Friday, December 16, 2011

अयोध्या,रामलला


गिरते तापमान के बीच
रामलला के दर्शन दुर्लभ

अयोध्या, लगातर गिरते तापमान ने रामलला के दर्शनार्थियों की राह की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कारण लंबे व घुमावदार मार्ग पर उन्हें ठंड से राहत दिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में चेकिंग के नाम दर्शन यात्रा में जगह-जगह व्यवधान दुश्वारियों को और बढ़ा देता है।रामनगरी के संतों-महंतों के अलावा दक्षिण-पश्चिम भारत से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु रामलला के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण पहले तो श्रद्धालुओं के वाहनों का नगर में प्रवेश ही कठिनाई से होता है। इसके बाद रामलला के दर्शन मार्ग पर प्रतिबंधों के कारण बीमार व वयोवृद्ध श्रद्धालुओं को हनुमानगढ़ी मंदिर के आगे पैदल ही जाना पड़ रहा है। अमावां मंदिर के सामने स्थित स्क्रीनिंग एक्सरे मशीन से लेकर रंगमहल बैरियर तक दर्शनार्थियों को पंक्तिबद्ध होकर रामलला के दर्शन मार्ग पर प्रवेश के लिए कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसके आगे सुरक्षा पोस्ट व जिग-जैक के घुमावदार मार्ग का सफर आस्था की इस राह को दुरुह बना रहा है।

हालत यह है कि मौसम की बदमिजाजी व चेकिंग की झंझट रामलला की चौखट तक पहुंचते-पहुंचते दर्शनार्थियों के भक्ति भाव को झकझोर कर देती है। दशरथ महल के महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य रामलला के दर्शनार्थियों की इस पीड़ा को लेकर मर्माहत हैं। वह कहते हैं कि हजारों किलोमीटर दूर से रामलला का दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हर आवश्यक सुविधाएं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुरूप श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाई जाएं। साथ ही दर्शन मार्ग से पहले व रामलला के दर्शन के बाद ठंडक से बचने व विश्राम की उचित व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए।अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष व सनकादिक आश्रम के महंत कन्हैया दास का कहना है कि रामलला के श्रद्धालुओं को हज यात्रियों की तरह सुविधा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सभी धर्म के लोग एक समान है। रामलला के श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव तत्काल बंद कर उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।


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