Thursday, February 23, 2012

प्रायोजित खबर के लिए
समाचार पत्र को पाच लाख
बैतूल,(रामकिशोर पंवार):पेड न्यूज की तरह आजकल स्ट्रींग आपरेशन एवं प्रायोजित खबरो को परोसने के चक्कर में भोपाल के एक दैनिक समाचार पत्र को पांच लाख रूपए इस बात के लिए दिए कि उसने वह प्रायोजित खबर को छापी थी। अपनी ससुराल में तथाकथित शौचालय न होने के कारण शादी के तीसरे ही दिन ही एक महिला मायके चली गई और शौचालय बनने के बाद ही ससुराल लौटी। झीटूढाना की इस आदिवासी महिला अनीता नर्रे को दिल्ली से आए सुलभ इंटरनेशनल के मुखिया विंदेश्वर पाठक ने प्रायोजित सम्मान किया। इस अवसर पर उसे दो लाख रुपए की सम्मान राशि दी गई इसके अलावा दो लाख रुपए मकान और अन्य निर्माण के लिए दिए गए। सुलभ इंटरनेशनल ने बीबीसी में इस खबर को लेकर अपनी ओर से अनिता नर्रे को पांच लाख रूपए देने की घोषणा की थी लेकिन बाद में झीटूढाना में एक समारोह में अनीता नर्रे के घोषित राशी में कटौती करके उसका सम्मान किया गया। सुलभ इंटरनेशनल के प्रमुख बिन्देश्वर पाठक इस बात का कोई जवाब नहीं दे सके कि जब देश के केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम नरेश गांवो में सुलभ शौचालय की जगही मोबाइल की बाते करते है तब इस प्रायोजित स्टोरी का क्या औचित्य है। श्री पाठक ने मंत्री जी को ही खरी - खोटी सुना दी। जिला मुख्यालय से करीब 58 किमी दूर भीमपुर ब्लॉक के ग्राम झीटूढाना में कुछ गिने - चुने ग्रामीण और अनीता के परिजन के बीच श्री पाठक ने श्रीमति अनिता नर्रे को अपनी कंपनी सुलभ इंटरनेशनल का ब्राड एम्बेशेडर बनाने की बाते कहीं लेकिन उसके लिए महिला को क्या राशी दी जाएगी या उसके साथ कोई अनुबंध किया जाएगा इस सवाल का जवाब नहीं दे सके। यहां सुलभ संस्था के प्रमुख विंदेश्वर पाठक ने अनीता नर्रे को 2 लाख रुपए का ड्राफ्ट दिया। श्री पाठक ने कहा कि अनीता को 2 लाख रुपए अतिरिक्त दिए जा रहे हैं जिससे वह अपना घर और बाथरूम बना सके। उन्होंने बताया कि समग्र स्वच्छता अभियान के लिए मिसाल बनी अनीता नर्रे को अप्रैल माह में दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 5 लाख रुपए का पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाएगा। श्री पाठक ने कहा कि महिलाओं को जागरुक होना चाहिए। झीटूढाना में उन्होंने संस्था की ओर से बालिकाओं के स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत की ओर से कोइ भी अधिकारी मौजूद नहीं था। अनिता के परिजनो खासकर मायके एवं ससुराल वालो ने स्वीकार किया कि वे आज भी गांव में शौच के लिए बाहर जाते है। गांव में सुलभ शौचालय बन जाने के बाद भी गांव से बाहर शौच के लिए जाने की क्रिया को अनिता के परिजन अपनी दिनचर्या बताते है उनका कहना है कि गांव में घर - घर में सुलभ शौचालय खुल जाने के बाद भी लोग गांव के बाहर सुबह और शाम शौच के लिए जाते है। पत्रकारो के बार - बार टोकने पर श्री पाठक ने आखिर उस छुपे हुए रहस्य पर से पर्दा हटाते हुए स्वीकार किया कि इस प्रायोजित खबर के लिए दैनिक नवदुनिया भोपाल को पांच लाख रूपए सशर्त दिए जाएगें ताकि नवदुनिया उसमें से आधी रकम उस खबर को बनाने वाले संजय शुक्ला को आधी रकम दे साथ ही फोटोग्राफर को भी पच्चीस हजार रूपए दिए जाए। बैतूल आए सुलभ इंटरनेशनल के प्रमुख बिन्देश्वर पाठक ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री जयराम नरेश की नकारात्मक सोच के चलते कई उद्योग एवं परियोजनाओं का दम निकल गया इस बार भी वे शौचालय की तुलना मोबाइल से करके समग्र स्वच्छता अभियान का पलीता निकाल रहे है।

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