Tuesday, December 6, 2011

कार्ड एक ,घूमिये कहीं भी - कभी भी

नई दिल्ली। ट्रेन से निकलते ही बस पकड़िए और बस छोड़ते ही मेट्रो। न टिकट लेने की किचकिच और न कोई फिक्र करने की जरूरत। सिर्फ एक कार्ड लें और पूरे देश में कहीं भी बिना रोकटोक यात्रा का लुत्फ उठाएं। ये सब कुछ बहुत जल्द होता दिखेगा।सार्वजनिक परिवहन को इस्तेमाल करने वालों की यात्रा को सुगम बनाने के इरादे से सरकार ने एक बहुउद्देश्यीय यात्रा कार्ड पेश किया है। इसका इस्तेमाल किराए के भुगतान के अलावा पार्किंग शुल्क और टोल टैक्स अदा करने में भी किया जा सकेगा।शहरी विकास मंत्रालय ने मंगलवार को 'राष्ट्रीय साझा गतिशीलता कार्ड [नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी एनसीएमसी] पेश किया है। इसका नाम राष्ट्रीय पक्षी के नाम पर 'मोर' रखा गया है।शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने एनसीएमसी को पेश करते हुए कहा कि इससे बेहतर परिवहन सेवा प्रदान करने में मदद मिलेगी। देश में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निजी सार्वजनिक भागीदारी [पीपीपी] पर जोर दिया जाएगा, ताकि व्यवस्थित ढंग से अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाए जा सकें। एनसीएमसी के लिए देश भर में किराया वसूलने संबंधी प्रणाली विकसित करनी होगी। इसके लिए शहरी विकास सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। शहरी विकास मंत्रालय की यूटीआइ इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लिमिटेड [आईटीएसएल] ने इस कार्ड से जुड़ी सेवा को विकसित किया है।मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि एनसीएमसी को पूरी तरह से अमल में आने में अभी पांच साल का वक्त लगेगा। इसे लाने का उद्देश्य देश में एकल परिवहन प्रणाली स्थापित करने के साथ ही यात्रियों को निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करना है। इस यात्रा कार्ड का नाम हिंदी में 'मोर' तो रखा गया है, लेकिन अंग्रेजी में इसका मतलब 'अधिक' से है। अंग्रेजी में यह नाम इस संदेश को पहुंचाएगा कि यात्री जितना अधिक इस कार्ड का उपयोग करेंगे, उतना ज्यादा फायदे में रहेंगे।

इस योजना में रेल मंत्रालय से भी मदद ली जाएगी। इसके जरिए राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्ड का वित्तपोषण आंशिक तौर पर सरकार जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण योजना [जेएनएनयूआरएम] के तहत करेगी।

कैसे करेगा काम

-यह कार्ड बस में कंडक्टर द्वारा रीचार्ज किया जा सकेगा। बस के प्रवेश व निकास द्वार पर कार्ड पंचिंग मशीन लगी होगी। उतरते समय कार्ड पंच करने पर किराए की राशि इससे काट ली जाएगी। इसकी व्यवस्था और मॉनीटरिंग एकल खिड़की प्रणाली के जरिए की जाएगी।

कब होगा लागू

-अगले साल मार्च से यह सेवा जयपुर में शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी के लोग भी इसका फायदा उठा सकेंगे। बेंगलूर और भोपाल के नगर निगमों ने भी इसको लेकर तैयारी कर ली है। देश के प्रमुख शहरों में इसे पांच साल में लागू कर दिया जाएगा।

साभार

No comments:

Post a Comment