Saturday, December 10, 2011


मुख्य मंत्री रेड्डी के खिलाफ दायर
याचिका वापस ली विधायक चारी ने

नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर एन किरण कुमार रेड्डी के बने रहने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका, पिछले सप्ताह उनके विश्वास मत हासिल करने के बाद विधायक एस वेणुगोपाल चारी द्वारा वापस ले ली गई।न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और दीपक मिश्र की पीठ ने अधिवक्ता सतीश गल्ला को इस आधार पर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी कि विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर रेड्डी की जीत के संदर्भ में यह याचिका निर्थक हो गई है। पूर्व में चारी ने इस आधार पर रेड्डी के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को चुनौती दी थी कि कांग्रेस के 79 विधायकों ने तेलंगाना और वाइएसआर कांग्रेस को समर्थन के मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया है इसलिए कांग्रेस सदन में बहुमत खो चुकी है।आदिलाबाद से तेलंगाना राष्ट्र समिति के विधायक चारी ने अपनी विशेष अनुमति याचिका के जरिये आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के 14 नवंबर के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश के तहत इस मुद्दे पर उनकी याचिका खारिज कर दी थी।याचिका में तर्क दिया गया था कि 294 सदस्यीय विधानसभा में तेलंगाना मुद्दे और दिवंगत मुख्यमंत्री वाइ एस राजशेखर रेड्डी के पुत्र वाइ जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली, बागियों की वाइएसआर कांग्रेस को समर्थन के मुद्दे पर कांग्रेस के कई विधायक इस्तीफा दे चुके हैं और राज्य सरकार बहुमत खो चुकी है। इसमें यह भी कहा गया था कि 30 अक्तूबर को 79 विधायकों के इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबित थे और सात विधायकों (कांग्रेस के चार, तेदेपा के दो तथा पीआरपी के एक) को अयोग्य घोषित करने संबंधी याचिकाएं भी लंबित थीं।चारी ने याचिका में यह भी कहा कि हालांकि किरण कुमार रेड्डी सदन में बहुमत खो चुके हैं लेकिन मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देसम पार्टी कोई अविश्वास प्रस्ताव लाने की इच्छुक नहीं हैं। टीआरएस ऐसा प्रस्ताव लाने के लिए आवश्यक विधायकों की संख्या न होने की वजह से प्रस्ताव नहीं ला सकती। साभार


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