नागपुर डिवीजन एवं जिले की कोयला खदाने वेस्टर्न कोल फिल्ड नागपुर से संबधित रही है। जिले में सक्रिय मां ताप्ती जागृति मंच बैतूल ने विदर्भ के शेर कहे जाने वाले विदर्भ वीर जामंतराव धोटे के द्वारा शुरू की गई मांग को अपना समर्थन देकर आने वाले समय में इसे जनआन्दोलन का रूप देने की मुहीम शुरू कर दी है।